
नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ मुश्किल में घिरते नजर आ रहे हैं। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने तीनों अभिनेताओं को विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एफडीए का आरोप है कि विज्ञापन में भले ही सीधे तौर पर इलायची का प्रचार किया जा रहा हो, लेकिन इसके जरिए विमल पान मसाला ब्रांड का अप्रत्यक्ष या सरोगेट विज्ञापन किया जा रहा है। महाराष्ट्र में पान मसाला पर फिलहाल प्रतिबंध है, जिसके चलते राज्य एफडीए ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंडे की ओर से जारी नोटिस में तीनों अभिनेताओं को विज्ञापन अभियान से तुरंत अलग होने और अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से इससे संबंधित सभी प्रचार सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में कहा गया है कि विज्ञापन के मामले में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 24 के तहत तीनों को 15 दिनों के भीतर अपना जवाब देना होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, एफडीए ने अजय देवगन को उनके जुहू स्थित घर पर और शाहरुख खान को बांद्रा स्थित उनके घर मन्नत पर नोटिस पहुंचाया। वहीं, टाइगर श्रॉफ को नोटिस उनकी प्रोडक्शन कंपनी टाइगर श्रॉफ प्रोडक्शंस एलएलपी के जरिए दिया गया है। नोटिस में तीनों से विज्ञापन में उनकी भूमिका को लेकर जवाब मांगा गया है।
एफडीए का कहना है कि विमल ब्रांड मुख्य रूप से पान मसाला से जुड़ा हुआ है और महाराष्ट्र में इसके निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर रोक लगी हुई है। यह प्रतिबंध 13 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र के खाद्य सुरक्षा आयुक्त की ओर से जारी आदेश के तहत लगाया गया है और इसकी अवधि एक साल की है।
इस कार्रवाई में एफडीए ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एफएसएस) एक्ट, 2006 की धारा 24 का भी हवाला दिया है। यह धारा खाद्य उत्पादों से जुड़े ऐसे विज्ञापनों पर रोक लगाती है, जो भ्रामक या धोखा देने वाले हो सकते हैं। इसके अलावा, नोटिस में इसी कानून की धारा 53 का भी जिक्र किया गया है। इस धारा के तहत भ्रामक खाद्य विज्ञापन के प्रकाशन या प्रचार से जुड़े लोगों पर 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को भेजे गए ये नोटिस महाराष्ट्र एफडीए की बड़ी कार्रवाई का हिस्सा हैं। राज्य में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ विभाग ने हाल के दिनों में अपना अभियान तेज किया है। खास तौर पर गुटखा और तंबाकू या निकोटीन वाले प्रतिबंधित पान मसाला उत्पादों के निर्माण और बिक्री पर नजर रखी जा रही है।
इसके अलावा एफडीए खाद्य और दूध में मिलावट, स्कूलों के आसपास अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों की बिक्री और प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों के निर्माण एवं वितरण जैसे मामलों में भी कार्रवाई कर रहा है। हाल के महीनों में विभाग ने कई जगहों पर निरीक्षण और जब्ती की कार्रवाई की है।
बता दें कि महाराष्ट्र सरकार का 'फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन' (एफडीए) राज्य का मुख्य रेगुलेटरी अथॉरिटी है, जो खाद्य उत्पादों, दवाओं और कॉस्मेटिक्स की सुरक्षा, गुणवत्ता और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए काम करता है। मेडिकल एजुकेशन और ड्रग्स डिपार्टमेंट के तहत काम करते हुए एफडीए महाराष्ट्र कई अहम कानूनों को लागू करने और उनका पालन करवाने के लिए जिम्मेदार है।