23 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Surajpur News: मां की अंतिम यात्रा की चल रही थी तैयारी, इधर शिक्षक बेटे ने भी तोड़ दिया दम, दोनों की एक साथ उठी अर्थी, हर आंखें हुईं नम

Surajpur Heart breaking news: सूरजपुर जिले के रामानुजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दवना में हुई हृदयविदारक घटना, बेटा कुछ दिन पहले ही प्रमोट होकर बना था प्रधानपाठक
2 min read
Google source verification
Mother-son died

Mother-son funeral together (Photo source- AI)

रामानुजनगर। सूरजपुर जिले के रामानुजनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम दवना में बुधवार को एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र को शोकाकुल कर दिया। प्राथमिक शाला दवना के प्रधानपाठक रामधन साहू उम्र 52 वर्ष ने अपनी मां के निधन के कुछ ही घंटों बाद हृदयाघात (Mother-son died) से दम तोड़ दिया। एक ही परिवार से कुछ घंटों के अंतराल में मां और बेटे की अर्थियां उठने से गांव में गहरा मातम छा गया। यह नजारा देख हर एक व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। दरअसल शिक्षक रामधन साहू कुछ दिन पहले ही प्रधानपाठक बने थे।

दरअसल ग्राम दवना निवासी शिक्षक रामधन साहू की वृद्ध मां की बुधवार को अचानक तबियत बिगड़ गई थी। परिजन उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इससे पहले ही उनकी घर पर ही मौत हो गई। मां के निधन से पूरा परिवार शोक में डूब गया और अंतिम संस्कार (Funeral of mother) की तैयारियां शुरु कर दी गईं।

दोपहर के समय जब परिजन अंतिम यात्रा की तैयारी में जुटे थे और मां की अर्थी सज चुकी थी, तभी रामधन साहू की अचानक तबियत बिगड़ गई। उन्होंने सीने में तेज दर्द और घबराहट की शिकायत की। परिजन तत्काल उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस अप्रत्याशित घटना (Mother-son death case) से परिवार सहित पूरे गांव में मातम छा गया।

Surajpur Mother-son died: हर व्यक्ति की आंखें हो गईं नम

ग्रामीणों ने बताया कि जिस बेटे ने अपनी मां को अंतिम विदाई देने के लिए खुद को संभाल रखा था, उसे भी शायद यह आभास नहीं था कि कुछ ही देर बाद उसकी अपनी अंतिम यात्रा भी उसी दिन निकलेगी। एक ही आंगन से कुछ घंटों के भीतर मां और बेटे की दो अर्थियां उठने का दृश्य देखकर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

कुछ दिनों पूर्व पदोन्नत होकर बने थे प्रधानपाठक

रामधन साहू शिक्षा विभाग (Education department) में लंबे समय से सेवाएं दे रहे थे। वे हाल ही में पदोन्नत होकर अपने ही गांव की प्राथमिक शाला दवना में प्रधान पाठक बने थे। वे एक पैर से दिव्यांग होने के बावजूद पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने शिक्षकीय दायित्वों का निर्वहन करते थे।

उनके सरल स्वभाव, अनुशासन और विद्यार्थियों के प्रति लगाव के कारण वे ग्रामीणों, अभिभावकों और सहकर्मियों के बीच अत्यंत सम्मानित थे। घटना की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षकए जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण दवना पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। सभी ने दिवंगत मां और शिक्षक रामधन साहू को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।