आज दुनिया के हर कोने में भारतीयों का डंका बज रहा है। $130 अरब की विदेशी कमाई भेजने से लेकर बड़े-बड़े देशों की नीतियां तय करने तक, प्रवासी भारतीय हमारे देश के असली गौरव हैं।
Pravasi Bharatiya Divas 2026: आज का भारत सिर्फ अपनी भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है। वॉल स्ट्रीट की नीतियों से लेकर सिलिकॉन वैली के नवाचार तक, हर निर्णायक मंच पर भारतीय मेधा की मौजूदगी है। 9 जनवरी प्रवासी भारतीय दिवस, इसी ‘ग्लोबल इंडिया’ को सम्मान देने का अवसर है। करोड़ों प्रवासी भारतीय, जो भले ही देश से दूर हों, लेकिन अर्थव्यवस्था, कूटनीति और भारत की वैश्विक साख को मजबूती देने में सबसे आगे हैं। सवाल अब ‘ब्रेन ड्रेन’ का नहीं, बल्कि ‘ब्रेन पावर’ के सही उपयोग का है।
फोरसाइट मल्टीमीडिया ग्रुप व प्रकाशक, द साउथ एशियन टाइम्स की चेयरमैन कमलेश सी. मेहता ने कहा, भारतीय-अमरीकी प्रवासी आज हर महत्वपूर्ण क्षेत्र में अग्रणी हैं, जिनकी संपत्ति और विद्वता ने आधुनिक भारत के विकास को गहराई से प्रभावित किया है। अमरीका ने लाखों प्रतिभाओं को अवसर दिए और उनकी सफलता अंततः पूरे विश्व के कल्याण का माध्यम बनी है। आप एक भारतीय को भारत से दूर कर सकते हैं, पर उसके भीतर से भारत को नहीं। हम भारत और अमरीका दोनों से समान प्रेम करते हैं, दूसरों का ख्याल रखना हमारे डीएनए में है। बता दें कि कमलेश सी. मेहता, मूलतः ब्यावर (राजस्थान) की है, जो पिछले 40 वर्षों से न्यूयॉर्क में प्रतिष्ठित जौहरी हैं और भारतीय समुदाय की सशक्त आवाज हैं।)
वहीं मूलतः उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले शिव त्रिपाठी, जो पिछले 12 साल से दुबई में नौकरी करते हैं, ने कहा कि आज का प्रवासी केवल पैसा नहीं भेजता, वह सोशल मीडिया पर भारत का नैरेटिव भी सेट करता है। 'डिजिटल डायस्पोरा' दुनिया भर में भारत के सांस्कृतिक हितों और भू-राजनीतिक स्टैंड का बचाव करने वाला सबसे बड़ा सोशल मीडिया बेस बन गया है।