नाराज स्पीकर ओम बिरला ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि यदि सांसद नारे लिखी टी-शर्ट पहन कर सदन में नारे लगाते आएंगे तो कार्यवाही नहीं चलेगी।
डीएमके सांसदों ने गुरुवार को संभावित परिसीमन का विरोध जताने के लिए नारे लिखी टी-शर्ट पहनकर राज्यसभा और लोकसभा में हंगामा किया। हंगामे के कारण दोनों सदनों में पूरे दिन कार्यवाही नहीं चल पाई। लोकसभा में डीएमके सदस्यों के रवैये से नाराज स्पीकर ओम बिरला ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि यदि सांसद नारे लिखी टी-शर्ट पहन कर सदन में नारे लगाते आएंगे तो कार्यवाही नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि चाहे कोई भी बड़ा नेता हो, सदन की मर्यादा और परंपराओं का उल्लंघन करेगा तो लोकसभा अध्यक्ष होने के नाते उसे बरकरार रखने की जिम्मेदारी मेरी है।
दरअसल, तमिलनाडु समेत दक्षिणी राज्यों के कई दलों के सांसद संभावित परिसीमन को लेकर विरोध जता रहे हैं। इसी कड़ी में डीएमक सांसद 'निष्पक्ष परिसीमन' और 'तमिलनाडु संषर्ष करेगा' और 'तमिलनाडु जीतेगा' जैसे नारे लिखी टी-शर्ट पहनकर लोकसभा में पहुंचे और कार्यवाही शुरू होते ही नारे लगाने लगे। स्पीकर बिरला ने उन्हें टोका तो नारेबाजी और हंगामा बढ़ गया। बिरला ने कहा कि सदन मर्यादा और गरिमा से चलता है। कुछ दिनों यहां कुछ सदस्य सदन की गरिमा को भंग कर रहे हैं। हंगामे के चलते बिरला ने महज दो मिनट में सदन की कार्यवाही को पहले दोपहर 12 बजे, फिर दो बजे तक और बाद में शुक्रवार तक के लिए तक स्थगित कर दिया। इसके चलते प्रश्नकाल भी नहीं हो सका।
डीएमके सांसदों के नारे लिखी टी-शर्ट पहनकर सदन में आने के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो सका। बाद में सभापति जगदीप धनखड़ ने विभिन्न दलों के नेताओं को अपने चैम्बर में बुलाकर सदन सुचारू रूप से चलाने पर चर्चा की।