
पश्चिम एशिया/मिडिल ईस्ट संकट में फिर से उबाल आने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गुरुवार को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की चौथी विशेष मीटिंग की अध्यक्षता कर हालात की समीक्षा की। इस मीटिंग में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, हरदीप सिंह पुरी और पीयूष गोयल भी मौजूद रहे।
कैबिनेट सचिव ने सीसीएस को मौजूदा जियो-पॉलिटिकल स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने LNG/LPG और खाद सहित पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि LPG की खरीद के स्रोतों में पहले ही विविधता लाई जा चुकी है और प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादों का कुल स्टॉक और आपूर्ति की स्थिति पर्याप्त बनी हुई है। कच्चे तेल की पर्याप्त उपलब्धता के कारण सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज (CPSE) की रिफाइनरियाँ 100% से ज़्यादा क्षमता पर काम कर पा रही हैं, जिससे पेट्रोल, डीज़ल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन लगातार जारी है। पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन का विस्तार करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप PNG कनेक्शन में काफी वृद्धि हुई है। सरकार नेशनल गैस ग्रिड के विस्तार, LNG आयात और रीगैसीफिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विस्तार और पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर ऑर्डर, 2026 के तहत समयबद्ध पाइपलाइन और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की मंजूरी के माध्यम से LPG के औद्योगिक प्रतिस्थापन (इंडस्ट्रियल सब्स्टिट्यूशन) को भी बढ़ावा दे रही है। पीएम मोदी ने भी साफ कर दिया कि देश में पेट्रोल-डीज़ल, गैस और खाद की कमी नहीं होगी।
मीटिंग के दौरान आने वाले रबी सीज़न के लिए खाद की ज़रूरतों का आकलन किया गया और खाद के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई। पीएम मोदी ने कहा कि खाद की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय किए जाएं।
संघर्ष वाले क्षेत्रों में घरेलू और विदेशी-ध्वज वाले जहाजों पर काम कर रहे भारतीय नाविकों की स्थिति पर भी चर्चा की गई। पीएम मोदी ने नाविकों और उनके परिवारों को समय पर जानकारी, आपातकालीन सहायता और काउंसलिंग प्रदान करने के लिए एक तंत्र स्थापित करने का निर्देश दिया।
पीएम मोदी ने सीसीएस की इस मीटिंग में कहा कि नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों (इंडियन डायस्पोरा) को इस संघर्ष के प्रभाव से बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए।
पीएम मोदी ने सीसीएस की इस मीटिंग में कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए सौर ऊर्जा और अन्य गैर-जीवाश्म-ईंधन आधारित स्रोतों सहित रिन्यूएबल एनर्जी स्रोतों पर जोर दिया जाना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि संकट से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार को एकजुट होकर काम करने का तरीका अपनाना जारी रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए उचित उपायों को तेज़ी से लागू करना सुनिश्चित करने के लिए सभी घटनाक्रमों की नियमित निगरानी हेतु एक एकीकृत और समन्वित तंत्र स्थापित किया जाना चाहिए।