Salary in Private Job: फ्रेसर्श को भी औसत पे पैकेज देने में IT कंपनियां पिछड़ गई। इन सेक्टरों में मिल रही ज्यादा सैलरी।
Global Capacity Centers: भारत में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की ओर से स्थापित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCG) देश की परंपरागत आइटी सर्विस कंपनियों के मुकाबले समान टेक पोजिशन के लिए अपने कर्मचारियों को 12% से 20% तक अधिक वेतन दे ही हैं। टीमलीज की डिजिटल स्किल्स रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में जीसीसी के विस्तार और टेक प्रोफेशनल्क की बढ़ती मांग के कारण आईटी कंपनियों और जीसीसी में मिलने वाले वेतन का अंतर बढ़ता जा रहा है। फ्रेशर्स को भी अधिक सैलरी पैकेज देने में IT कंपनियां पिछड़ गई हैं। 2024 में आईटी कंपनियों से अधिक सालाना औसत पैकेज फ्रेशर्स को ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम और एविएशन सेक्टर की कंपनियों ने दिया है। जबिक एक साल में ट्रैवल-टूरिज्म सेक्टर में फ्रेशर्स का पैकेज सबसे अधिक 14% बढ़ा है।
जीसीसी सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को उनके अनुभव के आधार पर सालाना 9.7 लाख रुपए से लेकर 43 लाख रुपए तक का वेतन दे रहे हैं। इसके विपरीत, आइटी कंपनियां 5.7 लाख रुपए प्रति वर्ष दे रही हैं, जो 8 साल से अधिक अनुभव रखने वालों के लिए 17.9 लाख रुपए प्रति वर्ष तक पहुंचता है। अभी भारत में 1,600 जीसीसी में 16.6 लाख से अधिक लोग काम कर रहे हैं। अगले पांच से अतिरिक्त 800 जीसीसी स्थापित होने की उम्मीद है। नए जीसीसी कोलकाता, अहमदाबाद और वडोदरा, जयपुर जैसे शहरों में स्थापित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय रोजगार में वृद्धि होगी। भारत में 20.5 लाख महिलाएं टेक सेक्टर में काम कर रही हैं। 2027 तक जीसीसी में टेक रोल्स में महिलाओं की हिस्सेदारी 35% तक बढऩे की उम्मीद है।
देश में फ्रेशर्स को मिलने वाला औसत पैकेज 3.25 लाख रुपए सालाना है। 2020 से अब तक वेतन में सिर्फ 36% का इजाफा हुआ है। 1600 से अधिक जीसीसी हैं देश में अभी, जिनमें करीब 17 लाख लोग करते हैं काम, 800 अतिरिक्त जीसीसी अगले 5 साल में स्थापित होंगे। साथ ही 70% टेलीकॉम, मीडिया, बीएफएसआइ, एनर्जी और यूटिलिटीज कंपनियां अपने टेक्नोलॉजी बजट का 20% से अधिक डिजिटल एडवांसमेंट पर खर्च कर रहीं हैं।
फ्रेसर्स का सालाना औसत पैकेज
सेक्टर 2023-2024 बढ़ोतरी
ऑटोमोटिव 5.0-5.5 10%
एविएशन 3.9-4.2 7.7%
टेलीकॉम 3.7-4.0 8.1%
IT 3.6-3.9 8.4%
रिटेल 2.6-2.8 7.7%
लॉजिस्टिक्स 2.9-2.7 6.9%
बैंकिंग-फाइनेंस 2.5-2.6 4.0%
ट्रैवल-टूरिज्म 2.1-2.4 14.2%
मैन्युफैक्चरिंग 2.0-2.2 10%
फार्मा 2.0-2.2 10 %.
(सालाना औसत पैकेज लाख रुपए में)
अनुभव 0-3 साल 3-8 साल 8 साल
एआइ-एमएल इंजीनियर 8.2 21.8 43
सॉफ्टवेयर डेवलपर 9.7 15.8 23.6
फुल स्टैक डेवलपर 10.2 20.5 30.5
सॉफ्टवेयर इंजीनियर 5.7 11.7 17.9
डेवऑप्स इंजीनियर 6.1 11.3 23
आइओटी इंजीनियर 6.9 15.4 24.9
ऑटोमेशन इंजीनियर 6.0 9.9 17.8
मैकेनिकल डिजाइन इं. 6.1 11.9 15.6
(औसत सालाना पैकेज लाख रुपए में)