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PM Modi का स्वामी विवेकानंद से क्या है ‘नरेंद्र’ कनेक्शन, मोदी ने योग साधना के लिए क्यों चुना विवेकानंद रॉक?

PM Modi Meditation: लोकसभा चुनाव प्रचार खत्म करने का बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को कन्याकुमारी स्थित विवेकानंद रॉक मेमोरियल पहुंचे। यहां सबसे पहले उन्होंने भगवती अम्मन मंदिर में प्रार्थना की। उसके बाद पीएम मोदी ने शाम करीब 6.75 बजे ध्यान साधना शुरू की। आइए जानते हैं PM मोदी ने विवेकानंद रॉक मेमोरियल जाना ही क्यों चुना-

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PM Modi In Meditation

PM Modi Meditation: लोकसभा चुनाव प्रचार खत्म करने का बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को कन्याकुमारी स्थित विवेकानंद रॉक मेमोरियल (Vivekananda Rock Memorial) पहुंचे। यहां सबसे पहले उन्होंने भगवती अम्मन मंदिर में प्रार्थना की। उसके बाद पीएम मोदी ने शाम करीब 6.75 बजे ध्यान साधना शुरू की। पीएम मोदी की ये ध्यान साधना 45 घंटे तक चलेगी औऱ शनिवार 1 जून शाम को पूरी होगी। लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) के आखिरी और सातवें चरण के लिए 1 एक जून को मतदान होना है। इसी बीच पीएम नरेंद्र मोदी अंतिम चरण के मतदान से पहले गुरुवार, 30 मई की शाम को तमिलनाडु के कन्याकुमारी के दौरे पर पहुंचे जहां प्रधानमंत्री विवेकानंद रॉक मेमोरियल में 45 घंटे के ध्यान में लीन हो गए।

विवेकानंद रॉक मेमोरियल, कन्याकुमारी 

स्वामी विवेकानंद ने यहीं से देखा था 'विकसित भारत' का सपना

कन्याकुमारी वही स्थान है जहां से स्वामी विवेकानंद को भारत माता के दर्शन हुए थे। इस चट्टान का स्वामी विवेकानंद के जीवन पर बड़ा प्रभाव पड़ा था। मान्यता है कि जैसे सारनाथ गौतम बुद्ध के जीवन में विशेष स्थान रखता है, वैसे ही यह शिला स्वामी विवेकानंद के जीवन में भी खास स्थान रखती है। स्वामी विवेकानंद देश भर में घूमने के बाद यहां पहुंचे और तीन दिनों तक ध्यान कर और उन्होंने 'विकसित भारत' का सपना देखा था।

सूर्य को अर्घ्य देते हुए पीएम मोदी।

PM मोदी ने क्यों चुना विवेकानंद रॉक मेमोरियल

चेन्नई के मायलापुर में श्री रामकृष्ण मठ की 125वीं वर्षगांठ के दौरान, पीएम मोदी ने कहा था कि उनकी सरकार का दर्शन स्वामी विवेकानंद से प्रेरित है। ऐसे में यह कहीं न कहीं चुनावी प्रतिबद्धता दिखाता है। वहीं इसे लेकर धार्मिक मान्यता है कि देवी पार्वती ने यहीं एक पैर पर भगवान शिव की प्रतीक्षा की थी। मान्यताएं है बीजेपी के धर्म के पक्ष को मजबूत करती है। यह हिंद महासागर, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर का मिलन बिंदु भी है। इसके अलावा यह जगह भारत का सबसे दक्षिणी छोर है और वही स्थान है, जहां भारत की पूर्वी और पश्चिमी तट रेखाएं मिलती हैं। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि चुनावी मौसम में ऐसा स्थान चुनना यह दिखाता है कि दक्षिण में परिणाम बीजेपी के लिए कितने अहम हैं। आपको बता दें कि स्वामी विवेकानंद जी के बचपन का नाम भी 'नरेंद्र' था।

PM Modi in Vivekananda Rock Memorial.

2014 से बरकरार है ये सिलसिला

ऐसा पहली बार नहीं है जब नतीजों से पहले पीएम मोदी ने आध्यात्मिक यात्रा की हो बल्कि 2014 से ये सिलसिला बरकरार है। पीएम ने 2019 के लोकसभा चुनाव परिणामों से पहले, उत्तराखंड में केदारनाथ के पास एक पवित्र गुफा में ध्यान लगाया था जबकि 2014 में वो शिवाजी के प्रतापगढ़ में ध्यान के लिए गए थे।

Vivekananda Rock Memorial in Kanyakumari

विवेकानंद रॉक की खासियत

  • - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह रहे एकनाथ रानडे ने विवेकानंद शिला पर विवेकानंद स्मारक मंदिर बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
  • - विवेकानंद रॉक तमिलनाडु के कन्याकुमारी में समुद्र में स्थित एक फेमस टूरिस्ट स्पॉट है। यह जमीन तट से करीब 500 मीटर अंदर समुद्र में दो चट्टानों के ऊपर बना है।
  • - 2 सितंबर 1970 को भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. वीवी गिरि ने स्मारक का उद्घाटन किया था। उद्घाटन समारोह 2 महीने तक चला।
  • - अप्रैल में पड़ने वाली चैत्र पूर्णिमा पर यहां चन्द्रमा और सूर्य दोनों एक साथ आमने-सामने दिखाई देते हैं। इस स्मारक का प्रवेश द्वार अजंता और एलोरा गुफा मन्दिरों के समान है जबकि इसका मण्डपम बेलूर (कर्नाटक) के श्री रामकृष्ण मन्दिर के जैसा है।
Updated on:
31 May 2024 01:08 pm
Published on:
31 May 2024 12:53 pm
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