राष्ट्रीय

राम माधव ने कांग्रेस से पूछा- क्या घुसपैठियों को वोट का अधिकार देना चाहती है?

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर चुनाव आयोग के खिलाफ भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव जीतने के बजाय अराजकता फैलाकर सत्ता हासिल करना चाहती है।
3 min read
• •
Updated: 3 Nov 2026, 3:33 PM IST
Ram Madhav
Ram Madhav (Photo-ANI)

जम्मू। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पिछले कुछ महीनों से लगातार यह झूठा नैरेटिव गढ़ रही है कि चुनाव आयोग देश की चुनावी व्यवस्था में गड़बड़ी कर रहा है। राम माधव ने कहा कि कांग्रेस का मकसद लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव जीतना नहीं, बल्कि अराजकता फैलाकर सत्ता हासिल करना है।

जम्मू में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राम माधव ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग इस मामले में अपना जवाब दे रहा है और सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा भी दाखिल कर चुका है। हालांकि, भाजपा चाहती है कि इस पूरे मामले की सच्चाई देश के सामने आए।

बांग्लादेश और नेपाल जैसी सत्ता परिवर्तन की बात कर रहे विपक्षी नेता

राम माधव ने विपक्ष के 'सत्ता परिवर्तन' के नारे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं ने टीवी और सोशल मीडिया पर खुले तौर पर बांग्लादेश और नेपाल जैसी परिस्थितियों के जरिए सत्ता परिवर्तन की बात कह रहे हैं। यह लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता बदलने की बात नहीं है, बल्कि देश में अशांति पैदा कर सरकार गिराने की कोशिश है।

SIR संवैधानिक प्रक्रिया, कांग्रेस के आरोप बेबुनियाद

राम माधव ने कहा कि देश में चल रही SIR की प्रक्रिया कई राज्यों में पूरी हो चुकी है, जबकि कुछ राज्यों में यह अभी जारी है। जम्मू-कश्मीर में भी यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कांग्रेस की ओर से मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ लोगों के नाम हटाए जाने के दावे पर राम माधव ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इतने बड़े पैमाने पर नाम कटने की बात कर रही है, लेकिन वह किसी ऐसे व्यक्ति को सामने नहीं ला पाई जिसका नाम मतदाता सूची से हटाया गया हो। उन्होंने दावा किया कि नाम हटाने की प्रक्रिया में मृत और दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके लोगों के नाम शामिल हैं।

मृत्यु और पलायन के कारण हटाए जा रहे नाम

राम माधव ने कहा कि भारत में हर साल करीब एक करोड़ लोगों की मृत्यु होती है। ऐसे में लंबे समय बाद मतदाता सूची को अपडेट करने पर मृत लोगों के नाम हटाना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग नौकरी या अन्य कारणों से एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले जाते हैं, लेकिन उनका नाम पुरानी और नई दोनों जगहों की मतदाता सूची में दर्ज रह सकता है। ऐसे दोहरे नामों को हटाने की प्रक्रिया भी SIR के तहत की जा रही है। उन्होंने बताया कि बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाता सूची में दर्ज नामों का सत्यापन कर रहे हैं।

रोहिंग्या और घुसपैठियों के नाम हटाने का भी दावा

राम माधव ने कहा कि पड़ोसी देशों से अवैध रूप से भारत आए कुछ लोग जम्मू में भी बस गए हैं। उन्होंने रोहिंग्या समुदाय का उल्लेख करते हुए दावा किया कि ऐसे लोगों के नाम भी मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या वह घुसपैठियों को भारत में मतदान का अधिकार देना चाहती है या मृत लोगों के नाम मतदाता सूची में बनाए रखना चाहती है, ताकि उनके नाम पर फर्जी मतदान हो सके।

6 करोड़ लोगों के दूसरी जगह जाने का दावा

यह पूछे जाने पर कि कहीं पात्र मतदाताओं के नाम भी तो गलती से नहीं हटाए जा रहे, राम माधव ने दावा किया कि करीब 6 करोड़ नाम ऐसे लोगों के हैं, जो दूसरी जगह जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि बाकी एक-दो करोड़ नामों के सत्यापन और दोबारा पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है। राम माधव के अनुसार, जिन पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हट गए हैं, वे फॉर्म-6 या फॉर्म-8 के जरिए नए सिरे से नाम जुड़वाने या संशोधन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

10 साल में ढाई करोड़ नए मतदाता जुड़े

भाजपा नेता ने दावा किया कि पिछले 10 साल में मतदाता सूची में करीब ढाई करोड़ नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि सरकार का मकसद वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाना होता तो नए मतदाताओं को सूची में क्यों शामिल किया जाता? राम माधव ने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया के तहत ठीक कर रहा है।

Updated on:
3 Nov 2026, 3:33 PM IST
Published on: