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Axiom-4 मिशन पर निकलने के कुछ घंटे पहले शुभांशु शुक्ला ने अपने माता पिता से कही ये बात

Jun 25, 2025
Shubhanshu Shukla
Shubhanshu Shukla ( photo - ANI )

अपनी ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा से कुछ घंटों पहले भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपने परिवार को एक खास मैसेज भेजा कर कहा कि मेरा इंतजार करना मैं जल्द आ रहा है। शुक्ला और उनके अन्य तीन साथी स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट के क्रू ड्रैगन कैप्सूल में सवार हो कर कुछ ही पलों पहले अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना हुए है। उन्होंने फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से आज दोपहर 12:01 बजे (भारतीय समय अनुसार ) उड़ान भरी है। यह लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39A से किया गया जहां से अपोलो 11 मिशन की लॉन्चिंग की गई थी। यह उड़ान मानव अंतरिक्ष उड़ान में भारत की उपस्थिति के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

उड़ान से पहले भर आई मां की आंखें


भारत में मौजूद शुक्ला के माता पिता ने लाइव प्रसारण के माध्यम से ड्रैगन कैप्सूल की लॉन्चिंग को देखा। इस दौरान उनकी माता आशा शुक्ला की आंखों में आंसू और अपने बेटे के लिए चिंता साफ नजर आ रही थी। लेकिन आंखों में नमी के बावजूद शुक्ला के माता पिता अपने बेटे के लिए उत्साह से खुश होते नजर आए। शुक्ला की बहन ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उनके माता पिता की आंखों में खुशी के आंसू है। उन्होंने आगे कहा, हमारी खुशी का ठिकाना नहीं है, हम बहुत खुश और हमें शुभांशु पर बहुत गर्व है। उन्होंने बताया कि मिशन के लिए रवाना होने से पहले तैयार होते समय शुभांशु ने घर पर बात की थी और वह बहुत खुश नजर आ रहे थे।

मिशन से पहले खिलाई दही चीनी


एक्सिओम मिशन 4 पर रवाना होने से पहले शुक्ला की मां ने भी अन्य भारतीय माताओं की तरह दही चीनी खिलाया। हालांकि शुक्ला अपनी मां के पास मौजूद नहीं थे लेकिन इसके बावजूद मां ने सुबह सुबह वीडियो कॉल के जरिए बेटे को दही चीनी खिलाने का शुभ शगुन पूरा किया। साथ ही मां ने बेटे का हौसला बढ़ाते हुए उसे कहा कि तुम जाओ और अपना मिशन पूरा करो हम जल्द ही दुबारा मिलेंगे।

अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बने शुक्ला


विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष जाने वाले दूसरे भारतीय बन गए है। शर्मा 1984 में सोवियत सोयुज मिशन के तहत अंतरिक्ष की यात्रा पर गए थे। इसके बाद अब शुक्ला ऐसे दूसरे भारतीय बन गए है जो अंतरिक्ष गए है। उनका अंतरिक्ष में जाना इसरो और नासा के बीच एक संयुक्त पहल का नतीजा है। इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2023 की वाशिंगटन यात्रा के दौरान अंतिम रूप दिया गया था।

Updated on:
25 Jun 2025 12:57 pm
Published on:
25 Jun 2025 12:57 pm