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‘इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता’, ईरान युद्ध के बीच राहुल गांधी ने पीएम मोदी-ट्रंप को घेरा

Rahul Gandhi: अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच राहुल गांधी ने पीएम मोदी को निशाने पर लिया है, उन्होंने कहा कि वह मॉडर्न इंडिया के इतिहास में पहले PM हैं, जिन्होंने… नीचे पढ़ें लेटेस्ट अपडेट।

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Mar 30, 2026
विपक्ष के नेता राहुल गांधी (सोर्स: ANI एक्स)

Iran War Impact India Oil Crisis: केरलम के कोट्टायम में विपक्ष के नेता (कांग्रेस) नेता राहुल गांधी ने एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मिस्टर नरेंद्र मोदी ने US डील साइन करके हमारे किसानों के अधिकार छीन लिए। वह मॉडर्न इंडिया के इतिहास में पहले PM हैं, जिन्होंने खेती को इंटरनेशनल मार्केट के लिए खोला है। वह इंडिया के पहले PM हैं जिन्होंने हमारी एनर्जी सिक्योरिटी छीन ली है। आज, इंडिया जिससे चाहे पेट्रोल या डीजल नहीं खरीद सकता…सोचिए मिडिल ईस्ट (अमेरिका-ईरान युद्ध) में जो हो रहा है, उसकी वजह से एक फाइनेंशियल भूकंप (क्राइसिस) आने वाला है, लेकिन इंडिया, 1.4 बिलियन (140 करोड़) लोगों का देश, जिससे चाहे तेल नहीं खरीद सकता…अगर इंडिया तेल खरीदना चाहता है, तो वह US प्रेसिडेंट ट्रंप से परमिशन के बाद ही ऐसा कर सकता है। इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता…युद्ध की अस्थिरता आने वाले महीनों में यह दिखाएगी।"

सबरीमाला पर PM मोदी की ‘चुप्पी’ पर क्या बोले राहुल?

सबरीमाला को लेकर बयानबाज़ी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक चुनावी रैली (केरलम) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि वे धार्मिक मुद्दों को चुनिंदा तरीके से उठाते हैं। राहुल गांधी का कहना है कि पीएम मोदी अक्सर मंदिरों और आस्था की बात करते हैं, लेकिन हाल ही के भाषण में उन्होंने सबरीमाला का ज़िक्र नहीं किया।

राहुल गांधी ने यह भी इशारा किया कि बीजेपी और केरल की सत्ताधारी लेफ्ट सरकार (LDF) के बीच कहीं न कहीं तालमेल हो सकता है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

हालांकि, उनके आरोपों का विरोध भी हो रहा है। आलोचकों का कहना है कि राहुल गांधी पूरी तस्वीर नहीं दिखा रहे। उनका दावा है कि पीएम मोदी कई बार अपने भाषणों में सबरीमाला मंदिर से जुड़े मुद्दों, खासकर कथित सोने की चोरी के मामले को उठा चुके हैं।

बताया जा रहा है कि जनवरी में दिए एक भाषण में पीएम मोदी ने केरलम सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि मंदिर की परंपराओं की रक्षा नहीं की गई। उन्होंने “मंदिर से सोना चोरी होने” की खबरों का भी जिक्र किया और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।

इतना ही नहीं, कोच्चि में एक कार्यक्रम के दौरान भी पीएम मोदी ने इस मुद्दे को दोहराया और LDF के साथ-साथ कांग्रेस पर भी निशाना साधा। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि क्या अलग-अलग भाषणों को नजरअंदाज कर केवल एक बयान पर चर्चा करना सही है या इससे अधूरी तस्वीर सामने आती है।

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