
Kerala Election Rahul Gandhi: चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर राहुल गांधी के ताजा सवालों ने सियासी बहस को फिर तेज कर दिया है। अमृतसर में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ANI से बातचीत में कांग्रेस नेता के आरोपों पर सवाल खड़े करते हुए पूछा कि अगर चुनाव आयोग की व्यवस्था ही गलत थी, तो केरल में राहुल गांधी चुनाव कैसे जीत पाए। मेघवाल ने राहुल गांधी के दावों को गलत तथ्यों पर आधारित बताया। उनके इस बयान ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर चल रही बहस को नया मोड़ दे दिया है।
चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से उठाए गए सवालों के बीच केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पलटवार किया है। अमृतसर, पंजाब में ANI से बातचीत के दौरान मेघवाल ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग के संबंध में गलत तथ्य पेश किए हैं।
मेघवाल ने सवाल उठाया कि यदि चुनाव आयोग की प्रक्रिया और व्यवस्था भरोसे के लायक नहीं है, तो फिर राहुल गांधी खुद केरल में चुनाव जीतने में कैसे सफल हुए? केंद्रीय मंत्री का यह सवाल सीधे राहुल गांधी के उस तर्क पर केंद्रित था, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मेघवाल ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत हैं। उनका तर्क था कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने से पहले उन चुनावी परिणामों को भी ध्यान में रखना चाहिए, जिनमें विपक्षी दलों और उसके नेताओं को जीत मिली है।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब भारत में चुनाव आयोग की भूमिका, मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस लगातार जारी है। चुनाव आयोग देश में लोकसभा, विधानसभा और अन्य चुनावों के संचालन की संवैधानिक जिम्मेदारी निभाता है।
गौर करने वाली बात यह भी है कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक बहस तेज रही है। 2023 में संसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और कार्यकाल से संबंधित नया कानून पारित किया था। कानून के तहत नियुक्ति प्रक्रिया में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और केंद्र सरकार के एक मंत्री वाली चयन समिति का प्रावधान किया गया।
वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति की सिफारिश के बाद हुई थी। इस समिति में तत्कालीन केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शामिल थे।
ऐसे में मेघवाल और राहुल गांधी के बीच चुनाव आयोग को लेकर जारी बयानबाजी केवल एक राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चुनावी संस्थाओं की भूमिका और उनकी विश्वसनीयता पर चल रही व्यापक बहस का हिस्सा भी बन गई है।