27 मार्च 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बिटिया @ वर्क : आधुनिक और विकसित भारत के लिए बेटियों के स्मार्ट आइडिया

बिटिया @ वर्क: 'भविष्यवादी नवाचार और कार्यस्थल पर भविष्य का नेतृत्व' थीम के अंतर्गत बेटियों ने गूगल फॉर्म के माध्यम से अपने अभिनव और रचनात्मक विचार साझा किए।

32 min read
Google source verification
bitiya at work rajasthan patrika

bitiya at work rajasthan patrika

Bitiya @ Work: पत्रिका समूह के संस्थापक श्रद्धेय कर्पूर चन्द्र कुलिश जी के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित 'बिटिया @ वर्क' पहल के तहत बेटियों ने भविष्य के भारत की एक शानदार झलक पेश की है। 'भविष्यवादी नवाचार और कार्यस्थल पर भविष्य का नेतृत्व' थीम के अंतर्गत बेटियों ने गूगल फॉर्म के माध्यम से अपने अभिनव और रचनात्मक विचार साझा किए। इन आइडियाज में डिजिटल नवाचार, ग्रीन पहल और स्मार्ट वर्कप्लेस से जुड़े कई सुझाव शामिल हैं। चयनित सुझावों को संकलित कर प्रकाशित किया जा रहा है:

आरित्रा सिंह
उम्र/कक्षा: 9 वर्ष l कक्षा 4
अभिभावक: ऋतु चौहान (मां) एवं आशुतोष प्रताप सिंह (पिता)
कार्य क्षेत्र: सिविल सेवा
आइडिया: नीति विश्लेषण और व्यक्तिगत सेवा वितरण के लिए एआई का उपयोग करना।

हर्षिता कौशिक
उम्र/कक्षा: 18 वर्ष l कक्षा 12
अभिभावक: कृष्ण कुमार कौशिक
कार्य क्षेत्र: निजी कंपनी / कॉर्पोरेट जॉब
आइडिया: अगर समय का प्रभावी उपयोग किया जाए तो काम और भी बेहतर हो सकता है।

मिहिका जैन
उम्र : 19 वर्ष
अभिभावक: पंकज जैन
आइडिया: एक स्वचालित प्रणाली बनाएं जो कर्मचारियों को उनके काम के अनुसार कार्य आवंटित करे। यह प्रणाली कार्य की प्रगति को ट्रैक करेगी, समय पर अनुस्मारक भेजेगी, और उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेगी। इससे कार्य आवंटन आसान होगा, समय पर काम पूरा होगा, उत्पादकता बढ़ेगी और मैनुअल त्रुटियां कम होंगी। इससे कार्य प्रणाली अधिक कुशल और प्रभावी बनेगी।

रेवा चौहान
उम्र/कक्षा: 7 वर्ष | कक्षा 3
अभिभावक: डॉ. अरविंद सिंह चौहान
कार्य क्षेत्र: स्वास्थ्य सेवाएं
आइडिया: मुझे लगता है कि ऐसे टूल्स लगाए जाएं जो बिजली कटने पर भी काम कर सकें।

उन्नति कौशल
उम्र/कक्षा: 16 वर्ष |कक्षा 11
अभिभावक: उपेंद्र कौशल
कार्य क्षेत्र: सरकारी सेवा
आइडिया: 1. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग: AI को अपनी कार्य प्रणाली में शामिल करके हम उपयोगकर्ताओं को अधिक व्यक्तिगत और त्वरित सेवा दे सकते हैं। 2. वॉइस असिस्टेंट: वॉइस असिस्टेंट लागू करके उपयोगकर्ताओं को आवाज़ से जानकारी मिले। 3. चैटबॉट: वेबसाइट पर चैटबॉट से 24/7 सहायता। 4. डेटा एनालिटिक्स: उपयोगकर्ताओं की पसंद-नापसंद समझकर सेवाएं सुधारें। इनसे कार्य प्रणाली अधिक कुशल, त्वरित और उपयोगकर्ता-मित्र बनेगी।

अवनी श्रीवास्तव
उम्र/कक्षा: 9 वर्ष | कक्षा 4
अभिभावक: विशाल श्रीवास्तव
कार्य क्षेत्र: आर्किटेक्ट / इंजीनियरिंग
आइडिया: दैनिक कार्यों में AI का उपयोग करके नवाचारी डिजाइन बना सकते हैं।

दीक्षा जैन
उम्र/कक्षा: 13 वर्ष |कक्षा 8
अभिभावक: निर्मल जैन
कार्य क्षेत्र: रियल एस्टेट / जेम्स एंड ज्वैलरी / फर्म / बिजनेस / ट्रेड
आइडिया: व्यापार वृद्धि के लिए सही योजना, मार्केटिंग, और ग्राहकों से अच्छे संबंध सबसे महत्वपूर्ण हैं। डिजिटल मार्केटिंग अपनाएं, उत्पादों में विविधता लाएं और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (जैसे सोशल मीडिया, वेबसाइट) का उपयोग करना चाहिए।

कशिश मंगल
उम्र/कक्षा: 12 वर्ष |कक्षा 7
अभिभावक: विजय लक्ष्मी अग्रवाल (टीचर)
कार्य क्षेत्र: सरकारी सेवा
आइडिया: बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित करने के लिए नवाचारी आइडिया होने चाहिए और शिक्षण की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाना चाहिए। सभी बच्चों की पारिवारिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्हें शिक्षण सहायक सामग्री उपलब्ध करवानी चाहिए।

सिया जैन
उम्र/कक्षा: 9 वर्ष|कक्षा 5
अभिभावक: कपिल जैन
कार्य क्षेत्र: फर्म
आइडिया: किसी भी दुकानदार को सबसे पहले यह जानना चाहिए कि ग्राहक उससे क्या उम्मीद करता है। फिर हमें उस ग्राहक को उसके बजट के अनुसार सामान दिखाना चाहिए। मुझे लगता है कि ग्राहक जरूर डील करेगा और दोबारा भी आपकी दुकान पर आएगा क्योंकि किसी भी दुकान के लिए ग्राहक संतुष्टि सबसे महत्वपूर्ण है।

हर्षा दाधीच
उम्र/कक्षा: 13 वर्ष|कक्षा 8
अभिभावक: नवीन दाधीच
कार्य क्षेत्र: सरकारी सेवा
आइडिया: नई वर्तमान तकनीक जैसे चैट जीपीटी और AI का उपयोग कर अपने कार्य को और भी सरल बना सकते हैं।

मिस रिशिका शर्मा
उम्र/कक्षा: 12 वर्ष|कक्षा 7
अभिभावक: डॉ. नेहा शर्मा
कार्य क्षेत्र: शिक्षा / शिक्षण
आइडिया: उत्पादकता बढ़ाने के लिए कार्य समय लचीला होना चाहिए। कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुविधाएं सुधारनी चाहिए जैसे उचित शौचालय, आराम कक्ष आदि। महिला पुलिस को हर संस्थान में नियमित रूप से जाकर कर्मचारियों की फीडबैक लेनी चाहिए।

स्नेहा वर्मा
उम्र/कक्षा: 10 वर्ष|कक्षा 5
अभिभावक: संदीप वर्मा / रजनी वर्मा
आइडिया: अपने काम और परिवार को समान समय दें और बाजार के अनुसार अपने ग्राहकों को रेट दें। काम को ज्यादा बढ़ाने में ग्राहकों के लिए समय-समय पर नए-नए लुभावने ऑफर देते रहें।

साल्विया बादल
कक्षा: 8
अभिभावक: गजेंद्र कुमार बादल
कार्य क्षेत्र: सरकारी सेवा
आइडिया: तकनीक के साथ-साथ संचार कौशल, आपसी समन्वय, टीम भावना, अनुशासन और समय प्रबंधन, निर्णय लेने की ताकत तथा कार्यस्थल पर बेहतर वातावरण से कार्य प्रणाली को बेहतर बनाया जा सकता है।

कुमकुम प्रजापत
उम्र/कक्षा: 18 वर्ष l बीएससी नर्सिंग
अभिभावक: भारत कुमार
कार्य क्षेत्र: चिकित्सा / नर्सिंग / स्वास्थ्य सेवाएं
आइडिया: किसी भी काम को करने से पहले उसकी रूपरेखा बनानी चाहिए। ऐसा करने से काम की निरंतरता में ब्रेक नहीं लगता है, साथ ही काम का परिणाम बेहतरीन होता है। रूपरेखा बनाते समय किसी अनुभवी से सलाह लेकर भी की जा सकती है।

ज्योति प्रजापति
उम्र/कक्षा: 17 वर्ष l स्नातक प्रथम वर्ष
अभिभावक: प्रकाश प्रजापति
कार्य क्षेत्र: उद्योग / मैन्युफैक्चरिंग
आइडिया: अगर पिताजी अपने इस कार्य को बढ़ाकर करेंगे जिससे दूसरे लोगों को रोजगार भी मिल जाएगा और कार्य का विस्तार भी हो जाएगा। हमारे काम से क्वालिटी की पहचान भी बढ़ेगी और ज्यादा काम बढ़ने से लागत कम आएगी जिससे ग्राहकों को वाजिब दाम में सप्लाई दे पाएंगे।

सोनल भाटिया
उम्र/कक्षा: 27 वर्ष l एमए
अभिभावक: संजय कुमार भाटिया (प्रशासनिक अधिकारी, आबकारी विभाग)
कार्य क्षेत्र: सरकारी सेवा
आइडिया: राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती खोली जानी चाहिए। पूरा सिस्टम पेपरलेस और ऑनलाइन होना चाहिए। सभी विभागों में कार्य प्रणाली पारदर्शी और सरल होनी चाहिए ताकि आम नागरिक को इसका पूर्ण लाभ मिल सके।

लक्षिता रेगर
उम्र : 9 वर्ष
अभिभावक: भंवर लाल
कार्य क्षेत्र: कृषि / खेती
आइडिया: अपने जीवन को अनुशासन में रखना बहुत अनिवार्य है। माता-पिता द्वारा दिए गए निर्देश में ही काम करना उचित रहता है। किसी भी बात को निर्भीकता से कहना यही अपना जीवन है। किसी के दबाव में कार्य नहीं करना चाहिए। देश के प्रति निष्ठा होकर जीवन यापन करना चाहिए। सत्ता के सुख में अपने को बिकाऊ नहीं होना चाहिए। अपने राजनैतिक रोटियां सेकने के लिए बिकाऊ नहीं होना चाहिए। प्रगतिवादी सोच रखनी चाहिए।

मोनिका शर्मा
उम्र/कक्षा: 22 वर्ष l ग्रेजुएट
अभिभावक: सीता देवी
कार्य क्षेत्र: शिक्षा / शिक्षण
आइडिया: अपना काम बहुत ईमानदारी से करना चाहिए।

ध्रुवी व्यास
उम्र/कक्षा: 15 वर्ष l कक्षा 9
अभिभावक: जितेंद्र व्यास
आइडिया: पढ़ाई के साथ प्रकृति और देश सेवा, समाज सेवा तथा अपने आस-पास के वातावरण को सुरक्षित रखना। अपने परिजनों और परिवार के साथ संयुक्त परिवार में रहना जिससे दादा-दादी का प्यार मिले और बड़ों का स्नेह मिले।

अर्चना वैष्णव
उम्र : 26 वर्ष
अभिभावक: कुंज बिहारी बैरागी
कार्य क्षेत्र: चिकित्सा / नर्सिंग / स्वास्थ्य सेवाएं
आइडिया: उधार देने पर पूरा ध्यान रखना तथा रिकवरी का ध्यान रखना।

