Pulwama Attack Anniversary: वैलेंटाइन-डे यानी 14 फरवरी का ‘काला दिन’ (Black Day) भला कौन भूल सकता है। इस दिन देश के 40 बहादुर जवान शहीद हुए थे। पुलवामा हमले की 7वीं बरसी पर तलाशी अभियान तेज कर दी गई है।
Pulwama Attack 7th Anniversary: पुलवामा आत्मघाती हमले की यादें फिर से ताजा हो गई हैं। 7वीं बरसी पर पूरी कश्मीर घाटी (Kashmir Valley) एक हाई-अलर्ट जोन में बदल गई है। लेथपोरा में 2019 में हुए आत्मघाती हमले में शहीद हुए CRPF के 40 जवानों को याद करते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने हर मोड़ पर चौकसी बढ़ा दी है। श्रीनगर से लेकर संवेदनशील इलाकों तक सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों की तैनाती है।
बीते कल शुक्रवार को श्रीनगर के लाल चौक (Lal Chowk) में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। बरसी से पहले सुरक्षा बढ़ाने के लिए यहां संयुक्त कासो चलाया गया और कई संवेदनशील जगहों पर नाके लगाए गए। ऑपरेशन के दौरान होटलों, लॉज और बिजनेस सेंटरों की गहन जांच की गई। अधिकारियों ने बताया कि होटल मालिकों से ठहरने वाले लोगों का पूरा विवरण लेकर उसका वेरिफिकेशन किया गया ताकि कोई संदिग्ध गतिविधि छूट न जाए।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की मौजूदगी पूरे इलाके में बनी रही। थोड़ी देर के लिए ट्रैफिक भी रेगुलेट किया गया, लेकिन बाद में हालात सामान्य हो गए। यह अभियान एहतियातन चलाया गया ताकि श्रीनगर और आसपास के इलाकों में किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
बात है 14 फरवरी 2019 की, दोपहर तकरीबन 3 बजकर 10 मिनट पर CRPF के 2500 से ज्यादा जवानों का काफिला जब हाईवे से गुजर रहा था, तभी पुलवामा (Pulwama) के लेथपोरा में एक कार तेजी से आकर जवानों की बस से टकराई। कार में 300 किलो से ज्यादा विस्फोटक था, जिसने कुछ ही सेकंड में 40 जवानों की जान ले ली। पूरा इलाका धुएं और चीखों से भर गया।
इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ (Jaish-e-Mohammed) ने ली थी। पूरा देश सदमे में था, लेकिन 12 दिन बाद भारत ने जवाब देते हुए ‘बालाकोट’ Balakot में एयर स्ट्राइक की, जिसमें कई आतंकी मारे गए। तब से 14 फरवरी को शहीदों की याद का दिन माना जाता है।