राष्ट्रीय

चुनाव में मनी पावर पर रोक की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने मांगा केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव में मनी पावर पर रोक की मांग की है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से जवाब भी मांगा है।
less than 1 minute read
Feb 27, 2026
Money power in elections
Money power in elections (Representational Photo)

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को चुनावों के दौरान राजनीतिक दलों द्वारा मनी पावर के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार और केंद्रीय चुनाव आयोग से जवाब तलब किया है। ‘कॉमन कॉज़ बनाम यूनियन ऑफ इंडिया’ मामले में सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने कहा कि यह मामला कठिन संवैधानिक प्रश्न उठाता है।

लोकतंत्र की मूल संरचना से जुड़ा है मुद्दा

याचिकाकर्ता की ओर से प्रशांत भूषण ने दलील दी कि यह लोकतंत्र की मूल संरचना से जुड़ा मुद्दा है। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर 6 सप्ताह बाद मामले को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।

संवैधानिक बहस और इलेक्टोरल बॉन्ड संदर्भ

सुनवाई में जस्टिस बागची ने खर्च सीमा और अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ी चिंताएं उठाईं। भूषण ने 15 फरवरी 2024 के फैसले का हवाला दिया, जिसमें 5 जजों की संविधान पीठ ने इलेक्टोरल बॉन्ड योजना रद्द कर दी थी और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को 2019 से जारी बॉन्ड का विवरण केंद्रीय चुनाव आयोग को देने का निर्देश दिया था। योजना को सूचना के अधिकार के उल्लंघन के आधार पर असंवैधानिक ठहराया गया था।

Updated on:
27 Feb 2026 07:17 am
Published on:
27 Feb 2026 07:16 am
Also Read
View All