आस्था चौधरी
उम्र : 12 वर्ष
अभिभावक: गणेश शेषमा
कार्य क्षेत्र: शिक्षा / शिक्षण
आइडिया: शिक्षा समाज में उजाला लेकर आती है। किसी भी परिवार, समाज, देश की प्रगति वहाँ की शिक्षा पर निर्भर करती है। इसलिए एक बच्चे को पढ़ाई में अव्वल बनाने के लिए उसकी रुचि के अनुसार ही शिक्षण संस्थान को विद्यार्थियों की कैटेगरी तैयार करनी चाहिए। खेलकूद प्रत्येक विद्यालय में अनिवार्य होना चाहिए। साथ ही संस्था प्रधान को अपने प्रत्येक कर्मचारी से व्यवहार पारिवारिक सदस्य की तरह करना चाहिए ताकि कार्यस्थल पर प्रत्येक व्यक्ति में अपनत्व का भाव पैदा हो जिसका सीधा सकारात्मक प्रभाव संस्थान की कार्यप्रणाली पर पड़ेगा।

तृषा मीणा
उम्र/कक्षा: 10 वर्ष | कक्षा 5
अभिभावक: बजरंग लाल मीणा
कार्य क्षेत्र: बैंकिंग
आइडिया: फॉर्म भरने की बजाय खाता खोलना ऑनलाइन कर सकते हैं।

महिराज राठौड़
उम्र/कक्षा: 9 वर्ष | कक्षा 4
अभिभावक: किशन सिंह राठौड़ (प्रिंसिपल)
कार्य क्षेत्र: शिक्षा / शिक्षण
आइडिया: किसी भी कार्य प्रणाली को बेहतर बनाने के पहले स्वयं को तैयार करना पड़ता है। स्वयं कार्य कर उदाहरण बनेंगे तो टीम वर्क मजबूत होगा। नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी।

जाह्नवी कुमावत
उम्र/कक्षा: 15 वर्ष | कक्षा 9
अभिभावक: दीपक कुमावत
कार्य क्षेत्र: तकनीशियन
आइडिया: कार्य प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए एक सरल और प्रभावी इनोवेटिव आइडिया “डिजिटल फीडबैक + ट्रैकिंग सिस्टम” हो सकता है। इसमें हर कार्य को छोटे-छोटे चरणों में बाँटकर एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर डाला जाए, जहाँ हर स्टेप की प्रगति अपडेट होती रहे। इस सिस्टम में कर्मचारियों या संबंधित लोगों को रोजाना 2-3 मिनट का छोटा फीडबैक देना होगा—क्या काम पूरा हुआ, कहाँ समस्या आई और आगे क्या करना है। इससे काम में पारदर्शिता बनी रहेगी और देरी के कारण तुरंत पता चल जाएंगे। साथ ही, एक “रिवॉर्ड पॉइंट सिस्टम” जोड़ा जा सकता है, जिसमें समय पर और अच्छे तरीके से काम पूरा करने पर अंक मिलें। इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे अधिक जिम्मेदारी से काम करेंगे। इस आइडिया का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें न तो ज्यादा खर्च आता है और न ही जटिल प्रक्रिया होती है। यह सिस्टम समय की बचत, बेहतर समन्वय और जवाबदेही सुनिश्चित करेगा, जिससे पूरी कार्य प्रणाली अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बन सकती है।

अक्षिता पोटर
उम्र/कक्षा: 18 वर्ष | बीएससी प्रथम वर्ष
अभिभावक: कन्हैया लाल पोटर
कार्य क्षेत्र: शिक्षा / शिक्षण
आइडिया: 1. अनुशासन और समय प्रबंधन 2. समन्वय 3. जिम्मेदारियों का महत्व 4. निर्णय लेने की क्षमता 5. तकनीकी ज्ञान 6. टीम वर्क का महत्व 7. संयमता और नम्रता

अमीशा तेली
उम्र/कक्षा: 23 वर्ष
अभिभावक: मुकेश कुमार तेली
कार्य क्षेत्र: उद्योग / मैन्युफैक्चरिंग
आइडिया: हां मुझे लगता है कि कोई काम टीम वर्क से ही पूरा हो पाएगा इसलिए कंपनी के स्टाफ के साथ भाईचारे जैसा व्यवहार करो। उन्हें हमेशा मोटिवेट करो। उन्हें अहसास दिलाओ कि यह फैक्ट्री मेरी नहीं है, हमारी है। कहीं भी “मेरा” शब्द का उपयोग मत करो। कुछ भी अच्छा हो रहा है तो उसका श्रेय अपने स्टाफ को दो। कहीं कुछ मिस्टेक हुआ हो तो वहां खुद पर डालो कि यह मेरी लापरवाही थी। अपनी फैक्ट्री की उन्नति की चाबी टीम वर्क है। टीम परफेक्ट तो सब परफेक्ट। राजस्थान के पिछड़े क्षेत्र डूंगरपुर, सागवाड़ा का कृषि उत्पाद ऑर्गेनिक है। यहां की मिट्टी और जलवायु देखकर सरकार ने जैविक जिला घोषित किया है। मुझे मेरे पापा पर गर्व है कि वे किसान हित और उपभोक्ताओं को 100% शुद्ध उत्पाद देते हैं। मुझे मेरे पापा पर पूरा विश्वास है कि वे देशी ऑर्गेनिक उत्पाद की बहुत बड़ी फैक्ट्री बनाएंगे साथ ही किसान का हित भी शामिल रखेंगे। मैं राजस्थान पत्रिका की आभारी हूं।

अदिति चौहान
उम्र/कक्षा: 21 वर्ष | स्नातक द्वितीय वर्ष
अभिभावक: देव करण चौहान
कार्य क्षेत्र: निजी कंपनी / कॉर्पोरेट जॉब
आइडिया: स्मार्ट डिजिटल वर्कफ्लो सिस्टम – एक प्रभावी तरीका कार्य प्रणाली सुधारने का। कई संगठनों में कार्य देरी का कारण खराब समन्वय, मैनुअल प्रक्रियाएं और पारदर्शिता की कमी होती है। यह सिस्टम कार्यों को स्वचालित रूप से आवंटित करेगा, डेडलाइन सेट करेगा और कर्मचारियों को रिमाइंडर भेजेगा। इसमें एक केंद्रीकृत डैशबोर्ड होगा जहां मैनेजर प्रगति देख सकेंगे, बाधाओं को पहचान सकेंगे और त्वरित निर्णय ले सकेंगे। AI टूल्स का एकीकरण कार्य को प्राथमिकता देने और मानवीय त्रुटियां कम करने में मदद करेगा। कर्मचारी प्लेटफॉर्म के माध्यम से तुरंत संवाद और अपडेट शेयर कर सकेंगे जिससे टीमवर्क सुधरेगा। साथ ही प्रदर्शन एनालिटिक्स से दक्षता और उत्पादकता का मूल्यांकन हो सकेगा। इससे समय और लागत की बचत होगी तथा जवाबदेही और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी। कुल मिलाकर ऐसा सिस्टम कार्य वातावरण को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और कुशल बनाएगा।

प्रणिता चौधरी
उम्र/कक्षा: 12 वर्ष l कक्षा 6
अभिभावक: डॉ. संदीप मिठारवाल (प्रिंसिपल)
कार्य क्षेत्र: शिक्षा / शिक्षण
आइडिया: अनुशासन, ईमानदारी और मेहनत हर इंसान के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

मिसरी रिशित मेहता
अभिभावक: रिशित मेहता
उम्र/कक्षा: 12 वर्ष | कक्षा 5
कार्य क्षेत्र: मीडिया / पत्रकारिता
आइडिया: एक केंद्रीकृत प्लेटफॉर्म जहां क्लाइंट विज्ञापन की जरूरतें सबमिट कर सकें, क्रिएटिव अपलोड कर सकें, प्रकाशनों का चयन कर सकें और रियल-टाइम में रिलीज शेड्यूल कर सकें। इसमें AI एकीकृत हो जो लक्षित दर्शकों, स्थान और पिछले अभियान के प्रदर्शन के आधार पर सबसे अच्छा अखबार, प्लेसमेंट और समय का सुझाव दे। आंतरिक रूप से सिस्टम कार्य आवंटन, अनुमोदन प्रवाह, बिलिंग और डेडलाइन ट्रैकिंग को स्वचालित करे – मैनुअल त्रुटियां और देरी कम होगी। एक अंतर्निहित डैशबोर्ड क्लाइंट और एजेंसी टीम दोनों को लाइव स्टेटस अपडेट देगा जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। इसके अलावा प्रिंट विज्ञापनों में QR कोड और यूनिक ट्रैकिंग लिंक जोड़कर प्रतिक्रिया दर मापी जा सके जिससे प्रिंट मीडिया में डिजिटल जैसी एनालिटिक्स आएगी। यह नवाचार दक्षता बढ़ाएगा, टर्नअराउंड समय कम करेगा, क्लाइंट संतुष्टि बढ़ाएगा और प्रिंट विज्ञापन को डिजिटल युग में अधिक डेटा-संचालित और प्रतिस्पर्धी बनाएगा।

संबंधित खबरें

यक्षिता जैन (अवि)
उम्र/कक्षा: 12 वर्ष | कक्षा 6
अभिभावक: अनिल जैन ( एडवोकेट)
कार्य क्षेत्र: वकालत
आइडिया: किसी भी कार्य को बेहतर करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय का प्रबंधन एवं कार्य के प्रति लगन है। जब अपने कार्य के प्रति लगन होती है और समय का प्रबंधन अच्छा होता है तो निश्चित रूप से कार्य में सफलता मिलती है।

सारिका कुशवाह
उम्र : 9 वर्ष
अभिभावक: नवल किशोर कुशवाह
कार्य क्षेत्र: ई-मित्र
आइडिया: पापा ई-मित्र की दुकान का संचालन करते हैं जिसमें कई सारी सरकारी सेवाएं आमजन को दी जाती हैं। नई तकनीक का उपयोग करके कार्य को और बेहतर बनाया जा सकता है। वर्तमान में AI का उपयोग करके भी बहुत सारे कार्य बहुत कम समय में पूर्ण किए जा सकते हैं।

भव्या शेखावत
अभिभावक: हितेंद्र सिंह शेखावत
कार्य क्षेत्र: उद्यमिता / स्टार्टअप
आइडिया: मैं क्लाउड-इंटीग्रेटेड एसेट मैनेजमेंट एंड सर्विस पोर्टल लागू करने का सुझाव देती हूं। मैनुअल लेजर से डिजिटल इकोसिस्टम में शिफ्ट करने से महत्वपूर्ण प्रतिस्पर्धी लाभ मिलेगा।

देवांशी चित्तरा
उम्र/कक्षा: 20 वर्ष l ग्रेजुएट
अभिभावक: महेंद्र चित्तरा
कार्य क्षेत्र: सरकारी सेवा
आइडिया: आज मैं अपने पापा के ऑफिस में गई जहां मैंने अपने पापा को काम करते देखा और वहां बहुत कुछ काम सीखा जैसे डायरी प्रिंट करना, खाता खोलना, कई स्कीमों के बारे में जाना। आज मैंने देखा कि ऑफिस में ग्राहकों की भीड़ लगी है, तो यह बदलाव करना चाहिए कि ग्राहकों और डाकघरों में सेवा दे रहे सभी कर्मचारियों को कोई भी तरह की परेशानी न हो। ऐसे मशीन लगाई जाए जिसके द्वारा वे अपना काम पूरा कर सकें। डाकघरों में उपयोग किए जाने वाले सभी दोपहिया और तिपहिया वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलना चाहिए। चार्जिंग स्टेशन भी लगाए जा सकते हैं जो जनता के लिए भी उपलब्ध हों। सभी डाकघरों की छत पर सोलर पैनल लगाएं। एटीएम की तरह वेंडिंग मशीन जिनसे ग्राहक किसी भी समय लिफाफे, स्टैम्प खरीद सकें।

नेहांशी आचार्य
उम्र/कक्षा: 7 वर्ष l कक्षा 1
अभिभावक: डॉ. नरेंद्र आचार्य
कार्य क्षेत्र: चिकित्सा
आइडिया: रोगी के उपचार से ज्यादा लोग बीमार ही न पड़ें, इस पर ज्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए। लोगों को स्वस्थ रहने के तरीके ज्यादा से ज्यादा बताए जाने चाहिए।

