केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे के परिचालन में सुरक्षा को लेकर तेजी से सुधार हुआ है। इसी के साथ रेल दुर्घटनाओं की संख्या में कमी दर्ज की गई।
Indian Railways: भारतीय रेलवे के परिचालन में सुरक्षा को लेकर तेजी से सुधार हुआ है। रेल हादसों में भी भारी गिरावट आई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में रेल दुर्घटनाओं की संख्या में भारी कमी दर्ज की गई है, जो पहले 400 थी और अब घटकर 81 रह गई है। अश्विनी वैष्णव ने लालू प्रसाद यादव, ममता बनर्जी और मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यकाल पर साधा निशाना है। रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे सुरक्षा, यात्री सुविधाओं और बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है।
लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान रेल मंत्री वैष्णव ने पिछली यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान हुई रेल दुर्घटनाओं की संख्या का हवाला देते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में प्रति वर्ष लगभग 700 दुर्घटनाएं होती थीं, ममता बनर्जी के कार्यकाल में यह संख्या 400 थी और मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यकाल में औसतन 385 रेल हादसे होते थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा रेलवे सुरक्षा में किए गए सुधारों के चलते यह संख्या काफी कम हो गई है।
रेल मंत्री ने आगे कहा कि रेल दुर्घटनाओं को और कम करने के लिए रेलवे द्वारा तकनीकी सुधार और प्रक्रियागत बदलाव किए जा रहे हैं। इसके तहत नए ट्रेनिंग मेथड अपनाए जा रहे हैं और सुरक्षा संबंधी नई तकनीकों को लागू किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय रेलवे लगातार सुरक्षा मानकों को उन्नत करने के प्रयास कर रही है, जिससे रेल यात्रा अधिक सुरक्षित बन सके।
रेलवे नेटवर्क पर अपराधों से संबंधित एफआईआर दर्ज करने में देरी को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में रेल मंत्री ने कहा कि प्रत्येक राज्य की सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) आपसी समन्वय से कार्य कर रहे हैं। सरकार ने 'जीरो एफआईआर' प्रणाली की शुरुआत की है, जिससे अपराधों की त्वरित रिपोर्टिंग और कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी।
रेल मंत्री ने क्षेत्रीय यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए भारतीय रेलवे द्वारा की जा रही नई पहलों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे ने चुनिंदा ट्रेनों में विभिन्न भारतीय व्यंजनों को शामिल करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे यात्रियों को उनके क्षेत्रीय स्वाद के अनुरूप भोजन मिल सके।
तमिलनाडु से डीएमके सांसद सुमति थमिझाची थंगापांडियन द्वारा वंदे भारत ट्रेनों में दक्षिण भारतीय व्यंजनों की अनुपलब्धता को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में रेल मंत्री ने बताया कि दक्षिणी रेलवे द्वारा इस संबंध में एक पायलट स्कीम चलाई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाना है, जिसमें स्थानीय व्यंजन शामिल किए जाएंगे। यह पहल उस क्षेत्र की संस्कृति को भी दर्शाएगी, जहां से ट्रेनें गुजरती हैं।