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Rahul Gandhi Convoy Accident: सुल्तानपुर जाते समय राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां टकराईं, कई कार्यकर्ता घायल

Rahul Gandhi Sultanpur: अदालत में पेशी के लिए निकले राहुल गांधी के सफर में हादसे ने अचानक हलचल बढ़ा दी। उधर, सुल्तानपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की तैयारियां और अदालत के बाहर लगे पोस्टर इस दौरे को राजनीतिक रूप से भी अहम बना रहे थे।
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Updated: 26 Oct 2026, 11:11 AM IST
Rahul Gandhi Convoy Accident
Rahul Gandhi Convoy Accident : (फोटो सोर्स: ANI)

Rahul Gandhi Convoy Accident: उत्तर प्रदेश में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सुल्तानपुर दौरे के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर उनके काफिले की कई गाड़ियां आपस में भिड़ गईं। इस दुर्घटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घायल होने की खबर सामने आई, जबकि राहुल गांधी सुरक्षित बताए गए। यह घटना ऐसे समय हुई, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में सुल्तानपुर की अदालत में सुनवाई और फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों की निगाहें टिकी हुई थीं।

Rahul Gandhi Sultanpur: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भिड़ीं पांच गाड़ियां, एंबुलेंस भी शामिल

हादसे में राहुल गांधी के काफिले की पांच गाड़ियां और एक एंबुलेंस भी भिड़ गईं। सूचना यही है कि कांग्रेस के कई कार्यकर्ता चोटिल हुए हैं, लेकिन राहुल गांधी बिल्कुल ठीक हैं। टक्कर के बाद कुछ देर तक पूरा काफिला ही गड़बड़ा गया, लोगों के बीच अफरा-तफरी मची रही। घायलों की ठीक-ठाक जानकारी, उनकी हालत और हादसा कैसे हुआ इसके बारे में अभी तक प्रशासन ने पूरी रिपोर्ट नहीं दी है।

Rahul Gandhi Court Hearing: अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़े मामले में अदालत पर निगाहें

राहुल गांधी दिल्ली से लखनऊ फ्लाइट से आए थे। फिर वहां से सड़क के रास्ते सुल्तानपुर कोर्ट जाने वाले थे। उनकी अदालत में पेशी थी अमित शाह पर की गई कथित टिप्पणी के चलते उन पर मानहानि का केस चल रहा है। अदालत में क्या होता है, इसका सभी को इंतजार था। राहुल गांधी के स्वागत की तैयारी भी कांग्रेस कार्यकर्ता जोर-शोर से कर रहे थे। जगह-जगह होर्डिंग और पोस्टर लगे थे ‘सत्यमेव जयते’ की तख्तियां दिख रही थीं।

छह जगहों पर स्वागत की तैयारी, पोस्टरों से सजा रास्ता

कांग्रेसी नेताओं ने बताया, रास्ते में कुल छह जगह स्वागत की तैयारियां की थीं। कूरेभार, टाटियानगर बाईपास, टेढ़ुई तिराहा और गोलाघाट जैसे इलाकों में कार्यकर्ता जुटने वाले थे। युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और स्थानीय इकाइयां भी इसमें लगी हुई थीं।

सड़क सुरक्षा पर भी उठे सवाल

बात सड़क सुरक्षा की करें तो, ऐसा कोई वीआईपी काफिला जब चलता है, तो कई गाड़ियां साथ में चलती हैं। ऐसे में दूरी रखना, ट्रैफिक का ध्यान रखना और एंबुलेंस समेत इमरजेंसी व्हीकल्स का निकलना बहुत जरूरी है। अभी तक हादसे की असली वजह सामने नहीं आई, इसलिए फिलहाल किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। सबकुछ प्रशासन की ऑफिशियल जानकारी के बाद ही साफ हो पाएगा कि असल में क्या हुआ।

Updated on:
26 Oct 2026, 11:11 AM IST
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