रक्षिता कंवर राजावत
उम्र/कक्षा: 17 वर्ष, कक्षा 12
अभिभावक: आनंद सिंह राजावत (ग्राम रोजगार सहायक)
कार्य क्षेत्र: सामाजिक कार्य
आइडिया: आधुनिक कंप्यूटर का उपयोग, डिजिटलीकरण, रोजगार देने की नई तकनीक का प्रयोग करना चाहिए।

ध्रुवी जैन
उम्र/कक्षा: 11 वर्ष l कक्षा 6
अभिभावक: उपेंद्र पाल जैन
कार्य क्षेत्र: शिक्षा / शिक्षण
आइडिया: सरकार को सरकारी विद्यालयों में अधिक से अधिक संसाधन उपलब्ध करवाने चाहिए जिससे कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को आगे बढ़ने का मौका मिल सके।

सुहानी गुप्ता
उम्र/कक्षा: 22 वर्ष l फाइनल ईयर
अभिभावक: जयप्रकाश गुप्ता (प्रिंसिपल)
कार्य क्षेत्र: शिक्षा / शिक्षण
आइडिया: कार्य प्रणाली सुधारने का एक प्रभावी तरीका यह है कि कार्यों को न केवल प्राथमिकता के अनुसार बल्कि कर्मचारियों की ऊर्जा स्तर के अनुसार भी संरेखित किया जाए। हर दिन कार्यों को हाई-फोकस, मीडियम-फोकस और लो-फोकस श्रेणियों में बांटा जा सकता है और कर्मचारी उन्हें अपनी पीक प्रोडक्टिविटी घंटों के अनुसार शेड्यूल कर सकते हैं। इससे बेहतर दक्षता मिलेगी और मानसिक थकान कम होगी। इसके अलावा “2-मिनट डिसीजन रूल” लागू किया जा सकता है – छोटे निर्णय तुरंत बिना अनावश्यक अनुमोदन के लिए जाएं ताकि देरी कम हो। साप्ताहिक “प्रॉब्लम-सॉल्विंग ऑवर” भी लागू किया जा सकता है जहां टीम केवल प्रक्रियाओं को सुधारने पर फोकस करे। यह सिस्टम उत्पादकता, निर्णय लेने की गति और समग्र कार्य गुणवत्ता सुधारेगा साथ ही कर्मचारियों को मानसिक रूप से संतुलित रखेगा।

परमिला जाखड़
उम्र/कक्षा: 12 वर्ष | कक्षा 6
अभिभावक: गोपा राम
कार्य क्षेत्र: कृषि / खेती
आइडिया: किसी भी काम को कल के भरोसे न सोएं, अपना लक्ष्य समय पर पूरा करें।

परिधि खोखावत
उम्र/कक्षा: 13 वर्ष | कक्षा 8
अभिभावक: डॉ. स्नेहा बाबेल (असिस्टेंट प्रोफेसर)
कार्य क्षेत्र: सरकारी सेवा
आइडिया: सभी छात्रों के लिए साप्ताहिक पीयर टीचिंग सेशन आयोजित किए जा सकते हैं और लड़कियों के लिए सॉफ्ट इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक के साथ फिक्स्ड साइलेंट स्टडी ऑवर्स व्यवस्थित किए जा सकते हैं ताकि तनाव प्रबंधन हो सके।

देही पंड्या
उम्र/कक्षा: 8 वर्ष | कक्षा 4
अभिभावक: श्री सुधीर पंड्या
कार्य क्षेत्र: शिक्षा / शिक्षण
आइडिया: मैं स्कूल के काम को बेहतर बनाने के लिए एक सरल आइडिया देती हूं। हम शिक्षकों के लिए एक छोटा मोबाइल ऐप बना सकते हैं। शिक्षक छात्रों की नोटबुक या आंसर शीट की फोटो क्लिक कर सकते हैं। ऐप से जल्दी और साफ-साफ चेकिंग हो सकेगी। चेकिंग के बाद ऐप छोटा फीडबैक दे सकता है जैसे “गुड जॉब”, “इस टॉपिक को दोबारा पढ़ें” या “अधिक अभ्यास करें”। इससे छात्र अपनी गलतियां आसानी से समझ सकेंगे। छात्र अपनी प्रगति को सरल चार्ट या स्टार्स से देख सकेंगे। शिक्षक जान सकेंगे कि कौन सा टॉपिक छात्रों को मुश्किल लग रहा है और उसे बेहतर तरीके से दोबारा पढ़ा सकेंगे। यह आइडिया समय बचाएगा, चेकिंग आसान बनाएगा और छात्रों को तेजी से बेहतर सीखने में मदद करेगा।

चक्षिता अग्रवाल
उम्र/कक्षा: 16 वर्ष | कक्षा 12
अभिभावक: नरेश अग्रवाल
कार्य क्षेत्र: रेस्टोरेंट
आइडिया: मेरे पिताजी अभी तक अपने रेस्टोरेंट का काम जैसे स्टाफ अटेंडेंस, स्टाफ की सैलरी, बिलिंग या कस्टमर के ऑर्डर लेना, रेस्टोरेंट की मार्केटिंग सब कुछ मैनुअल करते हैं। भविष्य में मैं यह सारे काम कंप्यूटराइज्ड करूंगी और अपने पिता को कंप्यूटर के बारे में जानकारी दूंगी।

इशिता अग्रवाल
उम्र/कक्षा: 14 वर्ष l कक्षा 9
अभिभावक: नरेश अग्रवाल
कार्य क्षेत्र: रेस्टोरेंट
आइडिया: मेरे पिताजी पिछले 35 वर्षों से एक रेस्टोरेंट चलते हैं। पिता सभी काम मैनुअल करते हैं जैसे स्टाफ अटेंडेंस, स्टाफ की सैलरी, बिलिंग, ग्राहकों से ऑर्डर लेना और अपने व्यवसाय का प्रचार-प्रसार। मैं शीघ्र ही इन सब कार्यों को कंप्यूटराइज करके पिता के कार्य को आसान एवं सुविधाजनक बनाने में अपने पिता की मदद करूंगी।

केवलि गोवाड़िया
उम्र/कक्षा: 13 वर्ष | कक्षा 8
अभिभावक: प्रियंक गोवाड़िया
कार्य क्षेत्र: जेम्स एंड ज्वैलरी
आइडिया: मेरे पापा ज्वेलरी बिजनेस से जुड़े हैं। मैं पापा के न्यू प्रोजेक्ट में AI टेक्नोलॉजी से मदद करती हूं। इसमें फूड कोर्ट, गेमिंग जोन, रूफटॉप और रेस्टोरेंट हैं। मैं सोशल मीडिया डिपार्टमेंट में मदद करती हूं। नए-नए पोस्टर्स डिजाइन और रील पोस्ट पर काम कर रही हूं जिससे लोगों को नए प्रोजेक्ट की जानकारी मिल सके।

पूर्वांशी शर्मा
उम्र/कक्षा: 14 वर्ष l कक्षा 9
अभिभावक: दिनेश कुमार शर्मा
कार्य क्षेत्र: कृषि / खेती
आइडिया: समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने काम के प्रति ईमानदार, सतर्क और समर्पित होना चाहिए, व्यक्तिगत विकास तथा राष्ट्रीय प्रगति और सामाजिक शांति दोनों के लिए। जब हम अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाते हैं तो यह न केवल हमारे चरित्र को मजबूत करता है बल्कि सामाजिक ढांचे को भी मजबूत करता है।

प्रज्ञा गांधी
उम्र/कक्षा: 9 वर्ष | कक्षा 3
अभिभावक: देवेश कुमार गांधी
कार्य क्षेत्र: बीमा
आइडिया: वर्तमान समय में AI का बेहतर उपयोग मानवीय स्किल के साथ भारत देश के परिप्रेक्ष्य में सकारात्मकता के साथ करते हुए रोजगार को बेहतर बढ़ावा दिया जा सकता है।

खुशी लड्ढा
उम्र/कक्षा: 17 वर्ष | कक्षा 12
अभिभावक: सुनील के लड्ढा
आइडिया: एक AI पावर्ड सिस्टम पेश करें जो दैनिक कार्यों को मॉनिटर करे, दोहराए जाने वाले या समय लेने वाले प्रोसेस को पहचाने और उन्हें ऑटोमेट करे। सिस्टम डेडलाइन और प्रभाव के आधार पर टैग सुझा सकता है, रियल-टाइम रिमाइंडर दे सकता है और प्रदर्शन एनालिटिक्स प्रदान कर सकता है। इससे मानवीय त्रुटियां कम होंगी, समय बचेगा और समग्र दक्षता बढ़ेगी जबकि कर्मचारियों को मुख्य काम पर फोकस करने की सुविधा मिलेगी।

माही दवे
उम्र/कक्षा: 18 वर्ष l कॉलेज प्रथम वर्ष
अभिभावक: पुनीत दवे (नर्सिंग ऑफिसर)
कार्य क्षेत्र: सरकारी सेवा
आइडिया: 1. तकनीक का उपयोग करें। 2. काम दूसरों को न पास करें या अपने काम की जिम्मेदारी खुद लें। 3. स्वच्छता बनाए रखें। 4. वातावरण बेहतर और साफ होना चाहिए। 5. कोई पक्षपात या भेदभाव नहीं होना चाहिए।

तनिष्का तोगड़िया
उम्र/कक्षा: 14 वर्ष l कक्षा 9
अभिभावक: मंजू तोगड़िया (प्रिंसिपल)
कार्य क्षेत्र: सरकारी सेवा
आइडिया: रियल लर्निंग को रोबोटिक्स और साइंस लैब की मदद से बढ़ावा दिया जाना चाहिए। लर्निंग जीवन कौशल की शिक्षा पर आधारित होनी चाहिए। नैतिक मूल्य और डिजिटल साक्षरता को हर कक्षा में विषय के रूप में पढ़ाया जाना चाहिए।

मिष्ठी सोनी
उम्र/कक्षा: 11 वर्ष | कक्षा 6
अभिभावक: श्री जय सोनी
कार्य क्षेत्र: जेम्स एंड ज्वैलरी
आइडिया: शोरूम में महिलाओं और बच्चों के लिए एक विशेष काउंटर शुरू किया जाए। इस विशेष काउंटर में स्लीक, लाइटवेट और डिजाइनर ज्वेलरी का एक अलग सेक्शन होगा जो खासतौर पर कामकाजी महिलाओं और बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। आज की व्यस्त जीवनशैली में हल्की और आरामदायक ज्वेलरी की मांग तेजी से बढ़ रही है और यह पहल उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ज्वेलरी इंडस्ट्री में एक नया ट्रेंड सेट करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।

तमन्ना कुमावत संभर
उम्र/कक्षा: 19 वर्ष l CITS, D.Lib, ITI (COPA & PLUMBER)
अभिभावक: प्रशांत कुमावत
कार्य क्षेत्र: शिक्षा / शिक्षण
आइडिया: सरकारों को राज्य के सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में महिलाओं में व्यावसायिक कौशल विकसित करने के लिए महिलाओं हेतु ट्रेड का प्रथम रूप से संचालन किया जाना चाहिए। बालिका विद्यालयों में आईटीआई में संचालित अन्य ट्रेडों जैसे वोकेशनल कोर्सेज प्रारंभ किए जाने चाहिए जैसे प्लंबर, मैकेनिक, डीजल, इलेक्ट्रीशियन, फाइटर, वेल्डर आदि ट्रेड जो महिला या बालिका विद्यालय में संचालित की जा सकती हैं। इससे बालिकाओं में व्यावसायिक कौशल विकसित होगा। वोकेशनल कोर्सेज के प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को सरकार द्वारा बिना ब्याज पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। ऋण प्रदान करने की कार्रवाई शीघ्रतापूर्वक होनी चाहिए। दूरस्थ शिक्षा प्रदान करने वाले केंद्र ज्यादा मात्रा में संचालित किए जाने चाहिए ताकि घरेलू महिलाएं भी अपने शहर में रहते हुए अपनी शिक्षा का विकास कर सकें। सरकार द्वारा महिलाओं हेतु प्रत्येक विभाग में अलग से भर्ती निकाली जानी चाहिए जिसमें पुरुष अभ्यर्थी शामिल न हों। जहां तक हो सके प्रत्येक शहर में बालिका महाविद्यालय की स्थापना की जानी चाहिए। यदि बालिका महाविद्यालय हेतु भौतिक सुविधा उपलब्ध नहीं है तो बालिका सीनियर सेकंडरी विद्यालय को कॉलेज में बदल दिया जाना चाहिए और वहां पर यह कक्षाएं संचालित की जा सकती हैं। कई बार आवागमन के साधनों में होने वाली समस्या के कारण भी बालिकाएं शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाती हैं। बालिकाओं की आर्थिक समस्या के कारण भी वह शिक्षा अर्जित नहीं कर पाती हैं इसलिए महिला शिक्षा प्रत्येक स्तर पर निशुल्क कर दी जानी चाहिए। समाज तभी सशक्त होगा जब महिला सशक्त होगी।

