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जातिसूचक गालियां देने से रोका तो कैब ड्राइवर पर गिरी गाज, कंपनी ने 99 साल के लिए किया सस्पेंड

Lucknow Cab Driver Case: राजधानी लखनऊ में जातिवादी गालियों का विरोध करना एक कैब ड्राइवर को भारी पड़ गया। पैसेंजर्स को बीच रास्ते उतारने के बाद कंपनी ने उसका अकाउंट 99 साल के लिए सस्पेंड कर दिया। नीचे देखें वीडियो-
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लखनऊ

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Saurabh Mall

Aug 16, 2026

LUCKNOW CAB DRIVE CASE (1)

जातिसूचक गालियां देने से रोकना कैब ड्राइवर को पड़ा भारी, अकाउंट 99 साल के लिए सस्पेंड। (इमेज सोर्स: The Observer Post का यूजर स्क्रीनशॉट)

Lucknow Cab Driver Ban 99 Years: लखनऊ में कैब राइड के दौरान एक ऐसा विवाद हुआ, जिसने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी है। दरअसल, एक दलित कैब ड्राइवर ने यात्रियों को जातिसूचक गालियां देने से रोका। लेकिन पैसेंजर ने उसकी बात नहीं मानी। इसके बाद ड्राइवर ने बीच रास्ते में कैब रोक दी और चारों यात्रियों को नीचे उतरने के लिए कह दिया। इसके बाद यात्रियों ने खूब हो-हल्ला मचाया। इसी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस बीच ड्राइवर ने दावा किया है कि कैब कंपनी ने उसका अकाउंट 99 साल और 11 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया। ड्राइवर का आरोप है कि कंपनी ने कार्रवाई से पहले उसका पक्ष तक नहीं सुना। वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद उसे सोशल मीडिया पर धमकी भरे मैसेज भी मिल रहे हैं।

सफर के दौरान शुरू हुआ विवाद

मामला सोमवार सुबह का बताया जा रहा है। 30 वर्षीय अंकित कुमार ने उतरहटिया रेलवे स्टेशन से चार यात्रियों को कैब में बैठाया था। उन्हें चारबाग रेलवे स्टेशन जाना था।

अंकित के मुताबिक, सफर के दौरान यात्री एक वरिष्ठ अधिकारी को लेकर बातचीत कर रहे थे। शुरुआत में उसने उनकी बातों में दखल नहीं दिया। लेकिन कुछ देर बाद यात्रियों ने अधिकारी की जाति को लेकर कथित तौर पर अपमानजनक बातें शुरू कर दीं। अंकित ने उन्हें ऐसा करने से रोकने की कोशिश की। उसने समझाया कि किसी व्यक्ति की काबिलियत का उसकी जाति से कोई संबंध नहीं होता। लेकिन यात्रियों ने उसकी बात नहीं मानी।

बात नहीं मानी तो बीच रास्ते उतारा

अंकित का कहना है कि यात्रियों ने बार-बार जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। उसने कई बार उन्हें रोकने की कोशिश की। जब बात नहीं बनी तो उसने कैब रोक दी। यह जगह तेलीबाग बाजार के पास एक पुलिस चौकी के नजदीक बताई जा रही है। अंकित ने चारों यात्रियों से कैब से उतरने को कहा। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। इसी दौरान किसी ने वीडियो बना लिया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अंकित का कहना है कि यात्रियों की भाषा से वह आहत हुआ था। उसने यह भी कहा कि वह उसी समुदाय से आता है।

99 साल 11 महीने का सस्पेंशन

वीडियो वायरल होने के बाद यात्रियों ने कैब कंपनी से शिकायत की। अंकित के मुताबिक, कंपनी ने उसका पक्ष जाने बिना उसका ड्राइवर अकाउंट सस्पेंड कर दिया। जब उसने ऐप खोला तो सस्पेंशन की अवधि देखकर वह हैरान रह गया। अकाउंट पर 99 साल और 11 महीने का सस्पेंशन दिख रहा था।

‘TOI’ के रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंकित के पास मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा है। इसके बावजूद वह परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए कैब चलाता है। उसके पिता दिहाड़ी मजदूर हैं और मां गृहिणी हैं। अंकित अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य है। उसका कहना है कि अकाउंट बंद होने से उसकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ा है। इसके अलावा वायरल वीडियो के बाद उसे सोशल मीडिया पर गालियां और धमकियां भी मिल रही हैं। उधर कैब कंपनी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।