
West Bengal BJP Cabinet: पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार में मंत्रियों के विभागों के बंटवारे (पोर्टफोलियो आवंटन) को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी बीच मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने शुक्रवार को नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Nabin) से लगभग डेढ़ घंटे तक अहम बैठक की। यह बैठक पूरी तरह गोपनीय रखी गई थी, लेकिन सूत्रों के अनुसार इसमें नई कैबिनेट के 35 मंत्रियों के विभागों को अंतिम रूप देने और राजनीतिक संतुलन पर विस्तार से चर्चा हुई।
गौरतलब है कि 1 जून को लोक भवन में 35 मंत्रियों ने शपथ ली थी, जिनमें 13 कैबिनेट मंत्री, 3 स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री और 19 राज्य मंत्री शामिल हैं। इसके बाद से ही विभागों के बंटवारे को लेकर चर्चाएं तेज थीं। सूत्रों का कहना है कि बैठक का मुख्य उद्देश्य सभी मंत्रियों के पोर्टफोलियो को अंतिम रूप देना था ताकि जल्द से जल्द आधिकारिक घोषणा की जा सके।
इस अहम बैठक में बंगाल भाजपा के राज्य अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य मौजूद नहीं थे, हालांकि वे उस समय दिल्ली में ही थे। वहीं केंद्रीय पर्यवेक्षक सुनील बंसल भी चर्चा के दौरान मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व हर मंत्रालय में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए अंतिम फैसला कर रहा है।
13 कैबिनेट मंत्रियों में स्वपन दासगुप्ता, अर्जुन सिंह, मनोज ओराओं, तपस रॉय, शंकर घोष और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हैं। इन सभी के विभाग अभी तक तय नहीं किए गए हैं। पहले ही पांच मंत्रियों को विभाग आवंटित किए जा चुके हैं, जिनमें अग्निमित्र पॉल, दिलीप घोष, अशोक कीर्तनिया, निसिथ प्रमाणिक और क्षुदिराम टुडू शामिल हैं।
इससे पहले 9 मई को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में शपथ ग्रहण समारोह हुआ था, जिसने बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव दर्ज कराया था।
पार्टी के भीतर कई नेताओं का मानना है कि विभागों के बंटवारे में देरी से प्रशासनिक कामकाज और बजट तैयारी प्रभावित हो रही है। बजट सत्र 18 जून से शुरू होना है, ऐसे में समय की कमी चिंता का विषय बनी हुई है। हालांकि, भाजपा नेतृत्व का कहना है कि यह देरी रणनीतिक है और हर मंत्रालय को सोच-समझकर जिम्मेदारी दी जाएगी ताकि शासन व्यवस्था मजबूत हो सके।