जयति मेहरोत्रा
उम्र/कक्षा: 13 वर्ष l कक्षा 8
अभिभावक: जगदीश मेहरोत्रा
कार्य क्षेत्र: शिक्षा / शिक्षण
आइडिया: मुझे कुछ समय के लिए विद्यालय कार्यालय संभालने का अवसर मिला तो मैं कार्य प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए “डिजिटल एवं पारदर्शी प्रबंधन प्रणाली” लागू करने का सुझाव दूंगी। सबसे पहले मैं एक सरल डिजिटल रिकॉर्ड सिस्टम शुरू करूंगी जिसमें विद्यार्थियों की उपस्थिति, फीस, परिणाम और प्रगति ऑनलाइन सुरक्षित रहे। इससे कागजी काम कम होगा और जानकारी तुरंत उपलब्ध होगी। दूसरा, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच संवाद बढ़ाने के लिए एक व्हाट्सएप या मोबाइल ऐप ग्रुप बनाया जाएगा जिससे सूचना तुरंत पहुंच सके। तीसरा, “सुझाव पेटी” (Suggestion Box) रखी जाएगी जहां विद्यार्थी और शिक्षक अपने विचार दे सकें। इससे नई समस्याओं और उनके समाधान आसानी से मिलेंगे। अंत में हर सप्ताह एक छोटी बैठक आयोजित कर कार्यों की समीक्षा की जाएगी जिससे सुधार लगातार होता रहे। इन उपायों से विद्यालय की कार्य प्रणाली अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बन सकती है।

अलका बादी
उम्र/कक्षा: 19 वर्ष l BSTC
अभिभावक: रमेश कुमार बादी
आइडिया: अपने कार्य क्षेत्र में लगन, मेहनत और समर्पण भाव से कार्य करें और करवाएं।

कन्नू मीणा
उम्र/कक्षा: 10 वर्ष l कक्षा 5
अभिभावक: भारत राज मीणा
आइडिया: दुकान की कार्यप्रणाली को और बेहतर और अच्छा और ज्यादा प्रॉफिट के लिए ऑनलाइन से जुड़ना बहुत ही जरूरी है जिससे कि ऑर्डर ऑनलाइन मिले और ऑनलाइन बुकिंग पर ही माल को सेल किया जा सके।

शुभांकी गुप्ता
उम्र/कक्षा: 7 वर्ष l कक्षा 3
अभिभावक: शुभम गुप्ता
कार्य क्षेत्र: उद्यमिता / स्टार्टअप
आइडिया: न्यू डिजिटल मशीनें लानी चाहिए जिससे वर्क फास्ट और बेहतर टेक्नोलॉजी आएगी।

नेहा राव
उम्र/कक्षा: 11 वर्ष l कक्षा 6
अभिभावक: दिनेश कुमार
कार्य क्षेत्र: निजी कंपनी / कॉर्पोरेट जॉब
आइडिया: सत्य के मार्ग पर चलते हुए ईमानदारी से काम करना।

शिवन्या प्रजापत
अभिभावक: हनुमान प्रजापत
उम्र/कक्षा: 10 वर्ष l कक्षा 5
कार्य क्षेत्र: शिक्षा / शिक्षण
आइडिया: डिजिटल तकनीकों का प्रयोग, नए नवाचार का प्रयोग करना चाहिए।

खुशी लड्ढा
उम्र/कक्षा: 17 वर्ष l कक्षा 12
अभिभावक: सुनील कुमार लड्ढा
कार्य क्षेत्र: बिजनेस
आइडिया: एक स्मार्ट टास्क मैनेजमेंट सिस्टम दक्षता सुधार सकता है जो AI-ड्रिवन प्राथमिकीकरण और निरंतर फीडबैक को जोड़ता है। प्रत्येक कार्य को तात्कालिकता, प्रभाव और निर्भरता के आधार पर स्वचालित रूप से विश्लेषित किया जाता है और फिर डायनामिक प्राथमिकता स्कोर दिया जाता है। कर्मचारियों को स्पष्ट, रियल-टाइम टास्क लिस्ट मिलती है जो प्राथमिकताओं के बदलने के साथ अनुकूलित होती है।

चेहक गुप्ता
उम्र/कक्षा: 17 वर्ष l कक्षा 11
अभिभावक: राकेश गुप्ता
कार्य क्षेत्र: बिजनेस
आइडिया: नई तकनीक का सही उपयोग करना, फिक्स टाइम में अपने काम खत्म करना, टीम लीडर बनकर टीम को साथ लेकर चलना, सच्ची लगन के साथ और मेहनत के साथ काम करना, टीम का जोश और उत्साह बनाए रखना, काम में आने वाली किसी भी प्रकार की समस्याओं को फेस कर और सॉल्व करना और उस काम को ठीक से खत्म करना, काम में बेईमानी नहीं करना, प्लानिंग के साथ काम करना, भगवान का नाम लेकर “ॐ श्री गणेशाय नमः” जाप कर अपने काम को शुरू करना।

मोनिका मीणा
उम्र/कक्षा: 18 वर्ष
अभिभावक: आशा देवी
कार्य क्षेत्र: शिक्षा / शिक्षण
आइडिया: बच्चों को शिक्षा प्रणाली में रटने के बजाय खेल विधि के माध्यम से समझाएं तो काफी बेहतर रहेगा।

प्रिया उपाध्याय
उम्र/कक्षा: 25 वर्ष
अभिभावक: गोपाल उपाध्याय
कार्य क्षेत्र: सरकारी सेवा
आइडिया: यदि विद्यालयों और महाविद्यालयों में नियमित रूप से काव्य सत्र, संगीत सभा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तो विद्यार्थियों में न केवल रचनात्मकता बढ़ेगी बल्कि वे अपनी भावनाओं को व्यक्त करना भी सीखेंगे। इसके साथ ही रामायण, सुंदरकांड, लोकगीत और पारंपरिक त्योहारों आदि के माध्यम से उन्हें भारतीय संस्कृति से जोड़ा जा सकता है। इससे उनमें आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और सामाजिक जुड़ाव की भावना विकसित होगी। मेरा मानना है कि इस पहल के माध्यम से युवा वर्ग को एक सकारात्मक मंच मिलेगा जहां वे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे और साथ ही अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने में योगदान देंगे।

कोमल माली
उम्र/कक्षा: 17 वर्ष | कक्षा 12
अभिभावक: कमलेश कुमार माली
कार्य क्षेत्र: उद्यमिता / स्टार्टअप
आइडिया: पारदर्शिता बहुत महत्वपूर्ण है। कंपनियों को केवल बेचने पर नहीं बल्कि उत्पाद को ठीक से समझाने पर भी फोकस करना चाहिए। हम उत्पादों पर QR कोड लगा सकते हैं ताकि लोग एक जगह पर सभी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें। एक सेक्शन भी जोड़ना चाहिए जहां ग्राहक अपने विचार और अनुभव साझा कर सकें।

यशिका शर्मा
उम्र/कक्षा: 19 वर्ष | प्रथम वर्ष BTech
अभिभावक: जितेंद्र सेवड़ा
कार्य क्षेत्र: निजी कंपनी / कॉर्पोरेट जॉब
आइडिया: मुझे लगता है कि डिजिटल पेमेंट का उपयोग और मोबाइल ऐप पर रिकॉर्ड रखना कार्य प्रणाली सुधार सकता है। उचित स्टॉक मैनेजमेंट से कमी या अतिरिक्त सामान से बचा जा सकता है। दुकान व्हाट्सएप या सोशल मीडिया से नए उत्पादों और ऑफर की जानकारी देकर ज्यादा ग्राहक आकर्षित कर सकती है। अच्छी कस्टमर सर्विस और स्पष्ट संवाद विश्वास बनाने और सेल्स बढ़ाने में मदद करेगा।

मोक्षा शर्मा
उम्र/कक्षा: 25 वर्ष
अभिभावक: रमेश कुमार शर्मा
कार्य क्षेत्र: शिक्षा / शिक्षण
आइडिया: स्कूल में डिजिटल मैनेजमेंट सिस्टम से उपस्थिति, शैक्षणिक रिकॉर्ड और शिक्षकों-माता-पिता के बीच संवाद व्यवस्थित तरीके से रखा जा सकता है। उदाहरण के लिए शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति मार्क कर सकते हैं और होमवर्क या नोटिस अपलोड कर सकते हैं जिसे माता-पिता आसानी से देख सकें। इससे कागजी काम कम होगा और शिक्षकों तथा प्रशासन दोनों का समय बचेगा। इसके अलावा नियमित अपडेट से माता-पिता अपने बच्चे की प्रगति से अवगत रह सकेंगे। एक और सुधार मासिक फीडबैक सेशन आयोजित करना हो सकता है जहां छात्र शिक्षण विधियों के बारे में अपनी राय साझा कर सकें। इससे समस्याओं की पहचान होगी और शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी। कुल मिलाकर तकनीक के उपयोग और उचित संवाद के साथ स्कूल सिस्टम अधिक कुशल, पारदर्शी और छात्र-अनुकूल बन सकता है।

प्रियल पगारिया
उम्र/कक्षा: 11 वर्ष | कक्षा 5th
अभिभावक: त्रिफुल जी पगारिया
कार्य क्षेत्र: बिजनेस
आइडिया: आज के AI जनरेशन में अपने बिजनेस को सोशल मीडिया पर शॉर्ट वीडियो के माध्यम से प्रमोट करना चाहिए।

अनेरी पोद्दार
उम्र/कक्षा: 14 वर्ष | कक्षा 10वीं
अभिभावक: आशीष पोद्दार (IT इंजीनियर)
कार्य क्षेत्र: सूचना प्रौद्योगिकी
आइडिया: इसमें AI मॉडल को केवल डेटा से नहीं बल्कि रियल-टाइम ह्यूमन फीडबैक से भी लगातार सुधारा जाए। जैसे: 1. एक छोटा सा डैशबोर्ड बने जहां यूजर्स AI के हर आउटपुट को रेट या करेक्ट कर सकें। 2. यह फीडबैक सीधे मॉडल के लर्निंग सिस्टम में जाए और AI अपने आंसर्स को समय के साथ बेहतर करता जाए। 3. AI “सेल्फ-लर्निंग रिपोर्ट्स” भी बनाए जिसमें वो बताए कि उसने किन एरर्स से क्या सीखा। 4. इसके साथ “एक्सप्लेनेबल AI” फीचर जोड़ें – AI हर जवाब के साथ छोटा सा रीजन भी दे कि उसने ऐसा क्यों कहा। इससे ट्रस्ट बढ़ेगा। यह सिस्टम न सिर्फ एक्यूरेसी बढ़ाएगा बल्कि यूजर्स के साथ AI का कनेक्शन भी मजबूत करेगा।

तेजल सिंह
उम्र/कक्षा: 15 वर्ष |कक्षा 11
अभिभावक: ओमवीर सिंह
कार्य क्षेत्र: आर्किटेक्ट / इंजीनियरिंग
आइडिया: मौजूदा वर्कफ्लो में एजेंटिक AI को एकीकृत करके जटिल IT और प्रशासनिक कार्यों को ऑटोमेट करने की इनोवेटिव सिस्टम सुधार।

