
Raj Thackeray: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से एक चर्चित डॉक्यूमेंट्री हटा दी है। सबीर भाटिया द्वारा यह डॉक्यूमेंट्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति गौतम अदाणी के संबंधों पर बनाई गई है। राज ठाकरे ने कहा कि उन्होंने यह फैसला किसी राजनीतिक दबाव में नहीं लिया है, बल्कि यह मुंबई पुलिस कमिश्नर के अनुरोध और पुलिस के प्रति उनके सम्मान के कारण लिया गया है। वीडियो हटाने के बावजूद, ठाकरे का रुख तीखा और बेबाक बना रहा। उन्होंने कहा कि जनता तक सच पहुंचाने का उनका मकसद पूरा हो चुका है और इस डॉक्यूमेंट्री ने देश में आग सुलगा दी है, जो अब किसी के रोके नहीं रुकेगी।
राज ठाकरे ने बताया कि सबीर भाटिया द्वारा बनाई गई इस डॉक्यूमेंट्री को अकेले उनके एक्स हैंडल पर ही 48 लाख से ज्यादा बार देखा गया। इसके अलावा फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर भी इसे जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। उन्होंने दावा किया कि सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग इस वीडियो के तेजी से फैलने और सच सामने आने से बुरी तरह घबरा गए थे। ठाकरे के अनुसार, सत्ता में बैठे लोगों में डर इतना ज्यादा था कि उन्होंने मुंबई पुलिस कमिश्नर के जरिए उनसे संपर्क किया और सोशल मीडिया से वीडियो हटाने का अनुरोध किया।
MNS प्रमुख ने कहा कि महाराष्ट्र और मुंबई पुलिस देश के सबसे सक्षम और पेशेवर पुलिस बलों में से एक हैं और वे हमेशा से पुलिस का बहुत सम्मान करते आए हैं। इसी सम्मान के चलते उन्होंने मुंबई पुलिस कमिश्नर के अनुरोध का मान रखा और डॉक्यूमेंट्री वाली पोस्ट डिलीट करने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि सबीर भाटिया ने यह डॉक्यूमेंट्री हाल ही में बनाई है, लेकिन उन्होंने खुद जनवरी 2026 में मुंबई के शिवतीर्थ (शिवाजी पार्क) में आयोजित एक बड़ी जनसभा में एक प्रेजेंटेशन के जरिए यह बता दिया था कि कैसे अदाणी समूह पूरे देश को हड़पने की राह पर है। उन्होंने कहा कि उस प्रेजेंटेशन के वीडियो आज भी सोशल मीडिया पर मौजूद हैं और यहीं से इस संघर्ष की शुरुआत हुई थी।
राज ठाकरे ने कहा कि उनका विरोध किसी एक व्यक्ति या किसी खास उद्योगपति के खिलाफ नहीं है, बल्कि देश में कॉरपोरेट एकाधिकार के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को देश भर में अलग-अलग तरह के उद्योगपतियों को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि रोजगार के अवसर पैदा हों और देश की संपत्ति बढ़े, लेकिन यदि सरकार सिर्फ एक ही व्यक्ति को इतना बढ़ावा दे कि वह पूरे राष्ट्र के लिए खतरा बन जाए, तो वे इसका डटकर विरोध करते रहेंगे।
ठाकरे ने केंद्र सरकार के उस आदेश पर आक्रोश जताया जिसके तहत राज्य के भीमाशंकर इलाके में सैकड़ों हेक्टेयर वन भूमि को गुजरात के टोरेंट ग्रुप को सौंपने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने मराठी सांसदों, विधायकों और मंत्रियों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम लेने वाले नेता अपनी आंखों के सामने महाराष्ट्र को बिकते देखकर भी कैसे खामोश बैठ सकते हैं।