23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जो लोग महिला आरक्षण बिल का विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी, लोकसभा में क्या बोले पीएम मोदी?

उन्होंने कहा कि राष्ट्र के जीवन में कुछ बड़े पल आते हैं उस समय समाज की मनोस्थिति एक मजबूत धरोहर तैयार कर देती हैं। मैं समझता हूं संसद के इतिहास में ये वैसे ही पल हैं।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Anurag Animesh

•

Updated: 16 Apr 2026, 4:17 PM IST

pm modi in loksbha

लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फोटो- ANI)

Delimitation Bill 2026: महिला आरक्षण समेत 3 विधेयकों पर पीएम मोदी ने अपनी बात रखी। उन्होंने इसे देश के लिए एक ऐतिहासिक मौका बताया। उनका कहना था कि कुछ पल ऐसे होते हैं जो आने वाले समय की दिशा तय करते हैं, और यह वही समय है। पीएम मोदी ने कहा कि इस तरह के फैसले कई साल पहले ही हो जाने चाहिए थे। अगर 25-30 साल पहले इस पर काम शुरू होता, तो आज तक यह पूरी तरह लागू हो चुका होता। उन्होंने भारत को 'मदर ऑफ डेमोक्रेसी” बताते हुए कहा कि हमारी लोकतांत्रिक यात्रा बहुत लंबी और समृद्ध रही है।

आधी आबादी को नीति बनाने की प्रक्रिया में शामिल करना जरुरत


अपने भाषण में उन्होंने खास जोर महिलाओं की भागीदारी पर दिया। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी को नीति बनाने की प्रक्रिया में शामिल करना सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत है। उनके मुताबिक, अब समय आ गया है कि महिलाएं सिर्फ वोट देने तक सीमित न रहें, बल्कि फैसले लेने की टेबल पर भी बराबरी से बैठें।

राजनीति के चश्मे से न देखें


पीएम मोदी ने सांसदों से अपील की कि इस मौके को राजनीति के चश्मे से न देखें। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक बिल नहीं है, बल्कि देश की शासन व्यवस्था को ज्यादा संवेदनशील और संतुलित बनाने की कोशिश है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि 'विकसित भारत' का मतलब सिर्फ सड़कों और इमारतों से नहीं है, बल्कि यह भी है कि समाज के हर वर्ग को बराबर हिस्सा मिले।

गांव-गांव की महिलाएं आज अपनी आवाज उठा रही हैं


उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए एक दिलचस्प बात कही। बोले, जब वे संगठन में काम करते थे, तब अक्सर चर्चा होती थी कि पंचायतों में आरक्षण देना आसान इसलिए होता है क्योंकि वहां बड़े पदों का खतरा नहीं होता। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। गांव-गांव की महिलाएं आज अपनी आवाज उठा रही हैं और सीधे निर्णय प्रक्रिया में शामिल होना चाहती हैं।

इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देना सही नहीं


विपक्ष पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पहले इस तरह के प्रयासों का विरोध करने वालों को जनता ने अच्छा जवाब दिया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस बार माहौल अलग है क्योंकि खुले तौर पर कोई विरोध नहीं कर रहा। उनका मानना है कि अगर सभी दल साथ आएंगे तो इसका फायदा किसी एक पार्टी को नहीं, बल्कि पूरे लोकतंत्र को मिलेगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देना सही नहीं होगा। देश की महिलाएं सिर्फ फैसले नहीं, बल्कि नेताओं की नीयत भी देख रही हैं। अगर नीयत में खोट हुई, तो जनता माफ नहीं करेगी।

देश को टुकड़ों में नहीं देखा जाएगा


पीएम मोदी ने यह भी बताया कि इस पर लंबे समय से चर्चा चल रही थी और कई विशेषज्ञों से राय ली गई। अब जो रास्ता निकाला गया है, वह संतुलित है और किसी के साथ अन्याय नहीं करेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश को टुकड़ों में नहीं देखा जाएगा, बल्कि एक इकाई के रूप में ही फैसले होंगे, चाहे कश्मीर हो या कन्याकुमारी।

महिला आरक्षण बिल का विरोध ठीक नहीं


लोकसभा में भाषण के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल हम सभी की जिम्मेवारी है। जो लोग महिला आरक्षण बिल का विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि जिसने महिलाओं का विरोध किया उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ी।

क्रेडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं


अपने भाषण के आखिर में उन्होंने एक तरह से विपक्ष को खुला ऑफर भी दे दिया। उन्होंने कहा कि अगर किसी को क्रेडिट चाहिए, तो वह भी लेने के लिए तैयार हैं। हम सब मिलकर इसे पास करें, नाम आपका भी जुड़ जाएगा,' इस अंदाज में उन्होंने माहौल हल्का करने की कोशिश की।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग