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अंबिकापुर। सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई हैं। दरअसल महाराष्ट्र के पुणे में काम करने गए एक युवक की जहरीली शराब के सेवन से मौत हो गई थी। 3 दिन बाद जब शव घर पहुंचा तो मां का रो-रोकर हाल-बेहाल हो गया। इसी बीच उसे ऐसा गहरा सदमा लगा कि कुछ देर बाद उसकी भी मौत (Heart Breaking News) हो गई। इस घटना से पूरे गांव में भी मातम पसर गया है। फिर काफी गमगीन माहौल में मां-बेटे का अंतिम संस्कार किया गया। इधर पति के बाद सास की भी मौत हो जाने से मृतक की पत्नी व मासूम बेटे पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
सीतापुर के ग्राम उलकिया निवासी राजेंद्र टोप्पो पिता सुबन 35 वर्ष मजदूरी करता था। पिता की मौत के बाद घर में उसकी 55 वर्षीय मां सुखमनिया के अलावा पत्नी व 2 वर्षीय पुत्र साथ रहते थे। आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से 6 महीने पहले वह अपनी पत्नी और पुत्र को लेकर महाराष्ट्र के पुणे (Maharashtra) में काम करने गया था। वहां रहकर वह मजदूरी कर रहा था।
बताया जा रहा है कि वह शराब भी पीता था। इसी बीच 27-28 मई को जहरीली शराब के सेवन से उसकी तबीयत काफी खराब हो गई थी। इससे उसकी मौत (Death from drink liquor) हो गई। इससे पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूणे से वह 3 दिन बाद पति का शव लेकर घर पहुंची। शव देख मां दहाड़ मार-मारकर रोने लगी।
बेटे के शव देख लगातार रोने से उसकी भी तबीयत अचानक बिगड़ गई और सदमे में उसकी भी मौत हो गई। बेटे के बाद मां की मौत से गांव के लोगों की आंखें भी नम हो गईं। फिर ग्रामीणों ने परिजन के साथ मिलकर 1 जून को दोनों का अंतिम संस्कार किया। इधर मां-बेटे की मौत (Mother-Son death) से पत्नी व मासूम बेटे अनाथ हो गए।
गरीबी व गांव में रोजगार (Employment) के अभाव की वजह से राजेंद्र परिवार समेत पलायन को मजबूर हुआ। अभी शासकीय योजना के तहत गांवों में चलने वाले निर्माण कार्य ठप पड़े हुए हैं। इसकी वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का अभाव हो गया है और भारी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से लोग दूसरे राज्यों में रोजगार के लिए पलायन कर रहे हंै।
Published on:
03 Jun 2026 02:59 pm
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