
बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार और जदयू विधायक अनंत सिंह ( फोटो, Insta-anantkumarsinghmla)
RJD on Anant Singh Expulsion: मोकामा के विधायक अनंत सिंह को जदयू से निकाले जाने के बाद बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। शक्ति यादव ने आरोप लगाया कि जॉर्ज फर्नांडीस, दिग्विजय सिंह, रघुनाथ झा और शरद यादव के दौर से लेकर आज तक ऐसा कोई नेता नहीं बचा, जिसे नीतीश कुमार ने आगे बढ़ने के बाद राजनीतिक रूप से अपमानित न किया हो। उन्होंने दावा किया कि समता पार्टी के दौर के वफादार समाजवादी नेताओं को किनारे कर दिया गया है और पार्टी पर BJP और कांग्रेस से आए नेताओं का कब्जा हो गया है। ऐसे में नीतीश बेबस होकर अपनी ही पार्टी को बिखरते हुए देख रहे हैं।
राजद प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पर किए एक पोस्ट में समता पार्टी के गठन से लेकर जदयू बनने तक के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि जॉर्ज फर्नांडिस के नेतृत्व में जनता दल (जॉर्ज) और बाद में समता पार्टी खड़ी हुई थी। 1995 के चुनावों में विफलता के बाद विचारधारा को दरकिनार कर भाजपा से हाथ मिलाया गया और फिर शरद यादव के दल में विलय करके जदयू बनाई गई।
शक्ति यादव ने कहा कि विडंबना यह है कि जिस जॉर्ज साहब ने पार्टी को खून-पसीने से सींचा, उन्हें अंत में अपमानित होकर पार्टी से निकलना पड़ा। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह, रघुनाथ झा और शरद यादव जैसे तमाम दिग्गजों का हश्र सबके सामने है। शक्ति यादव ने अपने पोस्ट में लिखा, "ऐसा कोई सगा नहीं, जिसे नीतीश जी ने ठगा नहीं। हां, जो लोग उनके तालाब की मछली बनकर रहे, मुंह पर कुछ नहीं बोले और सिर्फ नीतीश नाम का जाप करते रहे वे शांति से अपना पद और काम पाते रहे, जैसे वशिष्ठ नारायण सिंह जी।"
शक्ति सिंह यादव ने कहा कि वर्ष 2005 में सत्ता हासिल करने के लिए नीतीश कुमार ने राजनीतिक मर्यादा की सभी सीमाएं लांघ दी थीं। उन्होंने कहा कि बिहार के उत्तर, पूर्व, पश्चिम, दक्षिण समेत हर कोने से बाहुबलियों को पार्टी से जोड़ा गया और अपनी सत्ता की राह बनाई गई। RJD प्रवक्ता ने कहा कि इन अनैतिक चालों को छिपाने के लिए सरकारी दफ्तरों में महात्मा गांधी के सात सामाजिक पापों की सूची वाले पोस्टर लगाए गए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ऐसे राजनेता का सबसे सटीक उदाहरण बन गए हैं जो बिना किसी सिद्धांत के काम करते हैं, जिन्होंने सत्ता हासिल करने के लिए किए गए किसी भी अनैतिक काम को ही अपना राजधर्म मान लिया है।
शक्ति सिंह यादव ने कहा कि आज जदयू की कमान उन लोगों के हाथ में है जिनका समाजवाद विचारधारा से कभी कोई लेना-देना ही नहीं रहा। उन्होंने कहा कि पार्टी के तमाम बड़े फैसले भाजपा और कांग्रेस से आए नेता ले रहे हैं, जबकि मूल समता पार्टी के लोग पूरी तरह गायब कर दिए गए हैं। शक्ति यादव ने आरोप लगाया कि इसी वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा है कि ललन सिंह के दिल्ली से पटना पहुंचते ही उनके सामने अनंत सिंह को बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह वही अनंत सिंह हैं जिन्होंने पिछली बार नीतीश कुमार की सरकार और कुर्सी बचाने के लिए राजद को धोखा देकर उनका साथ दिया था।
शक्ति सिंह यादव ने कहा कि नीतीश कुमार अब स्वतंत्र रूप से फैसले लेने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ हाजिरी दर्ज कराने के लिए उन्हें जबरन गाड़ियों में बैठाकर दफ्तरों या कार्यक्रमों में ले जाया जाता है और औपचारिकता पूरी कराकर लौटा दिया जाता है। शक्ति यादव ने कहा कि बुजुर्ग होने के नाते उनके प्रति मानवीय संवेदना है, लेकिन प्रकृति का नियम है कि इंसान जो बोता है, उसका फल उसे इसी जीवन में भुगतना पड़ता है। आज नीतीश कुमार अपनी ही आंखों के सामने अपनी पार्टी को बिखरते हुए देखने के लिए मजबूर हैं।
Updated on:
25 Oct 2026, 1:06 PM IST
Published on:
25 Oct 2026, 1:06 PM IST
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.