Amit Shah on Rahul Gandhi: अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी ने देश से आरक्षण (Reservation) को समाप्त करने की बात कह रहे हैं। राहुल के इस बयान से कांग्रेस (Congress) का आरक्षण विरोधी चेहरा एक बार फिर सबके सामने लाने का काम किया है।
Amit Shah Attack Rahul Gandhi Reservation Statement: कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से अमेरिका (US) में दिए जा रहे बयानों पर BJP का हमला लगातार जारी है। बीजेपी कई बड़े नेता राहुल गांधी के बयानों की आलोचना कर चुके हैं। अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता पर हमला बोल दिया है। अमित शाह ने आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर राहुल को आरक्षण विरोधी बताया है। आइये जानते हैं राहुल के किस बयान पर भड़के शाह-
अमित शाह ने राहुल पर हमलावर होते हुअ एक्स पर पोस्ट किया, 'देश विरोधी बातें करना और देश को तोड़ने वाली ताकतों के साथ खड़े होना राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की आदत सी बन गई है। जम्मू-कश्मीर में JKNC के देशविरोधी और आरक्षण विरोधी एजेंडे (Anti-Reservation Agenda) का समर्थन करना हो, या फिर विदेशी मंचों पर भारत विरोधी बातें करनी हो, राहुल गांधी ने देश की सुरक्षा और भावना को हमेशा आहत किया है।'
अमित शाह ने आगे कहा कि भाषा से भाषा, क्षेत्र से क्षेत्र और धर्म से धर्म में भेदभाव लाने की बात करना राहुल गांधी की विभाजनकारी सोच को दर्शाता है। राहुल गांधी ने देश से आरक्षण को समाप्त करने की बात कह कर कांग्रेस का आरक्षण विरोधी चेहरा एक बार फिर से देश के सामने लाने का काम किया है। मन में पड़े विचार और सोच किसी न किसी माध्यम से बाहर आ ही जाते हैं। मैं राहुल गाँधी को बताना चाहता हूँ कि जब तक भाजपा है, आरक्षण को कोई छू भी नहीं सकता और देश की एकता के साथ कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता।
लोकसभा विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अमेरिका के दौरे पर मंगलवार, 10 सितंबर 2024 को जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में छात्रों से बातचीत के दौरान आरक्षण से जुड़े एक सवाल पर कहा था कि कांग्रेस आरक्षण खत्म करने के बारे में तब सोचेगी जब सही समय होगा। अभी सही समय नहीं है। राहुल से पूछा गया कि भारत में आरक्षण कब खत्म होगा। इसके जवाब में कांग्रेस नेता ने कहा, 'जब आप वित्तीय आंकड़ों को देखते हैं, तो आदिवासियों को 100 रुपये में से 10 पैसे मिलते हैं। वहीं दलितों को 100 रुपये में से 5 रुपये मिलते हैं और OBC को भी लगभग इतनी ही रकम मिलती है। भारत के हर एक बिजनेस लीडर की लिस्ट देखें। उस लिस्ट में मुझे आदिवासी, दलित या किसी ओबीसी का नाम दिखाएं। मुझे लगता है कि शीर्ष 200 में से एक ओबीसी है। वे भारत के 50 प्रतिशत हैं, लेकिन हम इस बीमारी का इलाज नहीं कर रहे हैं। हालांकि अब, आरक्षण एकमात्र साधन नहीं है, अन्य कई साधन भी हैं।'