
पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को जेल में फोन सप्लाई करने का पर्दाफाश (फोटो सोर्स- ANI)
Prajwal Revanna: बेंगलुरु के परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में बंद और यौन उत्पीड़न के मामले में सजा काट रहे पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को अवैध रूप से मोबाइल फोन और सिम कार्ड मुहैया कराने का मामला सामने आया है। इस घटनाक्रम का खुलासा होने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस पूरे खेल में कैदियों, बिचौलियों और जेल कर्मचारियों की मिलीभगत थी। कर्नाटक पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए दो जेल अधिकारियों सहित कुल सात लोगों पर FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जांच एजेंसियों ने इस अवैध नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए जेल अधिकारी प्रकाश और मंजूनाथ के अलावा प्रताप राव, तौसीफ और सिद्दीक समेत कुल सात लोगों पर मामला दर्ज किया है। जांच अधिकारी बी नवीन के मुताबिक, रेवन्ना की बैरक से मिले इस मोबाइल फोन को कई लोगों के जरिए जेल के अंदर तक पहुंचाया गया था।
परप्पना अग्रहारा पुलिस की जांच में मोबाइल फोन के जेल के अंदर पहुंचने की पूरी वारदात सामने आई है। आरोपी तौफीक पर संदेह है कि उसने जयनगर अस्पताल में इलाज के दौरान यह मोबाइल फोन खरीदा था। इसके बाद सिद्दीक नाम के व्यक्ति के नाम पर सिम कार्ड लिया गया। इस नेटवर्क के तार केजी हल्ली और डीजे हल्ली हिंसा मामलों के आरोपियों से भी जुड़े हैं, जिन्होंने फोन का इंतजाम करने में मदद की। यही नहीं, जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का एक सिम कार्ड आंध्र प्रदेश के पुंगनूर इलाके से खरीदा गया था।
जेल के अंदर यह सुविधा हासिल करने के लिए भारी-भरकम रकम का लेन-देन किया गया था। पुलिस को आशंका है कि प्रज्वल रेवन्ना ने इस मोबाइल फोन के लिए लगभग 1 लाख रूपये और सिम कार्ड के लिए 50,000 रूपये का भुगतान किया था। फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स की शुरुआती छानबीन से पता चला है कि इस डिवाइस से कई महिलाओं और परिवार के सदस्यों को कॉल की गई थी। पुलिस अब इन सभी संपर्क किए गए लोगों को नोटिस जारी कर पूछताछ करने वाली है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी नारायण के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम बनाई गई है। यह टीम जेल के अंदर चल रहे संचार तंत्र, पैसों के लेन-देन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगाल रही है। हालांकि, जेल के अंदर अवैध फोन इस्तेमाल का एक मामला पहले भी दर्ज हुआ था, लेकिन इस बार पुलिस जेल के अंदर फैले इस पूरे नेटवर्क को खत्म करने की तैयारी में है।
Updated on:
12 Sep 2026, 10:59 AM IST
Published on:
12 Sep 2026, 10:54 AM IST
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