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केरल में विकास का रोडमैप तैयार! 3 दिन, 40 विभाग और 73 प्रोजेक्ट्स से मिलेगी नई रफ्तार

Reimagining Kerala: केरल के इतिहास में पहली बार 40 से ज्यादा डिपार्टमेंट और 73 प्रोजेक्ट को एक ही पहल के तहत एक बड़ा एक्शन प्लान तैयार करने के लिए एक साथ लाया जा रहा है।
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Sep 15, 2026
Reimagining Kerala
केरल में विकास का ब्लूप्रिंट तैयार! ‘रीइमेजिनिंग केरलम’ से बदलेगी विकास की तस्वीर। बाएं तरफ फोटो में केरल के CM वी. डी. सतीशन (सोर्स-ANI)

Kerala Government Latest Update: केरल में विकास को नई दिशा देने की तैयारी है। राज्य सरकार अब बड़े प्रोजेक्ट्स को सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रखना चाहती। इसके लिए अलग-अलग विभागों को एक मंच पर लाया जा रहा है। लक्ष्य साफ है। योजनाएं तेजी से आगे बढ़ें और तय समय पर काम खत्म हो। कोई लेट-लतीफी न हो।

इसी मकसद से कल 16 सितंबर से तिरुवनंतपुरम में ‘रीइमेजिनिंग केरलम’ राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस शुरू होगी। तीन दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में विकास से जुड़े 73 प्रोजेक्ट्स पर चर्चा होगी। खास बात यह है कि इसमें 40 से ज्यादा विभाग शामिल होंगे।

40 से ज्यादा विभाग होंगे एक साथ

बता दें ‘आइडियाज, प्रोजेक्ट्स, एक्शन्स’ थीम पर होने वाली यह कॉन्फ्रेंस 16 से 18 सितंबर तक चलेगी। कार्यक्रम तिरुवनंतपुरम के ‘लेमन-ट्री’ और ‘हिल्टन’ होटलों में आयोजित किया जाएगा। केरल के लिए यह इवेंट काफी अहम मानी जा रही है। पहली बार इतने बड़े स्तर पर अलग-अलग विभागों को एक साथ लाकर साझा एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।

ऐसे प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता मिलेगी, जिनमें एक से ज्यादा विभागों की भूमिका है। पॉलिसी एक्सपर्ट्स, निवेशकों और स्टार्टअप्स को भी चर्चा में शामिल किया जाएगा। पूरे कार्यक्रम को छह प्रमुख क्लस्टर में बांटा गया है। इसका मकसद विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाना है। साथ ही प्रोजेक्ट्स की रफ्तार बढ़ाना भी है।

इंडस्ट्री और AI से लेकर टूरिज्म तक फोकस

कॉन्फ्रेंस के पहले दिन इंडस्ट्री और टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर खास ध्यान दिया जाएगा। इसमें मिशन समुद्र, निवेश के अनुकूल कंसोर्टियम, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी बड़ी पहलों पर चर्चा होगी।

सरकार की कोशिश है कि इन योजनाओं को सिर्फ विचार के स्तर पर न रखा जाए। इनके लिए आगे की ठोस रणनीति तैयार हो। वहीं दूसरे दिन सोशल डेवलपमेंट, टूरिज्म, स्टार्टअप्स, ट्रांसपोर्ट और डिजास्टर मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों पर चर्चा होगी। हर प्रोजेक्ट को लेकर अलग-अलग सेशन होंगे। इनमें विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी DPR तैयार करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

हर प्रोजेक्ट की होगी जिम्मेदारी और डेडलाइन

कॉन्फ्रेंस में सिर्फ योजनाओं पर चर्चा नहीं होगी। उन्हें लागू करने की पूरी प्रक्रिया पर भी विचार किया जाएगा। यह तय किया जाएगा कि किसी प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाने होंगे। कितनी राशि की जरूरत होगी। कौन सा विभाग या एजेंसी इसकी जिम्मेदारी संभालेगी।

तीन दिनों की चर्चाओं के बाद सभी रिपोर्ट्स को एक साथ जोड़ा जाएगा। इसके आधार पर प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन और फाइनेंशियल मॉडल तैयार किए जाएंगे। हर प्रोजेक्ट के लिए स्पष्ट रोडमैप बनाने की योजना है। इसमें जिम्मेदार एजेंसी और पूरा होने की संभावित डेडलाइन भी तय होगी। सरकार का लक्ष्य है कि विभागों, विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों के बीच बेहतर तालमेल बने। इससे योजनाओं को तेजी से अमल में लाने में मदद मिलेगी। यानी कि ‘रीइमेजिनिंग केरलम’ का फोकस सिर्फ नए आइडिया पर नहीं है। असली जोर आइडिया को प्रोजेक्ट में और प्रोजेक्ट को समय पर नतीजे में बदलने पर है।

Updated on:
15 Sept 2026 04:59 pm
Published on:
15 Sept 2026 04:57 pm
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