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बंगाल के विश्वविद्यालयों में हड़ताल: शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग, वामपंथी और TMCP कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें

SFI Strike: पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु के इस्तीफे की मांग को लेकर आज राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में हड़ताल का आह्वान किया। इस दौरान वामपंथी और टीएमसीपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हो गई।
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Updated: 3 Mar 2025, 3:45 PM IST
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शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु के इस्तीफे की मांग को लेकर कोलकाता में वामपंथी दलों द्वारा विरोध मार्च

SFI Strike: पश्चिम बंगाल में विश्वविद्यालय परिसरों में माकपा की छात्र शाखा एसएफआई (Students Federation of India) द्वारा हड़ताल के दौरान सोमवार को वामपंथी छात्र संगठनों और तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद (टीएमसीपी) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुईं। प्रदेश के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु के इस्तीफे की मांग की जा रही है। कोलकाता में जादवपुर और प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालयों के परिसर सुनसान रहे, क्योंकि आम छात्र, संकाय सदस्य और अन्य कर्मचारी दूर रहे। वहीं, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के सदस्य परिसरों में एकत्र हुए और एक दिन की हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के बावजूद राज्यभर में बोर्ड परीक्षा (कक्षा 12) की परीक्षाएं बिना किसी रुकावट के जारी रही।

वामपंथी और टीएमसीपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें

पश्चिम मेदिनीपुर जिले के मेदिनीपुर शहर, दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी, कूचबिहार जिले और पूर्व मेदिनीपुर जिले के पंसकुरा में टीएमसी की छात्र शाखा के सदस्यों और एआईडीएसओ और एसएफआई के वामपंथी कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुईं। हड़ताल की वजह से वाहनों की आवाजाही प्रभावित नहीं हुई है। एसएफआई कार्यकर्ताओं ने सड़क यातायात में किसी प्रकार की कोई व्यवधान उत्पन्न नहीं किया।

दो दिन पहले जादवपुर यूनिवर्सिटी में हुआ था हंगामा

आपको बता दें कि एक मार्च को जादवपुर विश्वविद्यालय में हुए हंगामे के दौरान बसु के काफिले की एक कार के टकराने से दो छात्र घायल हो गए थे। वामपंथी छात्रों ने छात्र संघ चुनावों के संचालन पर चर्चा की मांग करते हुए मंत्री को परिसर से बाहर जाने से रोका लिया था। इस दौरान शिक्षा मंत्री के वाहन के टायर की हवा निकाल दी गई और तोड़फोड़ की गई थी।

एसएफआई का आरोप और मंत्री से इस्तीफे की मांग

एसएफआई के राज्य समिति सदस्य शुभजीत सरकार ने तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि टीएमसी ने बाहरी तत्वों के साथ मिलकर जादवपुर विश्वविद्यालय में हिंसा और तोड़तोड़ की थी। उन्होंने कहा कि छात्र शिक्षा मंत्री से मिलकर बातचीत करना चाहते थे। एसएफआई का कहना है कि मंत्री को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा देना चाहिए।

Updated on:
3 Mar 2025, 3:45 PM IST
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