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‘मम्मी-पापा की तबीयत खराब है, इकलौता भाई है मेरा, बस जल्दी आ जाए’, रूस गए 3 युवक 50 दिनों से गायब! परिवार की बढ़ी चिंता

Indian Students Missing in Russia: रूस में भाषा विज्ञान की पढ़ाई करने गए शामली और मुजफ्फरनगर के 3 भारतीय युवक लंबे समय से लापता हैं। परिवारों से आखिरी बातचीत के बाद उनके मोबाइल बंद हैं। परिजनों ने सरकार से युवकों की तलाश और सुरक्षित वापसी में मदद की गुहार लगाई है।
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Sep 11, 2026
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रूस गए 3 युवक 50 दिन से गायब! फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज

Indian Students Missing in Russia: ''मेरे मम्मी-पापा की तबीयत खराब है। आशु मेरा इकलौता भाई है। बस वो जल्दी से घर लौट आए। 23 जुलाई को उससे आखिरी बार बात हुई थी। लास्ट कॉल में उसने कहा था-ठीक हूं कल बात करूंगा, लेकिन फिर उससे बात नहीं पाई। भाई से बात हुए करीब 50 दिन हो गए हैं।'' ये कहना है रूस में भाषा विज्ञान की पढ़ाई करने गए उत्तर प्रदेश के शामली जिले के रहने वाले आशु सैनी की बहन अंशुल का।

दरअसल, रूस में भाषा विज्ञान की पढ़ाई करने गए उत्तर प्रदेश के शामली और मुजफ्फरनगर जिले के 3 युवक करीब डेढ़ महीने से लापता हैं। तीनों युवक 23 जुलाई से अपने परिवार के संपर्क में नहीं हैं। उनके मोबाइल फोन भी बंद हैं, जिसके बाद परिजन लगातार उनकी तलाश और सुरक्षित वापसी के लिए मदद की गुहार लगा रहे हैं। लापता युवकों में शामली के हसनपुर लुहारी निवासी आशु सैनी, मुजफ्फरनगर के गांव बाढ़ निवासी हिमांशु शर्मा और पीपलशाह निवासी शक्ति पुंडीर शामिल हैं।

आशु सैनी की बहन अंशुल ने राजस्थान पत्रिका से बात करते हुए बताया कि उनके भाई आशु से आखिरी बातचीत 23 जुलाई को हुई थी। जब उन्होंने भाई के बारे में पता लगाने की कोशिश की तो कॉलेज वालों ने कहा कि उसे रूस की आर्मी में भेज दिया गया है। आशु ने बताया कि उनका भाई14 अप्रैल को रूस में पढ़ाई के उद्देश्य से गया था। तब से 23 जुलाई तक उनकी रोजाना भाई से बातचीत होती थी लेकिन 23 जुलाई के बाद से उनका भाई से कोई संपर्क नहीं हो सका। आशु ने बताया कि उनके भाई से संपर्क ना होने की वजह से माता-पिता और परिजन बेहद दुखी हैं। उन्होंने भारत में रूसी दूतावास (Russian Embassy) में पता करने की कोशिश की लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

मॉस्को की यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने गए थे तीनों युवक

परिजनों के मुताबिक, तीनों युवक रूस की मॉस्को स्टेट लिंग्विस्टिक यूनिवर्सिटीमें पढ़ाई करने के लिए गए थे। वे स्टडी वीजा पर रूस पहुंचे थे और शुरुआती दिनों में परिवार के सदस्यों से लगातार फोन पर बातचीत भी होती थी। परिवारों का कहना है कि रूस पहुंचने के बाद कुछ समय तक तीनों युवकों से नियमित संपर्क बना रहा। इसलिए उनकी पढ़ाई और वहां रहने को लेकर परिजनों को किसी तरह की विशेष चिंता नहीं थी। इसके बाद अचानक तीनों से परिजनों का संपर्क टूट गया। परिजनों ने कई बार उनके मोबाइल फोन पर कॉल करने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद मिलने के बाद परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती चली गई।

कई दिनों से बंद हैं युवकों के मोबाइल

परिजनों का कहना है कि आखिरी बातचीत के बाद से तीनों युवकों के मोबाइल फोन बंद हैं। लगातार संपर्क की कोशिशों के बावजूद उनसे कोई बातचीत नहीं हो सकी है। परिवारों ने अपने स्तर पर भी उनके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की, लेकिन अभी तक उनकी स्थिति को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

एजेंट पर स्टडी वीजा के लिए पैसे लेने का आरोप

परिजनों के मुताबिक, हाइपर वीजा के संचालक आकाश भारद्वाज के जरिए तीनों युवकों को रूस भेजा गया था। परिवारों का दावा है कि उनसे स्टडी वीजा और रूस भेजने के लिए करीब 3.70 लाख रुपये लिए गए थे। जब तीनों युवकों से संपर्क टूट गया तो उनके परिजनों ने एजेंट आकाश भारद्वाज से संपर्क किया। परिवारों का आरोप है कि उन्होंने युवकों के बारे में जानकारी मांगी, लेकिन शुरुआत में उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं मिल सकी। परिजनों के मुताबिक, बाद में एजेंट ने फोन उठाना भी बंद कर दिया। इसके बाद परिवारों की चिंता और बढ़ गई।

परिवारों ने सरकार से लगाई मदद की गुहार

तीनों युवकों के परिजन अब सरकार और संबंधित अधिकारियों से मदद की मांग कर रहे हैं। परिवारों की अपील है कि रूस में तीनों युवकों की जल्द तलाश कर उनकी स्थिति के बारे में जानकारी दी जाए। परिजन चाहते हैं कि संबंधित एजेंसियां मामले में हस्तक्षेप कर युवकों का पता लगाने के लिए जरूरी कदम उठाएं और उनकी सुरक्षित भारत वापसी सुनिश्चित कराने में मदद करें।

Updated on:
11 Sept 2026 12:19 pm
Published on:
11 Sept 2026 12:18 pm