
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे, जबकि अमित शाह को तिहाड़ जेल जाना पड़ेगा। राउत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि विपक्ष को चर्चा नहीं, बल्कि उनका इस्तीफा चाहिए।
संजय राउत ने तेलंगाना में लोकतंत्र बचाने के नाम पर हुई रैली को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं, वही लोकतंत्र बचाने के नाम पर रैली निकाल रहे हैं। सवाल यह है कि वे आखिर किससे लोकतंत्र को बचाने की कोशिश कर रहे हैं?
संजय राउत ने एनसीपी नेताओं की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद पार्टी पर निशाना साधा है। संजय राउत ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि महाराष्ट्र के गौरव की मजबूत दीवार! एक साहसी मराठी व्यक्ति की ओर से स्थापित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को गुजराती कारोबारियों के चरणों में कुर्बान कर दिया गया। उन्होंने आगे एनसीपी नेताओं पर तंज कसते हुए उन्हें चापलूस और मूर्ख बताया।
राउत की यह बयान सोमवार को एनसीपी के छह वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात के एक दिन बाद आई है। इस प्रतिनिधिमंडल में धनंजय मुंडे, सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल, हसन मुश्रीफ, छगन भुजबल और दिलीप वलसे पाटिल शामिल थे। बताया जा रहा है कि एनसीपी महाराष्ट्र में वित्त मंत्रालय का विभाग दोबारा पार्टी को सौंपने की मांग कर रही है।