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PM Modi Independence Day Speech 2026: ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर चिदंबरम का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पलटवार, बोले- मुझे इस नाम पर गर्व है

PM Modi Dimagi Naxal Remark: लाल किले से उठी दिमागी नक्सल की बहस अब सीधे सियासी टकराव में बदलती दिख रही है। चिदंबरम के एक छोटे से जवाब ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच वैचारिक संघर्ष को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
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भारत

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Manoj Vashisth

Aug 16, 2026

P Chidambaram Dimagi Naxal

P Chidambaram Dimagi Naxal ‘दिमागी नक्सल’ पर चिदंबरम का पलटवार, बोले- ‘मुझे गर्व है’… (फोटो सोर्स: ANI)

P Chidambaram Dimagi Naxal: स्वतंत्रता दिवस के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिमागी नक्सल वाले बयान ने सियासत को एक बार फिर गरमा दिया है। बयान के अगले ही दिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने ऐसा पलटवार किया, जिसने राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया। चिदंबरम ने सोशल मीडिया पर खुद को दिमागी नक्सल कहे जाने पर गर्व जताया। उनके इस जवाब के बाद कांग्रेस और विपक्षी दलों ने भी प्रधानमंत्री के बयान की भाषा और मंशा पर सवाल उठाए हैं।

P Chidambaram Dimagi Naxal: ‘दिमागी नक्सल’ पर चिदंबरम का सीधा पलटवार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में नक्सलवाद के खिलाफ कड़ा संदेश देने के बाद कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने तीखे अंदाज में जवाब दिया है। चिदंबरम ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्हें दिमागी नक्सल कहे जाने पर गर्व है। उनका यह बयान प्रधानमंत्री के उस आह्वान के जवाब में आया, जिसमें मोदी ने वैचारिक नक्सली सोच रखने वालों को पहचानकर अलग-थलग करने की बात कही थी।

PM Modi Independence Day Speech 2026: लाल किले से मोदी का नक्सलवाद पर कड़ा संदेश

प्रधानमंत्री ने लाल किले से कहा था कि सशस्त्र नक्सलवाद अपने अंतिम दौर में है, लेकिन ऐसी मानसिकता रखने वाले लोग अब भी समाज में मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे तत्व हिंसा और अराजकता को बढ़ावा देने का अवसर तलाशते हैं। मोदी ने यह भी कहा कि दशकों तक माओवादी हिंसा ने युवाओं के सपनों को नुकसान पहुंचाया और संघर्ष में 3,500 से अधिक सुरक्षाकर्मी मारे गए।

‘अर्बन नक्सल’ शब्द पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

चिदंबरम के जवाब से पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश भी प्रधानमंत्री पर निशाना साध चुके थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अर्बन नक्सल जैसे शब्दों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों और असहमति की आवाजों को बदनाम करने के लिए किया जाता रहा है। विपक्ष ने यह सवाल भी उठाया कि अर्बन नक्सल या दिमागी नक्सल की स्पष्ट आधिकारिक परिभाषा क्या है। 2020 में एक आरटीआई के जवाब में गृह मंत्रालय के संबंधित विभाग ने अर्बन नक्सल के बारे में जानकारी होने से इनकार किया था।

चिदंबरम के बयान पर शाहनवाज हुसैन का पलटवार

भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने चिदंबरम के बयान पर कहा कि प्रधानमंत्री ने सीधे तौर पर कांग्रेस नेताओं को ‘दिमागी नक्सल’ नहीं कहा था। उनका तर्क था कि यदि कांग्रेस के नेता खुद आगे बढ़कर इस लेबल को अपने ऊपर ले रहे हैं, तो यह उनकी अपनी समस्या है। इस बयान ने विवाद को और धार दे दी है।

सरकार का दावा - नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई निर्णायक दौर में

वहीं, नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की नीति को लेकर केंद्र का रुख लगातार सख्त रहा है। मार्च 2026 में गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा था कि वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ अभियान निर्णायक चरण में है और सुरक्षा बलों तथा स्थानीय लोगों की भूमिका अहम रही है।

इस पूरे विवाद का एक अहम पहलू यह भी है कि सरकार ने आगामी जनगणना में जातिगत गणना शामिल करने का फैसला किया है। कांग्रेस पहले जिन मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाती रही, उनमें जातिगत जनगणना भी प्रमुख रही है।

अब सवाल केवल एक राजनीतिक बयान का नहीं, बल्कि यह तय करने का है कि लोकतंत्र में वैचारिक असहमति की सीमा कहां खत्म होती है और राजनीतिक आरोपों की शुरुआत कहां से होती है। चिदंबरम का जवाब इसी बहस को और तेज करता दिखाई दे रहा है।

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