
CJP Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर से 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में संसद मार्च किया गया था। जिसमें पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने-सामने हो गए थे। अब इस मार्च को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बड़ा खुलासा किया है। सोशल मीडिया पर वांगचुक की एक वीडियो वायरल हो रही है, जिसमें उन्होंने पूरे आंदोलन को लेकर बात कही है।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की एक पॉडकास्ट की वीडियो सामने आई है। जिसमें उन्होंने कहा कि हमारा प्लान था कि हम संसद मार्च करेंगे। संसद जाएंगे और विपक्षी सांसदों को इस मुद्दे को सौंपेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि इसको लेकर मैंने कोर ग्रुप से पूछा कि संसद मार्च के दौरान कितने लोग आ सकते है? इस पर आशुतोष रांका ने कहा कि 10 हजार, जबकि सौरभ दास ने कहा कि 15 हजार लोग आ सकते है। लेकिन मैंने सोचा कि 1 से 2 लाख लोग आ सकते है। लेकिन मैंने यह बात किसी को भी नहीं बताई।
सोनम वांगचुक ने कहा कि सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर किसी को उम्मीद नहीं थी कि यह सफल हो जाएगा। लोग इससे निकलने की सोच रहे थे। तब मीटिंग में यह कहा गया कि 20 जुलाई को विपक्षी सांसदों को इस मुद्दे को सौंपेंगे।
उन्होंने कहा कि हमारा मानना था कि हम 20 जुलाई को संसद मार्च करे और सभी विपक्षी सांसद हमें रिसीव करें। हमारा सिर्फ मार्च करने का विचार था। हमने कोई तोड़फोड़ करने वाली बात नहीं की।
सीजेपी कोर कमेटी के लोग कह रहे थे कि आपको व्हीलचेयर पर ले जाएंगे। हम संसद जाएंगे और वहां सांसदों को यह मुद्दा सौंप देंगे और कहेंगे कि हमने इतने दिन जो छात्रों के लिए कर सकते थे वह किया अब आप इस मुद्दे को संसद में उठाएं।
सोनम वांगचुक ने कहा कि तब बात सामने आई कि क्यों ना हम विपक्ष के नेता राहुल गांधी से अनशन तुड़वाएं। बहुत लोग इस प्रदर्शन से निकलने वाले थे। लेकिन मैंने कहा था कि मैं अनशन कर सकता हूं।
बता दें कि नीट पेपर लीक, परीक्षाओं में अनियमितता और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। सीजेपी ने 20 जुलाई को संसद मार्च का आयोजन किया था।
इस मार्च में पुलिस और प्रदर्शनकारियों का कई बार आमना-सामना हुआ। संसद के बाहर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को भगाने के लिए लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान पुलिस पर पेलेट गन का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगा।
वहीं प्रदर्शन बढ़ने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया। दरअसल, छात्रों पर हुई लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष ने सड़क से लेकर संसद तक जमकर प्रदर्शन किया।