जम्मू-कश्मीर में बड़ा हिमस्खलन हुआ है। इस घटना में 7 लोगों की मौत हो गई है, रेस्क्यू अभियान जारी है।
जम्मू-कश्मीर में हिमस्खलन (Avalanche) से बड़ा हादसा हुआ है। जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में हुए हिमस्खलन की चपेट में आने से 7 लोगों की मौत हो गई है और 5 लोग घायल हैं। यह हादसा जोजिला दर्रे (Zojila Pass) के निकट हुआ है। हिमस्खलन के बाद श्रीनगर-कारगिल हाईवे बंद हो गया है। स्थानीय पुलिस और आपदा प्रबंधन के जवान रेस्क्यू अभियान में जुटे हैं।
पुलिस और आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने हादसे की जानकारी दी है। अधिकारियों ने बताया कि बर्फ के नीचे कई गाड़ियां दब गई थीं, जिसके बाद पुलिस और आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बचाव अभियान शुरू किया। अब तक 7 शव बरामद हुए हैं और 5 लोग घायल हैं। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है। आशंका है कि मलबे में दबी गाड़ियों की वजह से मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है। घटनास्थल पर रेस्क्यू अभियान जारी है। हादसे का शिकार हुई गाड़ियां जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से कारगिल की ओर जा रही थीं। लद्दाख के उपराज्यपाल ने भी इस हादसे की जानकारी दी है।
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इस घटना की जानकारी देते हुए दुख जताया है। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने X पर लिखा- मैंने कारगिल के डीसी और SSP को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने एवं राहत व बचाव अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। आपदा राहत बल और BRO सहित सभी सरकारी एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उपराज्यपाल ने आगे लिखा- मैं व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी कर रहा हूं।
कश्मीर घाटी को लद्दाख से जोड़ने वाले जोजिला दर्रे के पास बड़ा हिमस्खलन हुआ है। इस हिमस्खलन के बाद श्रीनगर-कारगिल हाईवे बंद पर आवागमन बंद हो गया है। हाईवे से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के लिए अभियान जारी है। बता दें कि यह हाईवे श्रीनगर और कारगिल को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक टू-लेन सड़क है। यह मार्ग 11,575 फीट ऊंचे जोजिला दर्रे से होकर गुजरती है।
जिस स्थान पर हिमस्खलन हुआ है, वह स्थान अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण ऐसी घटनाओं के लिए संवेदनशील माना जाता है। बता दें कि जिस स्थान पर हादसा हुआ है, वहीं जोजिला दर्रे के नीचे एक विशाल सुरंग का निर्माण कार्य चल रहा है। जोजिला दर्रे के नीचे बन रही 14.2 किलोमीटर लंबी यह सुरंग एशिया की सबसे लंबी सुरंगों में से एक होगी। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य है कि हिमस्खलन के खतरे को कम करके लद्दाख का संपर्क देश के बाकी हिस्सों से सुरक्षित बना रहे।