Delimitation Row India: लोकसभा में महिला आरक्षण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष से समर्थन की अपील की और विरोध करने वालों को राजनीतिक नुकसान की चेतावनी दी। भाषण के दौरान उन्होंने अखिलेश यादव को मित्र बताया और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर जोर देते हुए संविधान को सर्वोपरि बताया।
Delimitation Bill 2026: लोकसभा में महिला आरक्षण को लेकर चर्चा के दौरान गुरुवार को माहौल कई बार गंभीर हुआ, तो कुछ पल ऐसे भी आए जब सदन में हल्की मुस्कान भी देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर बोलते हुए विपक्ष से साफ तौर पर समर्थन मांगा और साथ ही एक चेतावनी भरा संदेश भी दे दिया। उन्होंने कहा कि जो दल इस पहल का विरोध करेंगे, उन्हें आने वाले समय में राजनीतिक तौर पर नुकसान उठाना पड़ सकता है। पीएम मोदी का जोर इस बात पर था कि देश में महिलाओं की भागीदारी अब सिर्फ चर्चा का विषय नहीं रह गई है, बल्कि जमीनी स्तर पर यह हकीकत बन चुकी है।
इसी दौरान सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने बीच में कुछ कहना चाहा, जिससे कुछ सेकंड के लिए पीएम मोदी को रुकना पड़ा। लेकिन उन्होंने इसे भी सहज तरीके से संभाल लिया। उन्होंने हंसते हुए कहा कि मैं आपका आभारी हूं, आपने मेरी पहचान करा दी और फिर अपने सामाजिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि वे अति पिछड़े वर्ग से आते हैं। अपने भाषण के बीच उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए माहौल को थोड़ा हल्का कर दिया। मुस्कुराते हुए बोले कि अखिलेश उनके 'मित्र' हैं और कभी-कभी उनकी मदद भी कर देते हैं। यह सुनते ही सदन में हल्की हंसी गूंज गई और खुद अखिलेश यादव भी मुस्कुरा उठे।
पीएम मोदी ने सांसदों से अपील की कि इस मौके को राजनीति के चश्मे से न देखें। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक बिल नहीं है, बल्कि देश की शासन व्यवस्था को ज्यादा संवेदनशील और संतुलित बनाने की कोशिश है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि 'विकसित भारत' का मतलब सिर्फ सड़कों और इमारतों से नहीं है, बल्कि यह भी है कि समाज के हर वर्ग को बराबर हिस्सा मिले।
लोकसभा में भाषण के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल हम सभी की जिम्मेवारी है। जो लोग महिला आरक्षण बिल का विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि जिसने महिलाओं का विरोध किया उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ी।