आरजू स्वामी
उम्र/कक्षा: 9 वर्ष | कक्षा 4
अभिभावक: श्रीमती पुष्पा स्वामी (मकानी) कांस्टेबल
कार्य क्षेत्र: पुलिस
आइडिया: पुलिस की कार्य प्रणाली और बेहतर बनाने के लिए समस्त जवानों के लिए अत्याधुनिक तकनीक से लैस हथियार, AI का ज्ञान, साइबर सुरक्षा हेतु डिजिटल प्रणाली का तकनीकी ज्ञान होना अनिवार्य है। इसके लिए जवानों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाए और प्रशिक्षण का असर धरातल पर दिखाई दे। बीट प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता है। मुखबिर तंत्र मजबूत किया जाए। समय-समय पर थाना स्तर पर नशामुक्ति समाज, महिला एवं बाल कल्याण बाबत जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएं। महीने में दो दिवस महाविद्यालय एवं स्कूली विद्यार्थियों के लिए थाना स्तर पर सेमिनार आयोजित किए जाएं जिससे युवाओं के मन में पनप रहे गैंगस्टर/अपराध के प्रति लगाव को समय रहते दूर किया जा सके और उनको विश्वास में लिया जा सके। वर्तमान जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए पुलिस में नफरी बढ़ाई जाए और नए पुलिस स्टेशन एवं चौकी स्थापित की जाएं। पदोन्नति के माध्यम से ऊपरी रिक्त पद भरे जाएं। पुलिस लाइन, पुलिस थाना, चौकी पर जवानों के रहने के लिए पर्याप्त आवास हो।

लतिका बेरा
उम्र/कक्षा: 15 वर्ष | कक्षा 10
अभिभावक: रामलाल बेरा ( सुरक्षा एजेंसी)
कार्य क्षेत्र: निजी कंपनी
आइडिया: सुरक्षा एजेंसी के गार्ड्स को फर्स्ट एड, सुरक्षा और अच्छी कम्युनिकेशन की ट्रेनिंग देनी चाहिए ताकि वे प्रोफेशनल तरीके से काम करें। आसान ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग करके हम उनके काम पर नजर रख सकते हैं और क्लाइंट्स को रिपोर्ट दे सकते हैं। हम अलग-अलग जरूरतों के अनुसार आसान सर्विस पैकेज भी दे सकते हैं। Hikvision और CP Plus जैसी कंपनियों के साथ मिलकर CCTV सेवाएं जोड़ने से हमारा बिजनेस और बढ़ सकता है। अगर हम सोसाइटी, स्कूल और वेयरहाउस जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दें और एक क्विक रिस्पॉन्स टीम बनाएं तो हम और भरोसेमंद बन सकते हैं और ज्यादा क्लाइंट्स आकर्षित कर सकते हैं।

विशाखा
उम्र/कक्षा: 19 वर्ष | BSc BEd द्वितीय वर्ष
अभिभावक: रामकेश
कार्य क्षेत्र: सरकारी सेवा
आइडिया: मीटिंग ओवरलोड और विखंडित वर्कफ्लो से निपटने के लिए मैं “AI-ड्रिवन फोकस ब्लॉक” सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव करती हूं। मैनुअल शेड्यूलिंग के बजाय AI असिस्टेंट (जैसे Microsoft Teams या Slack के साथ एकीकृत) कर्मचारियों के कैलेंडर का विश्लेषण करके व्यक्तिगत उत्पादकता पैटर्न के आधार पर स्वचालित रूप से “डीप वर्क” ब्लॉक आरक्षित करेगा। इन ब्लॉक्स के दौरान सूचनाएं दबा दी जाएंगी और AI बाहरी स्टेटस अपडेट मैनेज करेगा। साथ ही यह सिस्टम सभी रूटीन प्रशासनिक कार्यों – जैसे मीटिंग शेड्यूलिंग, खर्च रिपोर्टिंग या बेसिक डेटा एंट्री – को स्वचालित रूप से AI को-पायलट द्वारा संभालेगा। मुख्य लाभ: उत्पादकता बढ़ाना – संदर्भ स्विचिंग समाप्त करना और मीटिंग थकान कम करना। परिचालन दक्षता: दोहराए जाने वाले कार्यों को ऑटोमेट करना ताकि मानव कर्मचारी रणनीतिक या रचनात्मक कार्यों पर फोकस कर सकें। कल्याण: तनाव कम करना क्योंकि समर्पित समय सुनिश्चित होता है और ओवरटाइम की जरूरत नहीं पड़ती। यह सिस्टम कार्यदिवस को रिएक्टिव, मीटिंग-केंद्रित मॉडल से प्रोएक्टिव, आउटपुट-ड्रिवन वातावरण में बदल देगा जिससे जुड़ाव और दक्षता दोनों बढ़ेगी।

संतोष यादव
उम्र/कक्षा: 26 वर्ष |MA योग
अभिभावक: कानाराम यादव
कार्य क्षेत्र: कृषि / खेती
आइडिया: जैविक खेती को बढ़ावा देना चाहिए। उन्नत बीजों का प्रयोग करना चाहिए। उर्वरक के रूप में 100 मिलियन टन नाइट्रोजन का उपयोग खेत में करना चाहिए। पैदावार अच्छी करने के लिए कीटनाशकों का प्रयोग करना चाहिए। अंतर रोपण के तहत एक साथ एक ही खेती के कार्य में काम आने वाले उपकरणों में आधुनिक उपकरण का उपयोग करना चाहिए जिससे समय बचे। मौसम में एक से अधिक फसल उगाना चाहिए। बेहतर प्रबंधन सही समय पर। मौसम के हिसाब से फसलों का चयन करना चाहिए। जैसे गर्मी लंबे समय तक पड़ती है तो गर्मी के हिसाब से तापमान को सहन करने वाली फसलों का चयन करना चाहिए। फसलों की कटाई सही समय पर करना जिससे फसलों को नुकसान कम हो।

आइडिया 138
नाम: रोशनी जैन
उम्र/कक्षा: 20 वर्ष |थर्ड ईयर कॉलेज और CA इंटरमीडिएट स्टूडेंट
अभिभावक: हर्षवर्धन जैन
कार्य क्षेत्र: बिजनेस
आइडिया: मैं अपने बीज और खाद की दुकान में समन्वय सुधारने के लिए एक सरल “कनेक्शन सिस्टम” बनाने का आइडिया देती हूं। सबसे पहले हम नियमित किसानों के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप या ब्रॉडकास्ट लिस्ट बना सकते हैं। इसमें हम सरल संदेश भेज सकते हैं जैसे कौन से बीज बोने हैं, कब खाद डालनी है या किसी कीट समस्या का समाधान। किसान मार्गदर्शन महसूस करेंगे और हमारी दुकान पर ज्यादा भरोसा करेंगे। दूसरा, हम किसानों से उनके जरूरतें पहले से बताने को कह सकते हैं (जैसे मौसम शुरू होने से पहले बीज या खाद)। इसके आधार पर हम सप्लायर्स को पहले सूचित कर सकेंगे और उचित स्टॉक रख सकेंगे। इससे कमी नहीं होगी और अतिरिक्त स्टॉक रखने से पैसे भी बचेंगे। तीसरा, हम एक छोटा रजिस्टर रख सकते हैं जिसमें हर किसान क्या खरीदता है नोट करें। इससे हम उनकी जरूरतें समझ सकेंगे और सप्लायर्स से सही उत्पाद ऑर्डर कर सकेंगे।

प्रिया मीणा
उम्र/कक्षा: 14 वर्ष |कक्षा 9
अभिभावक: मदन लाल मीणा
कार्य क्षेत्र: शिक्षा / शिक्षण
आइडिया: किसी भी क्षेत्र में यदि सफल होना चाहते हैं तो स्वयं समय प्रबंधन तथा अनुशासन का महत्व समझते हुए कार्य को जिम्मेदारी से करें एवं सही समय पर सही निर्णय लेकर और नेतृत्वकर्ता का गुण रखते हुए कार्य को अंजाम दें।

मिष्ठी
उम्र/कक्षा: 12 वर्ष
अभिभावक: विजय कुमार
कार्य क्षेत्र: उद्योग / मैन्युफैक्चरिंग
आइडिया: हमेशा हमें हमारे लक्ष्य के प्रति सजग रहना चाहिए।

काजल सैनी
उम्र/कक्षा: 23 वर्ष l B.Ed प्रथम वर्ष
अभिभावक: शंकर लाल सैनी
कार्य क्षेत्र: सरकारी सेवा
आइडिया: वर्तमान युग AI का युग है। हर क्षेत्र में AI का प्रयोग बढ़ता जा रहा है अतः कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने व समय की बचत के लिए AI व तकनीक के प्रयोग को बढ़ावा देना चाहिए। चूंकि सभी कर्मचारियों व आमजन को AI के बारे में अधिक जानकारी नहीं है इसलिए पहले ट्रेनिंग कैंपस लगाकर AI का प्रयोग करके कार्यप्रणाली को कैसे आसान किया जा सकता है यह जानकारी देनी चाहिए जिससे विभाग व आमजन दोनों को बेहतर सुविधा समय की बचत के साथ उपलब्ध करवाई जा सके।

आस्था कटारिया
उम्र/कक्षा: 27 वर्ष
अभिभावक: हरिश कटारिया
कार्य क्षेत्र: उद्यमिता / स्टार्टअप
आइडिया: मेरे पिता फर्नीचर सेक्टर में उद्यमी हैं, विशेष रूप से लेमिनेट्स (सनमिका) थोक बाजार में। आधुनिक तकनीक का उपयोग करके व्यवसाय को सुधारने और बढ़ाने के कई अवसर हैं: 1. इन्वेंटरी मैनेजमेंट – सनमिका शीट्स, लाइनर्स और संबंधित सामग्री के प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के लिए AI-आधारित इन्वेंटरी सॉफ्टवेयर लागू किया जा सकता है। वर्तमान में इन्वेंटरी मैनुअल रूप से फिजिकल रजिस्टर में रखी जाती है। इन रिकॉर्ड को डिजिटाइज करने के लिए AI-पावर्ड इमेज रिकग्निशन का उपयोग किया जा सकता है जो हैंडराइटन एंट्रीज को स्कैन करके संरचित डिजिटल फॉर्मेट में बदल दे। एक बार डिजिटाइज होने के बाद सॉफ्टवेयर से आसानी से इन्वेंटरी जोड़ी, संपादित और रियल-टाइम ट्रैक की जा सकती है। इससे त्रुटियां कम होंगी, समय बचेगा और स्टॉक स्तर की बेहतर विजिबिलिटी मिलेगी। 2. कस्टमाइज्ड मार्केटिंग प्लान्स – चूंकि व्यवसाय B2B वातावरण में है इसलिए विभिन्न क्लाइंट्स की विशिष्ट जरूरतों और खरीद पैटर्न के आधार पर अनुकूलित मार्केटिंग और सेल्स रणनीतियां विकसित की जा सकती हैं। यह दृष्टिकोण बाजार की मांग समझने, उद्योग ट्रेंड्स ट्रैक करने और क्लाइंट्स को अधिक व्यक्तिगत सेवा देने में मदद करेगा। परिणामस्वरूप कस्टमर संतुष्टि बढ़ेगी, संबंध मजबूत होंगे और व्यवसाय वृद्धि होगी।

सिया लोहिया
उम्र/कक्षा: 12 वर्ष | कक्षा 6
अभिभावक: राकेश लोहिया
कार्य क्षेत्र: कानून / वकालत / न्यायिक सेवा
आइडिया: सम्पूर्ण कार्य एवं दस्तावेज कम्प्यूटराइज हों।

