
Sonam Wangchuk Health Update: सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल ने लेटेस्ट स्वास्थ्य बुलेटिन जारी किया है। अस्पताल के मुताबिक, वांगचुक की हालत स्थिर है, वे पूरी तरह सचेत हैं और उनके सभी महत्वपूर्ण शारीरिक संकेत (वाइटल साइन) सामान्य सीमा के भीतर हैं। अस्पताल ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें दिया जा रहा इलाज उनकी सहमति से किया जा रहा है।
देश के कई राज्यों में NEET-UG 2026 पेपर लीक के विरोध में छात्र आंदोलन जारी है। इसी आंदोलन के समर्थन में सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाए जाने के बाद भी उन्होंने अपना अनशन समाप्त नहीं किया है। गुरुवार को उनकी भूख हड़ताल का 26वां दिन रहा। उन्होंने कहा है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।
इस बीच जंतर-मंतर से CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि युवाओं के मुद्दे पर बोलने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 34 दिन लग गए। दीपके ने आरोप लगाया कि सरकार अब भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बचाव कर रही है, जबकि छात्रों की मांगों पर कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं हुई है।
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के हालिया विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष छात्रों के आंदोलन के प्रति गंभीर होता, तो उसके नेताओं को जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए था।
मीडिया से बात करते हुए आंग्मो ने कहा कि वांगचुक की सार्वजनिक छवि का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब लोग दिखावटी और वास्तविक समर्थन के बीच अंतर समझते हैं। आंग्मो ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुआ प्रदर्शन छात्रों के आंदोलन के प्रति वास्तविक समर्थन नहीं दिखाता। उनके मुताबिक, आज का युवा सच्चाई को पहचानता है और केवल प्रतीकात्मक राजनीति से प्रभावित नहीं होगा।
गीतांजलि आंग्मो का यह बयान ऐसे समय आया है, जब 21 जुलाई को राहुल गांधी और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री के 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास के पास छात्रों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया था। यह प्रदर्शन संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में आयोजित किया गया था। बाद में पुलिस ने राहुल गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया।