मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच फरवरी के अंत से जारी युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार शाम मुख्य सचिवों और मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करीब दो घंटे तक बैठक की। बैठक का मुख्य मुद्दा मध्य पूर्व (वेस्ट एशिया) में चल रहे संघर्ष और उसके भारत पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की तैयारियों की समीक्षा था।
बैठक में पीएम मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया कि देश में किसी भी प्रकार का लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। अफवाहों पर लगाम लगाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार 'टीम इंडिया' के स्पिरिट में केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय बनाकर चुनौतियों का सामना करेगी। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी लॉकडाउन की अफवाहों को जिम्मेदारहीन और हानिकारक बताते हुए खारिज कर दिया।
मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच फरवरी के अंत से जारी युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है। बैठक में ईंधन, एलपीजी, खाद्य सुरक्षा, सप्लाई चेन और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। केंद्र सरकार ने राज्यों को कमर्शियल एलपीजी आवंटन 20 प्रतिशत बढ़ाकर पूर्व-संक्रमण मांग का 70 प्रतिशत कर दिया है।
पीएम मोदी ने राज्यों से कहा कि वे स्थानीय स्तर पर स्थिति की निगरानी करें और केंद्र के साथ मिलकर काम करें। चुनाव वाले कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के कारण बैठक में शामिल नहीं हुए। सरकार का जोर है कि क्रूड ऑयल की सप्लाई में कोई कमी नहीं है और जनता को घबराने की जरूरत नहीं। यह बैठक कोविड-19 के समय जैसी 'टीम इंडिया' की भावना को दोहराती है।