राज्यसभा उपसभापति पद के लिए 17 अप्रैल को होगा चुनाव होगा। NDA ने फिर से वर्तमान उपसभापति हरिवंश को उनके पद पर बने रहने की तैयारी की है।
राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए 17 अप्रैल को चुनाव होगा। सत्तारूढ़ NDA ने फिर से वर्तमान उपसभापति हरिवंश नरायण सिंह को निर्वाचित कराने की तैयारी है। हरिवंश का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त होने के बाद यह पद रिक्त हो गया था। राज्यसभा के नियम 7 के अनुसार, चुनाव 17 अप्रैल को सुबह 11 बजे सदन के पटल पर रिपोर्ट रखे जाने के तुरंत बाद होगा।
सूत्रों के अनुसार, NDA ने हरिवंश के दोबारा चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पिछले हफ्ते ही उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया था। सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने अन्य दलों से संपर्क साधकर समर्थन मांगा है। अगर हरिवंश सफल होते हैं, तो वे राज्यसभा के उपसभापति बनने वाले पहले मनोनीत सदस्य होंगे।विपक्ष ने इस चुनाव को लेकर NDA पर जल्दबाजी और हड़बड़ी का आरोप लगाया है।
कांग्रेस के राज्यसभा मुख्य सचेतक जयराम रमेश ने कहा कि एक ऐसी सरकार जो 6 साल से लोकसभा में डिप्टी स्पीकर का पद खाली रखे हुए है। वह राज्यसभा में उपसभापति पद को महज 4 दिनों के अंदर जबरन थोपना चाहती है। विपक्षी दलों में इस बात पर चर्चा चल रही है कि वे इस पद के लिए अपना अलग उम्मीदवार उतारें या नहीं।
कई विपक्षी दल मानते हैं कि यह महत्वपूर्ण संवैधानिक पद बिना मुकाबले के नहीं जाना चाहिए।विपक्ष ने यह भी सवाल उठाया है कि जब लोकसभा में डिप्टी स्पीकर का पद 2019 से खाली पड़ा है, तो सरकार राज्यसभा उपसभापति पद को लेकर इतनी जल्दी क्यों कर रही है।इस चुनाव का परिणाम 17 अप्रैल को ही घोषित होने की संभावना है। अगर हरिवंश बिना विरोध के चुने जाते हैं, तो यह NDA की मजबूत संख्या बल का परिचायक होगा। हालांकि, अगर विपक्ष उम्मीदवार उतारता है तो चुनाव रोचक हो सकता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से हरिवंश को उच्च सदन के लिए मनोनीत किया गया और उन्होंने 10 अप्रैल को शपथ ली। केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने हरिवंश नारायण सिंह को उपसभापति के रूप में फिर से चुने जाने के बारे में विभिन्न दलों के नेताओं से चर्चा की है, ताकि उनके नाम पर व्यापक सहमति बन सके।