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India Russia Defence: रूस का बड़ा डिफेंस ऑफर! Su-57 से S-500 तक, भारत के लिए खोला हथियारों का पूरा पिटारा

S-500 Air Defence System: Su-57 और S-500 के साथ रूस ने भारत के सामने रक्षा सहयोग का व्यापक रोडमैप रखा है। ‘सुपर सुखोई’ कार्यक्रम में रडार, इंजन और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर से जुड़े बड़े बदलाव प्रस्तावित हैं।
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Sep 12, 2026
Prime Minister Narendra Modi with the President of Russia, Vladimir Putin
India Russia Defence Deal: भारत को Su-57 से S-500 तक, रूस ने खोल दिया हथियारों का खजाना (फोटो सोर्स: ANI)

Deal Putin India Visit: रूस ने भारत के साथ रक्षा साझेदारी को अगले स्तर तक ले जाने की तैयारी कर ली है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नई दिल्ली यात्रा के दौरान मॉस्को ने लड़ाकू विमानों से लेकर मिसाइल डिफेंस तक कई बड़े प्रस्ताव सामने रखे हैं। इनमें Su-57 स्टील्थ फाइटर का भारत में संयुक्त उत्पादन और करीब 260 Su-30MKI विमानों को अत्याधुनिक ‘सुपर सुखोई’ में बदलने की योजना सबसे अहम मानी जा रही है। भारत की घटती फाइटर स्क्वाड्रन क्षमता के बीच इन प्रस्तावों का रणनीतिक महत्व बढ़ गया है।

नई दिल्ली में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मौजूदगी ने भारत-रूस रक्षा संबंधों पर एक बार फिर दुनिया का ध्यान खींचा है। द टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, मॉस्को भारत को कई महत्वपूर्ण रक्षा प्रणालियों और विमानों की पेशकश करने की तैयारी में है। रिपोर्ट का स्रोत रक्षा सूत्रों को बताया गया है, जबकि रूस की सरकारी समाचार एजेंसी Sputnik India ने भी Su-57 को भारत के लिए संभावित विकल्प बताया है।

India Russia Defence: Su-57 पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान का संयुक्त उत्पादन

रक्षा प्रस्तावों में सबसे अधिक चर्चा Su-57 पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान की है। रूस भारत के साथ इसके संयुक्त उत्पादन का प्रस्ताव आगे बढ़ा रहा है। भारत के लिए यह विकल्प इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि स्वदेशी AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) परियोजना को अभी समय लगेगा। इसके प्रोटोटाइप की पहली उड़ान 2029-30 के आसपास होने की संभावना बताई जा रही है। ऐसे में तत्काल भविष्य में अत्याधुनिक स्टील्थ क्षमता हासिल करने की जरूरत के बीच Su-57 पर नई चर्चा शुरू हुई है।

भारत पहले ही अमेरिकी F-35 को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर चुका है। ऐसे माहौल में रूस तकनीक हस्तांतरण, मिसाइल पैकेज और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी शर्तों के साथ Su-57 को आकर्षक बनाने की कोशिश कर सकता है। हालांकि, अंतिम सौदा भारत की परिचालन जरूरतों, लागत और तकनीकी हस्तांतरण की शर्तों पर निर्भर करेगा।

‘सुपर सुखोई’ कार्यक्रम: Su-30MKI बेड़े का आधुनिकीकरण

दूसरा बड़ा प्रस्ताव Su-30MKI बेड़े के आधुनिकीकरण का है। भारत के पास करीब 260 ऐसे विमान हैं। शुरुआती चरण में 84 विमानों को अपग्रेड करने की योजना पर चर्चा हो रही है। करीब 11 अरब डॉलर के ‘सुपर सुखोई’ कार्यक्रम में AESA रडार, आधुनिक एवियोनिक्स, बेहतर इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमता और नए इंजन जैसे बदलाव शामिल किए जा सकते हैं। इससे मौजूदा लड़ाकू विमानों की मारक क्षमता और सेवा-आयु दोनों बढ़ सकती हैं।

मिसाइल डिफेंस और अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों की पेशकश

मिसाइल डिफेंस के मोर्चे पर भी रूस ने विकल्पों की सूची लंबी कर दी है। S-400 की अतिरिक्त इकाइयों के साथ रूस भारत में इसके रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल यानी MRO सुविधा स्थापित करने का प्रस्ताव दे रहा है। इसके अलावा S-500, Pantsir-S1M, आधुनिक रडार और रणनीतिक पनडुब्बियों पर भी बातचीत संभावित है। S-500 की घोषित क्षमता S-400 से आगे बताई जाती है और इसकी मिसाइल-रोधी भूमिका इसे खास बनाती है।

इसके साथ करीब 300 R-37M लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की संभावित खरीद भी भारतीय वायुसेना की लंबी दूरी की हवाई मारक क्षमता को मजबूत कर सकती है। कुल मिलाकर, पुतिन की यात्रा के दौरान सामने आया रूसी पैकेज केवल हथियारों की खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्पादन, तकनीक और रखरखाव में साझेदारी बढ़ाने की दिशा में भी संकेत देता है।

Updated on:
12 Sept 2026 11:58 am
Published on:
12 Sept 2026 11:49 am