लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही गुरूवार को हंगामें के साथ शुरू हुई। कांग्रेस ने गुरुवार को लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश किया, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा 200 से अधिक भारतीय नागरिकों के निर्वासन पर चर्चा की मांग की। सदन में शर्म करो मोदी सरकार जैसे नारे गुंज उठे। भारी हंगामे के बीच दोनों सदनों […]
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही गुरूवार को हंगामें के साथ शुरू हुई। कांग्रेस ने गुरुवार को लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश किया, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा 200 से अधिक भारतीय नागरिकों के निर्वासन पर चर्चा की मांग की। सदन में शर्म करो मोदी सरकार जैसे नारे गुंज उठे। भारी हंगामे के बीच दोनों सदनों को स्थगित कर दिया गया।
स्पीकर ओम बिरला ने कहा, "आपकी चिंताएं सरकार के विचाराधीन हैं और यह विदेश नीति का मामला है, जो दूसरे देश के मामलों से जुड़ा है। यह भारत सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है।" स्थगन के समय निचले सदन में प्रश्नकाल चल रहा था। स्पीकर ने सांसदों से आग्रह किया कि वे कार्यवाही को सुचारू रूप से चलने दें और प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद वे अपने मुद्दे उठा सकते हैं, हालांकि विपक्ष द्वारा इसका पालन न किए जाने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 02 बजे फिर से शुरू करने के लिए स्थगित कर दी।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का “अच्छा दोस्त” कहा जाता है और पूछा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने अवैध भारतीयों के साथ “अमानवीय व्यवहार” क्यों होने दिया। उन्होंने पूछा कि क्या भारत उन्हें अमेरिका से वापस लाने के लिए अपना विमान भेज सकता था। उन्होंने पूछा, “क्या इंसानों के साथ ऐसा ही व्यवहार किया जाता है? कि उन्हें हथकड़ी और बेड़ियाँ लगाकर वापस भेजा जाता है?” उन्होंने आगे संसद में पीएम मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से जवाब मांगा।
समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने गुरुवार को सरकार से सवाल किया कि अमेरिका से निर्वासित अवैध भारतीय प्रवासियों को किस तरह की “अमानवीय परिस्थितियों” का सामना करना पड़ा। उन्होंने पूछा कि सरकार ने “बच्चों और महिलाओं को इस अपमान से बचाने” के लिए क्या किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को संसद में इस मुद्दे पर जवाब देना चाहिए।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब विपक्ष संसद में सरकार से सैन्य विमान से भारत लाए गए 104 अवैध भारतीयों के साथ अमेरिका द्वारा किए गए “अमानवीय” व्यवहार पर जवाब मांग रहा है। निर्वासितों ने दावा किया कि यात्रा के दौरान उनके हाथ-पैरों में हथकड़ी लगाई गई और अमृतसर में उतरने के बाद ही उन्हें मुक्त किया गया। अमेरिका ने सी-17 ग्लोबमास्टर विमान से अवैध प्रवासियों को वापस भारत भेजा।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने गुरुवार को राज्यसभा को बताया कि सरकार सभी विदेशी देशों में छात्रों की संख्या पर सावधानीपूर्वक नज़र रखती है और किसी भी आपात स्थिति के लिए हमेशा एक योजना तैयार रखती है। जयशंकर ने प्रश्नकाल के दौरान कहा, "हम उनके कल्याण पर भी सावधानीपूर्वक नज़र रखते हैं। जब भी किसी तनाव या हिंसा की संभावना की स्थिति होती है, तो हम छात्रों को सचेत करते हैं। जब भी हमें विमान चलाने या उन्हें बचाने जैसे कोई और कदम उठाने की ज़रूरत होती है, तो हम तैयार रहते हैं, हमारे पास हमेशा उसके लिए आकस्मिक योजनाएँ होती हैं।"
राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव समेत विपक्षी सांसदों ने निर्वासन मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, सपा सांसद धर्मेंद्र यादव, कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला और कुछ अन्य नेताओं ने हथकड़ी पहनकर अपना विरोध जताया और आरोप लगाया कि अवैध भारतीय अप्रवासियों के साथ अमेरिकी सैन्य विमान में भारत वापस आते समय अमानवीय व्यवहार किया गया।