शायरा परवीन
उम्र: 26 वर्ष
अभिभावक: शाहीर एल खान
कार्य क्षेत्र: वकालत
आइडिया: मेरे अनुसार न्याय प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए इसे अधिक संवेदनशील, सरल और आम लोगों के लिए समझने योग्य बनाना आवश्यक है। इसके लिए हर कोर्ट में “जन सहायता केंद्र” स्थापित किए जाने चाहिए जहां गरीब और अनपढ़ लोगों को मुफ्त मार्गदर्शन, फॉर्म भरने में सहायता और उनके केस से जुड़ी सही जानकारी आसानी से मिल सके। साथ ही छोटे और सामान्य मामलों के लिए “त्वरित न्याय कक्ष” (Fast Track) बनाए जाने चाहिए ताकि लोगों को लंबे समय तक न्याय के लिए इंतजार न करना पड़े और जल्दी समाधान मिल सके। एक और महत्वपूर्ण सुधार यह हो सकता है कि समय-समय पर गांव और दूरदराज क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता शिविर लगाए जाएं जहां लोगों को उनके अधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में सरल भाषा में बताया जाए। इसमें पारदर्शिता, समयबद्धता और मानवीय दृष्टिकोण को बढ़ाना बहुत जरूरी है। इसके लिए हर केस की सुनवाई के लिए एक निश्चित समय सीमा तय की जानी चाहिए ताकि मामलों का निपटारा लंबे समय तक लंबित न रहे। इन प्रयासों से न्याय प्रणाली अधिक पारदर्शी, तेज और हर व्यक्ति के लिए सुलभ बन सकती है जिससे समाज में न्याय के प्रति विश्वास और मजबूत होगा। इन सुधारों से न्याय प्रणाली न केवल तेज और प्रभावी बनेगी बल्कि लोगों के लिए अधिक भरोसेमंद और संवेदनशील भी होगी।

पायल गुर्जर
उम्र/कक्षा: 18 वर्ष l स्नातक द्वितीय वर्ष
अभिभावक: सुरज्ञान गुर्जर
कार्य क्षेत्र: कृषि / खेती
आइडिया: निक्की का इस्तेमाल, जैविक खेती, कम पानी में उन्नत खेती।

गजल प्रकाश बिंदल
उम्र/कक्षा: 17 वर्ष l कक्षा 12
अभिभावक: प्रकाश बिंदल
कार्य क्षेत्र: उद्योग / मैन्युफैक्चरिंग
आइडिया: हीट रिकवरी सिस्टम स्थापित करें जो उपयोग किए गए गर्म पानी/भाप से गर्मी पकड़कर आने वाले ठंडे पानी को पहले से गर्म कर दे। इससे ठंडे पानी से शुरू करने की बजाय पहले से गर्म पानी मिलेगा।

सांझ शर्मा
उम्र/कक्षा: 9 वर्ष | कक्षा 4
अभिभावक: विभोर शर्मा
कार्य क्षेत्र: शिक्षा / शिक्षण
आइडिया: अपने कार्य के प्रति समर्पित रहकर अपने लक्ष्यों एवं उद्देश्यों को पूरा करना। ईमानदारी और अनुशासन बनाए रखना।

डॉ. प्रिया शर्मा
उम्र/कक्षा: 24 वर्ष l डॉक्टर
अभिभावक: श्री संजय कुमार शर्मा (बुक्स पब्लिशर)
कार्य क्षेत्र: बिजनेस
आइडिया: बच्चों की पुस्तकों के प्रकाशन और स्कूलों में आपूर्ति का व्यवसाय केवल व्यापार नहीं बल्कि भविष्य निर्माण का एक सशक्त माध्यम है। इस क्षेत्र में नवाचार लाने के लिए ऐसी किताबें विकसित की जा सकती हैं जो केवल पढ़ने तक सीमित न हों बल्कि इंटरैक्टिव हों – जैसे QR कोड के माध्यम से ऑडियो-वीडियो कंटेंट, गतिविधि आधारित लर्निंग और स्थानीय संस्कृति से जुड़ी कहानियां। इससे बच्चों की रुचि बढ़ेगी और वे सीखने को अधिक आनंददायक पाएंगे। स्कूलों के साथ बेहतर समन्वय के लिए शिक्षकों और अभिभावकों की राय को शामिल करना जरूरी है। नियमित फीडबैक के आधार पर किताबों की सामग्री को अपडेट किया जा सकता है। साथ ही कस्टमाइज्ड बुक सेट तैयार किए जा सकते हैं जो हर स्कूल के पाठ्यक्रम और बच्चों की जरूरतों के अनुसार हों।

चिन्मयी शर्मा
उम्र/कक्षा: 7 वर्ष l कक्षा 1
अभिभावक: डॉ. केविश शर्मा
कार्य क्षेत्र: चिकित्सा
आइडिया: इंटीरियर को अधिक डायग्राम, मॉडल और चार्ट से रिनोवेट करें ताकि मरीज की स्थिति और उनकी बीमारी/समस्या को आसानी से समझाया जा सके।

गीत प्रकाश बिंदल
उम्र/कक्षा: 17 वर्ष | कक्षा 12
अभिभावक: प्रकाश बिंदल (डायरेक्टर)
कार्य क्षेत्र: उद्योग / मैन्युफैक्चरिंग
आइडिया: डाइंग के लिए पानी की बजाय फोम का उपयोग करें। बहुत कम पानी उपयोग होता है, पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक।

दिव्या जैन
उम्र/कक्षा: 15 वर्ष l कक्षा 11
अभिभावक: अशोक कुमार बाबेल
कार्य क्षेत्र: रियल एस्टेट / जेम्स एंड ज्वैलरी / फर्म / बिजनेस / ट्रेड
आइडिया: एक बहुत सरल और प्रभावी आइडिया “डे-स्टार्ट प्रायोरिटी नोट” शुरू करना है। हर दिन की शुरुआत में हर व्यक्ति एक छोटे स्लिप या बोर्ड पर अपने टॉप 3 सबसे महत्वपूर्ण कार्य लिख ले। इससे फोकस बना रहता है। दिन के अंत में कार्यों को जल्दी चेक या अगले दिन के लिए अपडेट किया जा सकता है। यह छोटी आदत उत्पादकता बढ़ाएगी, समय बचाएगी और पूरी कार्य प्रक्रिया को बिना अतिरिक्त प्रयास या लागत के सुगम बनाएगी।

प्राची चौधरी
उम्र/कक्षा: 13 वर्ष
अभिभावक: हेमंत चौधरी
कार्य क्षेत्र: मीडिया / पत्रकारिता
आइडिया: अपना काम ईमानदारी से करें एवं ओनरशिप के साथ करना चाहिए। अखबार को युवा ज्यादा से ज्यादा पढ़े इसलिए अखबार को यूथ कंटेंट पर ध्यान देना चाहिए जिससे युवा आकर्षित हों अखबार पढ़ने के लिए।

प्रतिष्ठा शर्मा
उम्र/कक्षा: 13 वर्ष | कक्षा 9
अभिभावक: विवेक शर्मा
कार्य क्षेत्र: सरकारी सेवा
आइडिया: डिजिटल मॉनिटरिंग एवं फीडबैक सिस्टम लागू किया जा सकता है। इसके अंतर्गत सभी कार्यों की प्रगति को रियल-टाइम में ट्रैक करने के लिए एक सरल मोबाइल ऐप या पोर्टल विकसित किया जा सकता है जिसमें कर्मचारी अपने दैनिक कार्य, समस्याएं एवं सुझाव दर्ज कर सकें।

श्रेया रिछारिया
उम्र/कक्षा: 9 वर्ष | कक्षा 4
अभिभावक: श्री संदीप रिछारिया
कार्य क्षेत्र: कानून / वकालत / न्यायिक सेवा
आइडिया: फंक्शनिंग को सुधारने के लिए AI और ऑटोमेशन से पावर्ड स्मार्ट डिजिटल कोर्ट सिस्टम शुरू करना। यह सिस्टम सभी केस रिकॉर्ड को डिजिटाइज करेगा जिससे पेपरलेस कोर्ट और दस्तावेजों तक तेज पहुंच संभव होगी। AI टूल्स केस प्राथमिकीकरण में मदद कर सकते हैं, तात्कालिक मामलों (जैसे जमानत या इमरजेंसी केस) की पहचान करके देरी कम कर सकते हैं। वर्चुअल हियरिंग प्लेटफॉर्म से पक्षकार रिमोट से सुनवाई में भाग ले सकेंगे जिससे समय और यात्रा व्यय बचेगा। इसके अलावा रियल-टाइम केस ट्रैकिंग सिस्टम (पार्सल ट्रैकिंग जैसा) से मुकदमे वाले अपनी प्रगति पारदर्शी रूप से मॉनिटर कर सकेंगे। ऑटोमेटेड शेड्यूलिंग से अनावश्यक स्थगन कम होंगे क्योंकि जजों की उपलब्धता को ऑप्टिमाइज किया जाएगा। जजों को सहायता के लिए AI-आधारित लीगल रिसर्च असिस्टेंट जल्दी प्रासंगिक नजीरें ढूंढ सकेंगे जिससे निर्णय की गति और सटीकता बढ़ेगी।

परिधि रावल
उम्र/कक्षा: 14 वर्ष l कक्षा 9
अभिभावक: कृष्ण कुमार रावल
कार्य क्षेत्र: आर्किटेक्ट / इंजीनियरिंग
आइडिया: कार्य क्षमता सुधारने के लिए टीमवर्क और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करना आवश्यक है।

शिवी विजय
उम्र/कक्षा: 10 वर्ष | कक्षा 5
अभिभावक: प्रिया सिंघल (स्कूल लेक्चरर)
कार्य क्षेत्र: सरकारी सेवा
आइडिया: शिक्षा में डिजिटल फील्ड का उपयोग करके शिक्षा में नवाचार किए जा सकते हैं। नई-नई रिसर्च की जा सकती है।

उमान्शी शेखावत
उम्र/कक्षा: 13 वर्ष | कक्षा 7
अभिभावक: उपेंद्र शेखावत
कार्य क्षेत्र: बैंकिंग
आइडिया: कार्यस्थलों को जीपीएस ट्रैकिंग के साथ सुरक्षित परिवहन, स्वच्छ सुविधाएं और समर्पित स्वास्थ्य केंद्र सुनिश्चित करने चाहिए। दूरस्थ कार्य विकल्पों और वापसी कार्यक्रमों सहित लचीली कार्य नीतियां महिलाओं को पेशेवर और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों को संतुलित करने में मदद कर सकती हैं। इसके अतिरिक्त सभी कर्मचारियों के लिए नेतृत्व प्रशिक्षण, बाल देखभाल सहायता और लैंगिक संवेदनशीलता कार्यक्रम सभी क्षेत्रों में बिटियाओं के लिए एक समावेशी, सम्मानजनक और उत्पादक वातावरण बनाने में सहायक हो सकते हैं।

पूर्ति अग्रवाल
उम्र/कक्षा: 10 वर्ष l कक्षा 5
अभिभावक: अनिल अग्रवाल
कार्य क्षेत्र: सीए
आइडिया: पेशे में सफलता के लिए समय प्रबंधन कुंजी है। रिकॉर्डिंग और समय रखरखाव के लिए AI और तकनीक का उपयोग व्यक्ति को कार्य पूर्णता की डेडलाइन के प्रति जागरूक बनाता है और वर्कफ्लो को आसान बनाता है।

अणिमा सिंह नरूका
उम्र/कक्षा: 13 वर्ष | कक्षा 8
अभिभावक: पुष्पेंद्र सिंह नरूका (निदेशक)
कार्य क्षेत्र: सूचना प्रौद्योगिकी
आइडिया: सभी प्रकार की सरकारी योजनाओं की जानकारी व उनके दस्तावेज आदि की कमी-पूर्ति हेतु यूट्यूब चैनल व व्हाट्सएप चैनल बनाने का सुझाव दिया है।

स्वरा-स्वाना भार्गव
उम्र/कक्षा: 4 वर्ष l नर्सरी
अभिभावक: डॉ. गुनीत मोंगा भार्गव
कार्य क्षेत्र: स्वास्थ्य सेवाएं
आइडिया: क्या होगा अगर हम आपका योग फोन और कंप्यूटर पर डाल दें? आप छोटे वीडियो बना सकती हैं जहां आप सरल व्यायाम, सांस और खुशहाल स्ट्रेच दिखाएं। फिर दूर के लोग भी घर बैठे आपसे सीख सकेंगे। आप उनसे वीडियो कॉल पर बात कर सकती हैं। आप टिप्स, रूटीन और बच्चों के लिए मजेदार योग भी शेयर कर सकती हैं! इस तरह ज्यादा लोग आपको जानेंगे और आपकी वजह से बेहतर महसूस करेंगे। आपका योग जादू की तरह हर जगह पहुंच सकता है!

