Rajasthan Crime Rate Women: भारत में महिलाओं की भागीदारी के साथ अपराध भी बढ़े हैं। दुष्कर्म के मामलों में राजस्थान पहले और मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर है।
Women Participation India 2025: महिलाओं को विधायिका में 33 % आरक्षण का हक मिलने में भले ही देरी हो रही हो,लेकिन घर के कामकाज के साथ ही बाहर के कामों में उनकी भागीदारी और निर्णय लेने में उनकी हिस्सेदारी दोनों बढ़ी हैं,लेकिन चिंताजनक बात यह है कि महिलाओं के साथ अपराध भी बढ़े हैं। दुष्कर्म के मामलों में राजस्थान पहले और मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर है। भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से जारी भारत में महिला और पुरुष 2025 रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आए हैं। इसके अनुसार उच्च शिक्षा विशेष कर चिकित्सा शिक्षा में महिलाओं का नामांकन काफी बढ़ा है। जबकि न्यायालयों में महिला जजों की संख्या अभी भी बेहद कम है।
रिपोर्ट के अनुसार पीएचडी तक उच्च शिक्षा के विभिन्न चरणों से उत्तीर्ण होने वाले कुल छात्रों में महिलाओं की हिस्सेदारी 51.48त्न है, जिसमें एम.फिल की उत्तीर्ण दर 76.14% है। उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात 2021-22 और 2022-23 के बीच महिलाओं के लिए 28.5 से बढक़र 30.2 हो गया है।
न्यायालयों में 1.22 लाख पदों में से करीब 49.75 प्रतिशत पदों पर महिलाओं की भागीदारी है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट में महिला जजों की संख्या कम है। रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में महिला न्यायाधीशों की हिस्सेदारी महज 3.03 प्रतिशत है। कुल 1122 स्वीकृत जजों के पदों में 118 ही महिलाएं हैं। सिक्किम और हरियाणा-पंजाब हाईकोर्ट में इनकी हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। जबकि राजस्थान हाई कोर्ट में 10.26 फीसदी, मध्य प्रदेश में 2.33 फीसदी महिला जज हाई कोर्ट में है। 4 हाईकोर्ट में एक भी महिला न्यायाधीश नहीं है।
ओवरआल भारत में- 70.3 %
राज्यवार- सबसे ज्यादा साक्षरता दर
केरल- 95.2 %
दिल्ली- 82.4 %
असम-81.2 %
राजस्थान- 57.6 %
आंध्र प्रदेश- 59.5 %
बिहार- 60.5%
महिलाओं के प्रति अपराध में यह राज्य आगे- ( वर्ष 2023 के आंकड़ों के अनुसार) कुल अपराधों में
पश्चिम बंगाल- 19.24 % हिस्सेदारी
राजस्थान-17.37 % हिस्सेदारी
कुल केस दर्ज- 29670
कर्नाटक- सबसे ज्यादा 7002 केस
केंद्र सरकार के मंत्रालयों में महिला कर्मचारियों की भागीदारी- 13.65 %
महिला पुलिसकर्मियों की संख्या में हुई वृद्धि- 102.54 %