Humayun Kabir radicalization murder Bengal: पूर्व इंजीनियर हुमायूं कबीर ने जिहादी साहित्य के प्रभाव में आकर अपने माता-पिता की हत्या कर दी।
Humayun Kabir radicalization murder Bengal:पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान के मेमारी में दिल दहला देने वाली वारदात में जादवपुर विश्वविद्यालय से पासआउट सिविल इंजीनियर हुमायूं कबीर (Humayun Kabir murder case) ने कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होकर (Bengal extremist attack) अपने ही माता-पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। इंजीनियर ने माता-पिता पर हमला (Engineer kills parents) करने के बाद मदरसा के शिक्षकों पर भी हमला किया। वह वर्तमान में पुलिस हिरासत में हैं और उनकी कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार कबीर भारत-बांग्लादेश सीमा पार करने की योजना बना रहा था। जांच में सामने आया है कि वह बांग्लादेश भागने की फिराक में था और उसने हमले के लिए चाकू भी ऑनलाइन खरीदा था। उसकी मानसिक स्थिति तलाक और बेरोजगारी से प्रभावित थी।
बंगाल पुलिस अब हुमायूं कबीर के सभी डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही है। इसके साथ ही एनआईए और केंद्रीय एजेंसियां भी उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और संभावित मॉड्यूल से जुड़ाव की जांच में लग गई हैं। इस केस ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। माना जा रहा है कि सीमावर्ती इलाके से कट्टरपंथी संगठनों को शरण या ट्रांजिट सपोर्ट मिल सकता है, जिससे सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा मिलता है।
हुमायूं कबीर की यह घटना समाज में कट्टरपंथी विचारों के प्रभाव और बेरोजगारी तथा तलाक जैसी सामाजिक समस्याओं के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव को उजागर करती है। यह घटना यह भी दर्शाती है कि कैसे ऑनलाइन कट्टरपंथी साहित्य व्यक्ति की मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है।