
Gyanesh Kumar: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर जो घटनाक्रम सामने आ रहा है, वह केवल प्रशासनिक विवाद नहीं है, बल्कि संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। प्रियंका ने कहा कि इस मामले में विपक्ष एकजुट है और अगर चुनाव प्रक्रिया में जानबूझकर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
वायनाड दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में प्रियंका गांधी ने कहा कि उनकी तत्काल मांग है कि ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें। प्रियंका ने आरोप लगाया कि SIR से जुड़ा घटनाक्रम संविधान और लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने कहा कि अगर यह साबित होता है कि चुनाव प्रक्रिया के उल्लंघन की जानकारी होने के बावजूद उसे अनुमति दी गई, तो मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ मुकदमा चलना चाहिए। प्रियंका गांधी ने भाजपा पर मुख्य चुनाव आयुक्त का बचाव करने का आरोप लगाया।
इससे पहले प्रियंका मतदाता सूचियों से करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने की रिपोर्ट का भी जिक्र कर चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि अगर यह कार्रवाई गैरकानूनी साबित होती है तो यह लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ आपराधिक कृत्य होगा। उनका कहना था कि जो भी व्यक्ति जानबूझकर लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप करता है, उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं केसी वेणुगोपाल ने भी चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने CEC के खिलाफ बड़े विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी।
उन्होंने केंद्र सरकार से आरोपों पर जनता को जवाब देने की मांग की। वेणुगोपाल ने केरल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी का भी जिक्र किया और कहा कि ऐसे समय में उन्हें भी जवाब देना चाहिए। कांग्रेस नेताओं के बयान SIR को लेकर बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच आए हैं। वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि आंतरिक विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग सुझाव और टिप्पणियां संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग के अनुसार अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। इसके बावजूद कांग्रेस SIR और मतदाता सूचियों की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रही है।