दियांशी जैन
उम्र/कक्षा: 21 वर्ष l CA फाइनलिस्ट
अभिभावक: शैलेश जैन
कार्य क्षेत्र: बिजनेस
आइडिया: विजन: स्मार्ट इक्विपमेंट शेयरिंग प्लेटफॉर्म। इस पहल के माध्यम से मैंने अपने पिता के रोड कंस्ट्रक्शन बिजनेस का अध्ययन किया और एक प्रमुख चुनौती पहचानी – निर्माण मशीनरी का अक्षम उपयोग और सीमित पहुंच। ठेकेदार अक्सर उच्च लागत के कारण सभी मशीनें नहीं रखते। कभी जरूरी उपकरण उपलब्ध नहीं होता या दूसरे साइट पर होता है जिससे देरी होती है। दूसरी ओर जब कोई प्रोजेक्ट नहीं होता तो महंगी मशीनें निष्क्रिय पड़ी रहती हैं जिससे कोई नकदी प्रवाह नहीं होता। नए ठेकेदारों को विश्वसनीय संपर्क ढूंढने में भी कठिनाई होती है। इसे हल करने के लिए मैं एक मोबाइल-आधारित उपकरण शेयरिंग प्लेटफॉर्म प्रस्तावित करती हूं जहां ठेकेदार अपनी उपलब्ध मशीनें इमेज, लोकेशन, मूल्य और उपलब्धता अपलोड करके लिस्ट कर सकें। अन्य ठेकेदार आसानी से आस-पास के उपकरण खोज सकेंगे और जरूरी अवधि के लिए किराए पर ले सकेंगे। यह प्लेटफॉर्म प्रोजेक्ट देरी कम करेगा, निष्क्रिय मशीनरी से आय उत्पन्न करेगा, सभी उपकरण रखने की निर्भरता कम करेगा और ठेकेदारों के बीच जुड़ा हुआ और पारदर्शी नेटवर्क बनाएगा। भविष्य में इसे श्रम और सामग्री एकीकरण तक विस्तारित किया जा सकता है। “यह आइडिया अलग-अलग ठेकेदारों को सहयोगी इकोसिस्टम में बदल देता है जिससे निर्माण तेज, स्मार्ट और अधिक कुशल बनता है।”

मानवी उइके
उम्र/कक्षा: 9 वर्ष | कक्षा 4
अभिभावक: राजेश उइके (टीचर)
कार्य क्षेत्र: सरकारी सेवा
आइडिया: क्लास में बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा।

दिया जैन
उम्र/कक्षा: 23 वर्ष l CA
अभिभावक: यशवंत जैन
कार्य क्षेत्र: शिक्षा / शिक्षण
आइडिया: किताबी ज्ञान के अलावा बच्चों को वास्तविक दुनिया में फिट होने के लिए तैयार किया जाना चाहिए। उन्हें वास्तविक जीवन के अनुभव सिखाए जाएं। उदाहरण के लिए खरीद-बिक्री, संवाद, तकनीक, यात्रा आदि। छात्रों को केवल शैक्षणिक रूप से नहीं बल्कि 360 डिग्री एक्सपोजर वाले प्रोफाइल बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

नव्या सिसोदिया
उम्र/कक्षा: 6 वर्ष | कक्षा प्रथम
अभिभावक: राकेश जीनगर
आइडिया: कार्यस्थल पर किसी कार्य को अपना मानते हुए कार्य किया जाता है तो वह जल्दी और बेहतर तरीके से सफल होता है। कई बार जो लोग कार्यालय पर काम को अन्य लोगों से संबंधित होने से उनके कार्य पेंडिंग रहते हैं जिससे उनको कभी-कभी मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ता है।

गौरवंशी चौहान
उम्र/कक्षा: 10 वर्ष | कक्षा 6
अभिभावक: डॉ. ज्ञानेन्द्र सिंह चौहान
कार्य क्षेत्र: चिकित्सा
आइडिया: प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को आधुनिक मशीनों से बेहतर सुसज्जित करने की जरूरत है ताकि इलाज के लिए लोगों को 3 घंटे दूर बड़े शहरों न जाना पड़े। भीड़ के लिए बेहतर भीड़ प्रबंधन होना चाहिए और इंतजार का समय बहुत लंबा होने के कारण उचित प्रतीक्षा सुविधाएं बढ़ानी चाहिए।

प्राक्षी गुप्ता
उम्र/कक्षा: 25 वर्ष l कार्यरत
अभिभावक: अजय गुप्ता
कार्य क्षेत्र: निजी कंपनी / कॉर्पोरेट जॉब
आइडिया: कार्यों को डेडलाइन और महत्व के आधार पर प्राथमिकता दें। दोहराए जाने वाले काम (ईमेल, रिपोर्ट, डेटा एंट्री) को ऑटोमेट करें। वर्कफ्लो में बाधाओं का पता लगाएं और सुधार की सिफारिश करें। परिणाम: कम मैनुअल प्रयास, कम तनाव और संगठन भर में उच्च दक्षता।

इशिका चौरसिया
उम्र/कक्षा: 15 वर्ष | कक्षा 10
अभिभावक: अरविंद कुमार चौरसिया
कार्य क्षेत्र: सीए / बैंकिंग / वित्त / बीमा
आइडिया: मुझे लगता है कि ग्राहकों के लिए एक हेल्प डेस्क होना चाहिए ताकि उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान मिल सके। महिलाओं के लिए अलग स्वच्छ वॉशरूम होना चाहिए। अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग काउंटर होने चाहिए।

सोनाली राजपुरोहित
उम्र/कक्षा: 24 वर्ष
अभिभावक: विजय सिंह
कार्य क्षेत्र: जेम्स एंड ज्वैलरी
आइडिया: मैं अपने पिता के ज्वेलरी व्यवसाय में कार्य प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए एक सरल और प्रभावी डिजिटल स्टॉक मैनेजमेंट तरीका अपनाती हूं। दुकान में आने और बिकने वाले हर आभूषण का विवरण मैं रोजाना एक एक्सेल शीट या सॉफ्टवेयर में अपडेट करती हूं जिसमें डिजाइन, वजन, कीमत और स्टॉक की जानकारी शामिल रहती है। इसके अलावा हर आइटम को एक यूनिक कोड देने से ट्रैकिंग आसान हो जाती है और समय की बचत होती है। समय-समय पर स्टॉक का मिलान (स्टॉक ऑडिट) करने से गलतियों की संभावना कम हो जाती है। इस डिजिटल प्रणाली से न केवल पारदर्शिता बढ़ती है बल्कि ग्राहक को भी जल्दी और सही जानकारी मिलती है जिससे व्यवसाय अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनता है।

पल्लवी नायक
उम्र/कक्षा: 13 वर्ष l कक्षा 9
अभिभावक: विनोद नायक
कार्य क्षेत्र: सामाजिक कार्य / एनजीओ / संस्थान / संगठन
आइडिया: निरंतर 24 घंटे पेट्रोल डीजल की सप्लाई उपलब्ध करवाना ताकि किसी को परेशानी न हो। पेट्रोल पंप पर फिल्टर वाटर कूलर की व्यवस्था सुचारू रखना और वॉशरूम की साफ-सफाई रखना और प्रदूषण कम करने के लिए पेट्रोल पंप के चारों ओर अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाना।

राशि भारुका
उम्र/कक्षा: 23 वर्ष
अभिभावक: राजेश भारुका
कार्य क्षेत्र: बिजनेस
आइडिया: ऑर्डर ट्रैकिंग, संभावित ग्राहकों का फॉलो-अप, पेमेंट ट्रैकिंग और लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट को ऑटोमेट करने के लिए टेक्नोलॉजी और AI को एकीकृत करना तथा क्लाइंट के साथ संवाद करना।

भूमि झलानी
उम्र/कक्षा: 21 वर्ष l UPSC एस्पिरेंट
अभिभावक: गोपाल झलानी
कार्य क्षेत्र: उद्यमिता / स्टार्टअप
आइडिया: मैं सख्त रिटर्न वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने का सुझाव देती हूं। उदाहरण के लिए डिलीवरी एजेंट को रिटर्न पिकअप के समय उत्पाद की फोटो लेनी चाहिए। इससे गलत रिटर्न कम होंगे और नुकसान रोका जा सकेगा जो कई प्लेटफॉर्म्स पर प्रमुख समस्या है।

अविशी बंगड़
उम्र/कक्षा: 10 वर्ष l कक्षा 5
अभिभावक: अनिल कुमार बंगड़ (शॉपकीपर)
कार्य क्षेत्र: ट्रेड
आइडिया: व्हाट्सएप पर ऑर्डर: ग्राहकों से व्हाट्सएप के माध्यम से ऑर्डर लें और तुरंत डिलीवर करें। डिजिटल पेमेंट: QR कोड, UPI और कार्ड मशीन का अनिवार्य उपयोग करें। कॉम्बो ऑफर: दाल+चावल या चाय+बिस्किट पर विशेष छूट दें। लॉयल्टी प्रोग्राम: नियमित ग्राहकों के लिए रिवॉर्ड पॉइंट्स या कार्ड बनाएं। व्यवस्थित डिस्प्ले: शेल्फ को सुपरमार्केट की तरह व्यवस्थित रखें। डिजिटल इन्वेंटरी: स्टॉक ट्रैक करने के लिए ऐप्स का उपयोग करें। डिजिटल स्क्रीन: स्टोर में विशेष ऑफर दिखाने के लिए टीवी या स्क्रीन लगाएं। स्पेशल कॉर्नर: ऑर्गेनिक, ग्लूटेन-फ्री या बेबी आइटम्स के लिए अलग कॉर्नर बनाएं। लोकल प्रोडक्ट्स: स्थानीय कारीगरों या किसानों के सामान रखें। अतिरिक्त सेवाएं: मोबाइल रिचार्ज, बिल पेमेंट, कूरियर जैसी सेवाएं जोड़ें। पैकेजिंग पर ध्यान: आकर्षक और पर्यावरण अनुकूल बैग्स का उपयोग करें। एरिया मैपिंग: आस-पास 2 किमी के ग्राहकों को टारगेट करें। समय पर स्टॉक: तेज चलने वाले आइटम्स (दूध, ब्रेड) का स्टॉक कभी खत्म न होने दें। सोशल मीडिया मार्केटिंग: फेसबुक/इंस्टाग्राम पर लोकल ऑफर पोस्ट करें। स्वच्छता: दुकान का वातावरण साफ और सुगंधित रखें। ग्राहक फीडबैक: ग्राहकों से सुझाव पूछें और सुधार करें। एक्सक्लूसिव प्रोडक्ट्स: आस-पास की दुकानों में उपलब्ध न होने वाले आइटम रखें। व्यवहार: ग्राहकों के साथ विनम्र और पड़ोसी जैसा व्यवहार करें।

चंचल कंवर
उम्र/कक्षा: 18 वर्ष l प्रथम वर्ष BCom
अभिभावक: भारत सिंह
कार्य क्षेत्र: बिजनेस
आइडिया: इनोवेटिव आइडिया: इंटीग्रेटेड डिजिटल वर्कफ्लो सिस्टम। मैं बिजनेस में इंटीग्रेटेड डिजिटल वर्कफ्लो सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव करती हूं। यह सिस्टम रूटीन प्रोसेस जैसे कार्य आवंटन, अनुमोदन और रिपोर्टिंग को ऑटोमेट करेगा। यह काम की प्रगति का रियल-टाइम ट्रैकिंग भी प्रदान करेगा और कागजी काम कम करेगा। इससे दक्षता बढ़ेगी, त्रुटियां कम होंगी, समय बचेगा और कर्मचारियों के बीच समन्वय बेहतर होगा जिससे समग्र उत्पादकता बढ़ेगी।

