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परीक्षा सुधार पर पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, नंदन नीलेकणी के नेतृत्व में बनेगी हाई पावर्ड टास्क फोर्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा सुधारों के लिए नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में हाई पावर्ड टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया है।
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Updated: 26 Jul 2026, 8:43 PM IST
Narendra Modi
PM Narendra Modi (File Photo: IANS)

High Powered Task Force on Examination Reforms: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा सुधारों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर बताया कि सरकार ने इंफोसिस के सह-संस्थापक और तकनीकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में हाई पावर्ड टास्क फोर्स ऑन एग्जामिनेशन रिफॉर्म्स का गठन किया जाएगा।

यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर हुए आंदोलन के बाद केंद्र सरकार कई बड़े फैसले ले रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले आरोपी जेल में हैं और सरकार परीक्षा व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी तथा तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

नंदन नीलेकणी को मिली बड़ी जिम्मेदारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को भविष्य के अनुरूप बनाने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि नंदन नीलेकणी के नेतृत्व में गठित हाई पावर्ड टास्क फोर्स परीक्षा सुधारों पर काम करेगी और अपनी सिफारिशें सरकार को देगी। इन सिफारिशों के आधार पर आगामी परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में आगे कदम उठाए जाएंगे।

पीएम मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले आरोपी जेल में हैं। उन्होंने बताया कि सरकार पहले ही फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था कर चुकी है और संसद में सख्त कानूनी प्रावधानों वाला नया कानून भी लाया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब परीक्षा प्रणाली में तकनीक का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

36 दिन बाद खत्म हुआ CJP का आंदोलन

इस घोषणा से एक दिन पहले कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर चल रहा अपना 36 दिन पुराना आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया था। पार्टी ने कहा कि उसने सरकार के आश्वासन पर सद्भावना के तहत प्रदर्शन वापस लिया है। CJP का कहना है कि सरकार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया और परीक्षा सुधारों पर आगे कार्रवाई सहित उसकी प्रमुख मांगों को स्वीकार करने का आश्वासन दिया है। पार्टी ने यह भी कहा कि शिक्षा सुधारों से जुड़े अपने पांच सूत्रीय प्रस्ताव पर वह चार सप्ताह बाद सरकार के साथ फिर बैठक करेगी।

कौन हैं नंदन नीलेकणी?

नंदन नीलेकणी इंफोसिस के सह-संस्थापक और यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) के संस्थापक अध्यक्ष रह चुके हैं। वे डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। IIT बॉम्बे से स्नातक नीलेकणी को पद्म भूषण सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। वे G20 डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर टास्क फोर्स के सह-अध्यक्ष भी रह चुके हैं और डिजिटल गवर्नेंस तथा तकनीक आधारित सार्वजनिक प्रणालियों पर कई किताबें लिख चुके हैं।

कौन-कौन होंगे टास्क फोर्स के सदस्य?

परीक्षा सुधारों के लिए गठित इस हाई पावर्ड टास्क फोर्स में तकनीक, शिक्षा, अंतरिक्ष, सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े कई अनुभवी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। यह समिति परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए सरकार को सुझाव देगी। समिति के सदस्य इस प्रकार हैं:

  • नंदन नीलेकणि - तकनीक और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञ, इन्फोसिस के सह-संस्थापक (अध्यक्ष)
  • एस. सोमनाथ - पूर्व अध्यक्ष, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)
  • तपन डेका - पूर्व निदेशक, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB)
  • वी. कामकोटि - निदेशक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास
  • अनिता करवाल - पूर्व शिक्षा सचिव, भारत सरकार
  • अमृत लाल मीणा - रसद और प्रबंधन (Logistics) विशेषज्ञ

यह हाई लेवल कमेटी परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया, तकनीकी सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स, प्रशासनिक व्यवस्था और भविष्य की परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगी।

Updated on:
26 Jul 2026, 8:43 PM IST
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