
Supreme Court on Waqf law: सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को वक्फ संशोधन कानून पर सुनवाई टल गई। अब इस मामले में 15 मई को सुनवाई होगी। अब इस मामले में नए सीजेआई बीआर गवई की बेंच सुनवाई करेगी, क्योंकि मौजूदा सीजेआई संजीव खन्ना 13 मई को रिटायर हो रहे हैं। मामले की सुनवाई करते हुए सीजेआई संजीव खन्ना ने कहा कि ऐसे मामलों में आदेश पारित करने से पहले उचित सुनवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर किसी की बात सुननी होगी।
पीठ ने सुनवाई कहते हुए कहा कि हमने जवाबी और जवाबी दलीलों पर गौर किया है। हां, पंजीकरण और कुछ आंकड़ों पर कुछ मुद्दों पर सवाल उठाए गये हैं और याचिकाकर्ताओं ने आपत्तियां दर्ज की हैं। इन पर विचार किए जाने की जरूरत है।
पीठ ने कहा कि सरकार द्वारा देश की वक्फ संपत्तियों के रूप में पेश किए गए 3921236.459 एकड़ भूमि के आंकड़े पर सर्वोच्च न्यायालय विचार करेगा, जिस पर दूसरे पक्षों द्वारा आपत्ति की जा रही है।
CJI ने कहा कि इस मामले की सुनवाई किसी भी उचित दिन होनी चाहिए। यह मेरे समक्ष नहीं होगा। हम इसे न्यायमूर्ति गवई की पीठ के समक्ष रखेंगे। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के समक्ष केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए। उन्होंने कहा कि हम पीठ से बात करने की कोशिश करेंगे, क्योंकि हर दलील का जवाब होता है, लेकिन वह मुख्य न्यायाधीश को उलझन में नहीं डालेंगे, क्योंकि समय नहीं है।
वक्फ संशोधन अधिनियम का बचाव करते हुए सरकार ने कहा था कि निजी संपत्तियों और सरकारी संपत्तियों पर अतिक्रमण करने के लिए वक्फ प्रावधानों का दुरुपयोग किए जाने की खबरें आई हैं। केंद्र सरकार ने अपने एक हलफनामे में कहा कि यह जानना वाकई चौंकाने वाला है कि वर्ष 2013 में लाए गए संशोधन (वक्फ कानून में) के बाद वक्फ की संपत्ति में 116 फ़ीसदी की वृद्धि हुई है।
सुप्रीम कोर्ट में वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 पर सुनवाई पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा यह एक अच्छा फैसला है, हम इसका स्वागत करते हैं। उन्होंने नैतिकता की बात की। अगर सभी जज ऐसे कदम उठाते हैं, तो मुझे लगता है कि इससे लोगों का न्यायपालिका पर भरोसा और भी बढ़ेगा। हमें अभी भी उम्मीद है कि संविधान की रक्षा होगी और उन्होंने इसे (अगले CJI) गवई की अदालत में भेज दिया है। उनकी बेंच हर चीज की जांच करेगी और याचिका पर ध्यान देगी।