वैध्यति त्रिवेदी
उम्र/कक्षा: 13 वर्ष | कक्षा 9
अभिभावक: इंजी. वरुण त्रिवेदी
कार्य क्षेत्र: सूचना प्रौद्योगिकी
आइडिया: स्कूल स्तर पर AI और रोबोटिक्स को शामिल करना।

लक्षिता बोहरा
उम्र/कक्षा: 13 वर्ष | कक्षा 9
अभिभावक: सीएस ओमेश बोहरा
कार्य क्षेत्र: वित्त
आइडिया: स्मार्ट डिजिटल कंप्लायंस एंड अपडेट सिस्टम। कार्य प्रणाली सुधारने के लिए नियामक अपडेट्स, संशोधनों और केस लॉ का रियल-टाइम ट्रैकिंग करने के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म लागू किया जा सकता है। सिस्टम को दैनिक या साप्ताहिक अलर्ट प्रदान करने चाहिए ताकि सभी टीम सदस्य बिना मैनुअल प्रयास के अपडेट रहें। इसके अलावा एक इंटीग्रेटेड डैशबोर्ड कार्य आवंटन, डेडलाइन ट्रैकिंग और कंप्लायंस स्टेटस मॉनिटरिंग में मदद कर सकता है। ऑटोमेटेड रिमाइंडर और नोटिफिकेशन से देरी कम होगी और कार्य समय पर पूरे होंगे। इन-प्लेटफॉर्म मैसेजिंग और अपडेट लॉग्स के माध्यम से प्रभावी संवाद बढ़ाया जा सकता है ताकि सभी टीम सदस्य संरेखित और सूचित रहें। टास्क प्रायोरिटाइजेशन और प्रोग्रेस ट्रैकिंग जैसे टाइम मैनेजमेंट टूल्स दक्षता को और सुधार सकते हैं। यह सिस्टम त्रुटियां कम करेगा, पारदर्शिता बढ़ाएगा और सभी को सूचित, व्यवस्थित और जवाबदेह रखकर बेहतर कंप्लायंस सुनिश्चित करेगा।

तनिषा गुर्जर
उम्र/कक्षा: 20 वर्ष | कॉलेज
अभिभावक: श्री बालकिशन गुर्जर एवं श्रीमती रसल देवी
कार्य क्षेत्र: कृषि / खेती
आइडिया: कृषि कार्य को वाणिज्य में परिवर्तित किया जा सके तो देश की GDP के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति में भी अत्यधिक सुधार और गुणवत्ता होगी। इससे कार्य क्षमता बढ़ेगी, कृषि की ओर ध्यान आकर्षित होगा, प्रति व्यक्ति आय बढ़ेगी। आय के बढ़ने से शिक्षा में भी अत्यधिक झुकाव एवं अवसर प्राप्त होंगे, देश में शिक्षा स्तर बढ़ेगा और जागरूकता बढ़ेगी, देश आगे बढ़ेगा।

नैशा उपाध्याय
उम्र/कक्षा: 12 वर्ष | कक्षा 7
अभिभावक: विनय उपाध्याय
कार्य क्षेत्र: सीए / बैंकिंग / वित्त / बीमा
आइडिया: अच्छे प्रदर्शन के लिए छोटे-छोटे पुरस्कार देकर टीमवर्क को प्रोत्साहित किया जा सकता है। खुश कर्मचारी हमेशा बेहतर परिणाम देते हैं।

रूही आराध्या जायसवाल
उम्र/कक्षा: 12 वर्ष | कक्षा 7
अभिभावक: विनोद जायसवाल
कार्य क्षेत्र: बैंकिंग
आइडिया: आजकल फाइनेंशियल सिस्टम में डिजिटल अरेस्ट बड़ी समस्या है। हम इस स्कैम से बच सकते हैं – अननोन वीडियो कॉल न स्वीकार करें, OTP और व्यक्तिगत डेटा कभी शेयर न करें, जल्दबाजी में कोई पेमेंट न करें।

मानवी मिश्रा
उम्र/कक्षा: 8 वर्ष | कक्षा 2
अभिभावक: राहुल मिश्रा
कार्य क्षेत्र: मीडिया / पत्रकारिता
आइडिया: जर्नलिस्ट को अपनी न्यूज रिपोर्ट्स सुधारने के लिए AI टूल्स का उपयोग करना चाहिए।

सिद्धि सारस्वत
उम्र/कक्षा: 14 वर्ष | कक्षा 8
अभिभावक: कन्हैया लाल सारस्वत
कार्य क्षेत्र: सरकारी सेवा
आइडिया: किसानों की आय में वृद्धि के लिए कृषि की नवीन तकनीकी यथा AI का उपयोग, कृषि यंत्रीकरण, खाद्य प्रसंस्करण, समन्वित कृषि (कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, बकरी-मुर्गी-झींगा मछली-मशरूम-मधुमक्खी पालन आदि)। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कृषि में नवाचार प्रदर्शन के लिए कृषक भ्रमण। जल संरक्षण के लिए ड्रिप, फव्वारा तकनीक का उपयोग अनिवार्य करें। सोलर एनर्जी का भरपूर उपयोग कृषि में किया जाए।

गौरवी जैन
उम्र/कक्षा: 20 वर्ष l BA
अभिभावक: परस जैन
कार्य क्षेत्र: निजी कंपनी / कॉर्पोरेट जॉब
आइडिया: स्मार्ट डेलिगेशन: एक ऐसा डिजिटल डैशबोर्ड जो कर्मचारियों की क्षमता और पिछले प्रदर्शन के आधार पर कार्यों का आवंटन करे जिससे कार्यभार संतुलित रहे। रियल-टाइम माइक्रो-लर्निंग: काम के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं के लिए AI तुरंत छोटे वीडियो ट्यूटोरियल या गाइड्स उपलब्ध कराए ताकि काम न रुके। विजुअल प्रोग्रेस ट्रैकिंग: पूरे प्रोजेक्ट को एक गेमिफाइड तरीके से पेश करना जहां हर उपलब्धि पर टीम को वर्चुअल रिवॉर्ड्स मिलें। इससे मोटिवेशन बढ़ता है।

कनिष्का मीणा
उम्र/कक्षा: 9 वर्ष l कक्षा 5
अभिभावक: रीना मीणा
कार्य क्षेत्र: शिक्षा / शिक्षण
आइडिया: मैं इस कार्यस्थल में “ग्रीन स्कूल प्रोजेक्ट” चलाऊंगी। इस प्रोजेक्ट में छात्र अपने स्कूल को हरा-भरा और स्वच्छ बनाने के लिए काम करेंगे। वे पौधे लगाएंगे, कूड़ा-कचरा प्रबंधन करेंगे और ऊर्जा की बचत करेंगे। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से छात्र पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझेंगे और अपने स्कूल को एक बेहतर स्थान बनाने में योगदान करेंगे।

जयराज कुंवर
उम्र/कक्षा: 13 वर्ष | कक्षा 8
अभिभावक: विक्रांत सिंह (इलेक्ट्रीशियन)
आइडिया: समय पर कार्य करने पर लक्ष्य आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

किमाया शर्मा
उम्र/कक्षा: 10 वर्ष l कक्षा 5
अभिभावक: विनय शर्मा
कार्य क्षेत्र: निजी कंपनी / कॉर्पोरेट जॉब
आइडिया: बेहतरी के लिए AI का उपयोग किया जा सकता है।

वंशिका राज माली
उम्र/कक्षा: 15 वर्ष l कक्षा 10
अभिभावक: अर्जुन सिंह माली
कार्य क्षेत्र: मीडिया / पत्रकारिता
आइडिया: कार्य प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए मेरा सुझाव है कि सबसे पहले सभी कार्यों को स्पष्ट रूप से विभाजित किया जाए और प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी तय हो। इससे काम में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। इसके साथ ही नियमित रूप से छोटी-छोटी मीटिंग आयोजित की जाए जिसमें कार्य की प्रगति और समस्याओं पर चर्चा हो सके। तकनीक का उपयोग भी कार्य प्रणाली को मजबूत बना सकता है जैसे ऑनलाइन रिकॉर्ड रखना, डिजिटल उपस्थिति और समय-समय पर अपडेट साझा करना। इससे समय की बचत होगी और काम अधिक व्यवस्थित तरीके से हो पाएगा। टीमवर्क को बढ़ावा देना भी बहुत जरूरी है। सभी सदस्यों को एक-दूसरे के साथ सहयोग और समन्वय बनाकर काम करना चाहिए। इससे कार्य जल्दी और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा होगा।

गुंजन तोतला
उम्र/कक्षा: 15 वर्ष l कक्षा 10
अभिभावक: जुगल किशोर तोतला
कार्य क्षेत्र: कृषि / खेती
आइडिया: 1. सारे किसान लोगों को ऑर्गेनिक खेती करनी चाहिए। 2. इस उद्देश्य पर सरकार को भी ध्यान देना चाहिए। 3. और जैविक खेती को अनिवार्य कर देना चाहिए और रासायनिक खेती को बंद कर देना चाहिए।

अनादी कपूर
उम्र/कक्षा: 7 वर्ष | कक्षा 2
अभिभावक: श्रीमती सुगंधा कपूर
कार्य क्षेत्र: मीडिया / पत्रकारिता
आइडिया: हमें AI का उपयोग करना चाहिए।

सलोनी अग्रवाल
उम्र/कक्षा: 22 वर्ष | M.Sc.
अभिभावक: प्रेम चंद गुप्ता
कार्य क्षेत्र: बिजनेस
आइडिया: कार्य प्रणाली सुधारने का एक इनोवेटिव आइडिया स्मार्ट डिजिटल वर्कफ्लो मैनेजमेंट सिस्टम लागू करना है। यह सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके कर्मचारियों की स्किल्स, वर्कलोड और डेडलाइन के आधार पर कार्यों का आवंटन करेगा। इससे भ्रम कम होगा, दक्षता बढ़ेगी और काम का निष्पक्ष वितरण सुनिश्चित होगा। इसके अलावा एक रियल-टाइम कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म एकीकृत किया जा सकता है जहां टीम सदस्य अपडेट शेयर कर सकें, प्रगति ट्रैक कर सकें और मुद्दों को जल्दी हल कर सकें। इससे देरी कम होगी और विभागों के बीच समन्वय सुधरेगा। एक और महत्वपूर्ण फीचर ऑटोमेटेड फीडबैक सिस्टम हो सकता है जहां कर्मचारी नियमित रूप से रचनात्मक फीडबैक दे और प्राप्त कर सकें। इससे निरंतर सुधार और बेहतर प्रदर्शन होगा। साथ ही लचीले कार्य विकल्प जैसे रिमोट वर्क या फ्लेक्सिबल ऑवर्स शुरू करने से उत्पादकता और कर्मचारी संतुष्टि बढ़ेगी। कुल मिलाकर टेक्नोलॉजी को लोगों के अनुकूल दृष्टिकोण के साथ जोड़कर कार्य प्रणाली अधिक कुशल, पारदर्शी और उत्पादक बनाई जा सकती है।

नैशा भाटिया
उम्र/कक्षा: 11 वर्ष | कक्षा 7th
अभिभावक: रोहन भाटिया
कार्य क्षेत्र: निजी कंपनी / कॉर्पोरेट जॉब
आइडिया: टीवी, एफएम और न्यूजपेपर में अलग सेक्शन/स्लॉट शामिल करना चाहिए जो AI टूल्स या प्रॉम्प्ट्स के विभिन्न, उपयोगी और रोचक उपयोग के बारे में हो ताकि पीढ़ियों को अपने दैनिक जीवन में AI को अपनाने के लिए शिक्षित किया जा सके।