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करोड़ों का चावल घोटाला उजागर, भ्रष्टाचार का केस दर्ज कर 3 गिरफ्तार

केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही भारत ब्रांड योजना के तहत भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ द्वारा बठिंडा, भुच्चो, मौड़, रामपुरा फूल और बुढलाडा में लगभग 130 करोड़ रुपये की लागत से गरीब परिवारों को लगभग 70,000 टन चावल वितरित किया जा रहा था, जिसकी कीमत लगभग 130 करोड़ रुपये बनती है।

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पंजाब विजिलेंस ब्यूरो (वीबी) ने शुक्रवार को एक गोदाम पर छापा मारकर 1.55 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है और चावल की 1138 बोरियों से लदे दो ट्रक जब्त किये हैं। इस मामले में वीबी ने होशियारपुर जिले के गढ़शंकर स्थित शिव शक्ति राइस मिल के मालिक गोपाल गोयल और दो ट्रक चालकों जगपाल सिंह और सुखविंदर सिंह को गिरफ्तार किया है।

विजीलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने शुक्रवार को यहां बताया कि इस संबंध में जय जनेडर फर्म के मालिक ठेकेदार हरीश दलाल, शिव शक्ति राइस मिल गढ़शंकर, होशियारपुर के मालिक गोपाल गोयल, अंजनी राइस मिल कुत्तीवाल कलां, मौड़ मंडी, बठिंडा के मालिक, ट्रक चालक जगपाल सिंह और सुखविन्द्र सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत विजीलैंस ब्यूरो के थाना बठिंडा रेंज में मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान ग्लोबल वेयरहाउस के अधिकारियों/कर्मचारियों/संरक्षकों के अलावा भारतीय खाद्य निगम के संबंधित अधिकारियों/ कर्मचारियों की भूमिका पर भी विचार किया जाएगा।

प्रवक्ता ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही भारत ब्रांड योजना के तहत भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ द्वारा बठिंडा, भुच्चो, मौड़, रामपुरा फूल और बुढलाडा में लगभग 130 करोड़ रुपये की लागत से गरीब परिवारों को लगभग 70,000 टन चावल वितरित किया जा रहा था, जिसकी कीमत लगभग 130 करोड़ रुपये बनती है। जिसमें से लगभग 1000 टन चावल 100 करोड़ रुपये की लागत से पांच किलोग्राम और 10 किलोग्राम की थैलों में 18. 50 प्रति किलोग्राम के हिसाब वितरित किया जाना है। बठिंडा जि़ले में 29 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब के साथ यह चावल लाभपात्रियों को आपूर्ति करने का टेंडर जय जैनेंद्र फर्म को दिया गया था।

उन्होंने बताया कि विजीलेंस ब्यूरो को एक विश्वसनीय स्रोत से सूचना मिली थी कि लाभार्थियों के 3.40 करोड़ रुपये के चावल का गबन करने का प्रयास किया जा रहा है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए विजीलेंस ब्यूरो की टीम ने 1138 चावल की बोरियों से भरे दो ट्रकों को जब्त कर लिया है, जिन्हें फतेहाबाद के हमजापुर भेजा जाना था, लेकिन टेंडर देने वाली फर्म ने चावल को साफ नहीं किया और न ही बोरियों में भरा, ताकि चावल को सीधे चावल विक्रेताओं को बेचकर हड़प लिया जा सके। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि उक्त फर्म गरीबों के लिये बने सरकारी स्टॉक को 34 रुपये प्रति किलो के महंगे दाम पर बेचकर गबन करना चाहती है।

प्रवक्ता ने आगे बताया कि जय जनेंदर फर्म के मालिकों ने हरीश कुमार नामक दलाल और भारतीय खाद्य निगम के अज्ञात अधिकारियों के माध्यम से ग्लोबल वेयरहाउस (सोमा वेयरहाउस) मौड़ मंडी से चावल खरीदा है। रिश्वत देने के बाद चावल की बोरियों को अंजनी राइस मिल, कुट्टीवाल कलां, मौड़ मंडी में शिफ्ट किया गया और इसके बाद चावल की बोरियों को इन ट्रकों के माध्यम से शिव शक्ति राइस मिल, गढ़शंकर जिला होशियारपुर ले जाया जाना था। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उपरोक्त सभी आरोपियों और उक्त फर्मों के मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

Updated on:
21 Jun 2024 07:51 pm
Published on:
21 Jun 2024 07:50 pm
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