
Elon Musk Starlink India:एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक की भारत में शुरुआत को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा है कि अभी सरकार की मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के मुताबिक, स्टारलिंक और मुकेश अंबानी की कंपनी एक ही प्रक्रिया से गुजर रही हैं। ऐसे में यह कहना सही नहीं होगा कि मस्क की कंपनी पीछे है और अंबानी की कंपनी आगे।
थरूर ने कहा कि स्टारलिंक को भारत में सेवा शुरू करने से पहले तकनीक, सुरक्षा और सिग्नल भेजने से जुड़े कई पहलुओं पर विचार करना होगा। इसके बाद कीमत भी अहम होगी, क्योंकि आखिर में ग्राहक ही तय करेंगे कि उन्हें कौन-सी इंटरनेट सेवा लेनी है।
थरूर ने इंटरनेट सेवा की कीमत को अहम बताते हुए कहा कि अगर एक कंपनी दूसरी के मुकाबले दस गुना ज्यादा पैसे लेती है, तो ग्राहक जरूर सोचेंगे कि ज्यादा कीमत चुकाने पर उन्हें क्या फायदा मिलेगा। अगर उन्हें लगेगा कि महंगी सेवा उनके लिए उतनी ही उपयोगी है, तो वे उसे चुन सकते हैं। लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ, तो वे कम कीमत वाली सेवा लेना पसंद करेंगे।
उनके बयान का साफ मतलब है कि सिर्फ नई तकनीक या बड़ी कंपनी का नाम किसी सेवा को सफल नहीं बना सकता। ग्राहकों को यह भी देखना होगा कि उन्हें अपने खर्च के बदले कितनी अच्छी सुविधा मिल रही है।
थरूर ने कहा कि स्टारलिंक के मामले में सिर्फ कीमत पर फैसला नहीं होगा। सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट देने के लिए तकनीक और सुरक्षा से जुड़े सवालों पर भी ध्यान देना जरूरी है। सिग्नल भेजने की व्यवस्था से जुड़ी बातों को भी देखना होगा। इसलिए सरकार की प्रक्रिया पूरी होने तक इंतजार करना चाहिए।
स्टारलिंक की खासियत यह है कि यह जमीन पर बिछी केबल के बजाय अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट सेवा देती है। ऐसी सेवा दूर-दराज के उन इलाकों में उपयोगी हो सकती है, जहां सामान्य इंटरनेट पहुंचाना मुश्किल है। हालांकि, भारत में इसके इस्तेमाल और कीमत को लेकर लोगों की पसंद इस बात पर निर्भर करेगी कि उन्हें कितनी अच्छी सेवा किस दाम पर मिलती है।
अपनी पसंद के बारे में थरूर ने कहा कि वह अपने मौजूदा इंटरनेट कनेक्शन से संतुष्ट हैं और फिलहाल उन्हें स्टारलिंक की जरूरत नहीं है। लेकिन जिन लोगों को यह सेवा उपयोगी लगती है, उन्हें इसका इस्तेमाल करने का मौका मिलना चाहिए।
थरूर के बयान से साफ है कि स्टारलिंक और दूसरी इंटरनेट सेवाओं के बीच मुकाबले में कीमत, सुविधा और सुरक्षा तीनों अहम होंगे। आखिर में ग्राहक अपने बजट और जरूरत के हिसाब से फैसला करेंगे।