
रूस (Russia) से तेल की खरीद पर 100% टैरिफ वाले रूसी प्रतिबंध बिल (Russia Sanctions Bill) पर हस्ताक्षर करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इसे कानून बना दिया है। इससे भारत (India) समेत उन सभी देशों पर प्रभाव पड़ेगा जो रूस से तेल खरीदते हैं। इसका भारत में विरोध हो रहा है। इस मामले में अब विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह (Kirti Vardhan Singh) ने प्रतिक्रिया जाहिर की है।
रूसी प्रतिबंध बिल के कानून बनने पर भारत पर इसके पड़ने वाले प्रभाव के मामले पर बयान देते हुए कीर्तिवर्धन ने कहा, "हमारी सरकार के लिए भारत के लोग सबसे ज़्यादा ज़रूरी हैं। भारत की प्राथमिकता हमारे लोग हैं। हम ऐसे सभी कदम उठाएंगे जिनसे हमारी जनता को फायदा हो। हम अपने देश और यहाँ के लोगों की मज़बूती और स्थिरता पक्की करने के लिए ठोस कदम उठाएंगे। हमारी विदेश नीति स्वतंत्र है। हम दूसरे देशों के कहने पर कोई फैसला नहीं लेते, बल्कि अपने देश के फायदे को ध्यान में रखकर काम करते हैं। हमने हमेशा कहा है कि लगाए जा रहे टैरिफ गलत हैं और हम किसी दूसरे देश के दबाव में काम नहीं करते। ऊर्जा हमारे लिए एक अहम मुद्दा है। हम अपने देश और लोगों के लिए ऊर्जा वहीं से लेंगे जहाँ हमें कमर्शियल तौर पर फायदेमंद और सस्ते विकल्प मिलेंगे।"
भारत पहले भी कई मौकों पर साफ कर चुका है कि वो किसी के दबाव में नहीं आएगा और जहाँ से उसे कम कीमत में तेल मिलेगा, वहाँ से खरीदेगा। पहले भी ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया था जिसमें से 25% बेस टैरिफ था और 25% रूसी तेल की खरीद पर। बाद में ट्रंप ने रूसी तेल की खरीद पर लगाए टैरिफ को हटा दिया था और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सभी देशों पर लगाया गया बेस टैरिफ भी रद्द कर दिया गया। हालांकि इसके बाद ट्रंप ने 10% ग्लोबल टैरिफ की घोषणा कर दी थी और अब रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ की घोषणा कर दी है। भारत के अलावा इनमें चीन भी शामिल है।