समर सीजन की सबसे बड़ी फसल धान 19 अप्रैल तक 29.80 लाख हैक्टेयर में बोई जा चुकी है, जो पिछले साल के आंकड़े 27.41 लाख हैक्टेयर से 8.72% अधिक है। धान के साथ 11.44 लाख हैक्टेयर में मोटे अनाज बोए जा चुके हैं। जो पिछले साल से 8.75% ज्यादा है।
बेहतर मानसून की उम्मीद में किसान इस साल समर सीजन की फसलों की खूब बुआई कर रहे हैं। धान, मूंग, मक्का, बाजरा और मूंगफली की बुआई में बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल के मुकाबले इस साल अब तक फसलों की बुआई का रकबा 8त्न से ज्यादा बढ़ा है। इन फसलों की बुआई खत्म होने कगार पर है। समर सीजन की सबसे बड़ी फसल धान 19 अप्रैल तक 29.80 लाख हैक्टेयर में बोई जा चुकी है, जो पिछले साल के आंकड़े 27.41 लाख हैक्टेयर से 8.72% अधिक है। धान के साथ 11.44 लाख हैक्टेयर में मोटे अनाज बोए जा चुके हैं। जो पिछले साल से 8.75% ज्यादा है। अब तक 9.88 लाख हैक्टेयर में तिलहन फसलों की बुआई हो चुकी है, जो पिछली समान अवधि में 9.42 लाख हैक्टेयर में बोई गई कुल तिलहन फसलों से ज्यादा है। इसी तरह दलहन की बुआई का आंकड़ा 13.35 लाख हैक्टेयर रहा। इसका रकबा 9त्न बढ़ा है।
घरेलू सप्लाई बढ़ाने और कीमतों को कम करने के लिए भारत सरकार ने पिछले एक साल में रेकॉर्ड 100 लाख टन गेहूं बेचा है। इससे सरकारी गोदामों में गेहूं का भंडार 16 सालों में सबसे कम हो गया है। 1 अप्रेल, 2024 को सरकारी भंडार में गेहूं का बफर स्टॉक केवल 75 लाख टन रह गया, जो पिछले साल के 83.5 लाख टन से कम है। पिछले 10 वर्ष में 1 अप्रेल को औसत गेहूं भंडार 160.7 लाख टन रहा। स्टॉक कम होने के बावजूद सरकार ने अभी तक गेहूं आयात पर लगने वाले 40त्न टैक्स को कम नहीं किया है और न ही रूस जैसे देशों से सीधे गेहूं खरीदने का फैसला किया है। इस साल सरकार ने किसानों से 320 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है।
फसल रकबा इजाफा
धान 29.80 8.7%
मक्का 6.33 8.6%
बाजरा 4.61 5.7%
मूंग 10.36 10%
उड़द 2.76 8.7%
मूंगफली 4.58 3.6%
तिल 4.74 6.3%
सूरजमुखी 0.33 1.7%
(रकबा लाख हैक्टेयर में)