राष्ट्रीय

चुनाव आयुक्त अरुण गोयल की नियुक्ति की फाइलें देखेंगा सुप्रीम कोर्ट, कल केंद्र सरकार को लगाई थी फटकार

सुप्रीम कोर्ट बीते दिन 22 नवंबर चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार को फटकार लगाई है, जिसके बाद आज शीर्ष अदालत ने चुनाव आयुक्त अरुण गोयल की नियुक्ति की सभी फाइलें दिखाने के आदेश दिए हैं।  

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Supreme Court asks Centre to show Election Commissioner Arun Goel's appointment files

चुनाव आयुक्त अरुण गोयल की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त हो गया है। शीर्ष अदालत ने बुधवार यानी आज आदेश जारी करते हुए केंद्र सरकार को चुनाव आयुक्त अरुण गोयल की नियुक्ति की फाइलें दिखाने के लिए कहा है, जिसके लिए कोर्ट ने कल तक का समय दिया है। जस्टिस केएम जोसेफ की अगुवाई वाली पांच जजों की बेंच ने अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी से कल यानी 24 नवंबर को फाइलें पेश करने के लिए कहा है।

दरअसल मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को और ज्यादा पारदर्शी बनाने की मांग के साथ एक याचिका दायर की गई है। इसी याचिका की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से चुनाव आयुक्त की नियुक्ति फाइलें दिखाने के लिए कहा है। वहीं याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण ने मांग की है कि कोर्ट का फैसला आने तक चुनाव आयोग की नियुक्तियां रोक दी जाए।

नई नियुक्ति की फाइल देखना जरूरी: सुप्रीम कोर्ट
जस्टिस जोसेफ के नेतृत्व वाली 5 जजों की बेंच ने माना कि नई नियुक्ति की फाइल देखना जरूरी है, लेकिन अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमनी ने इसे गैरजरूरी बताया। इसके बाद जस्टिस जोसेफ ने कहा कि "अगर सब कुछ ठीक-ठाक है, जैसा कि आप दावा करते हैं, सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा था, तो आपको डरने की कोई बात नहीं है।"

रिटायर्ड ब्यूरो क्रेट अरुण गोयल को VRS देकर बनाया गया है चुनाव आयुक्त
गुजरात विधानसभा चुनाव से ठीक से पहले रिटायर्ड ब्यूरो क्रेट अरुण गोयल को हाल ही में 19 नवंबर 2022 को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया है। रिटायर्ड ब्यूरो क्रेट अरुण गोयल पंजाब कैडर के पूर्व अधिकारी हैं, जिन्हें नौकरी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने के बाद एक दिन बाद चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया है। 18 नवंबर को VRS लेने तक गोयल केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव थे।

प्रधानमंत्री पर भी कार्रवाई के लिए सक्षम चुनाव आयुक्त
याचिका की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि "मुख्य चुनाव आयुक्त को इतना मजबूत होना चाहिए कि अगर कल को प्रधानमंत्री के ऊपर भी किसी गलती का आरोप लगे, तो वह अपना दायित्व निभा सकें। इसका जवाब देते हुए केंद्र सरकार के वकील ने कहा "सिर्फ काल्पनिक स्थिति के आधार पर केंद्रीय कैबिनेट पर अविश्वास नहीं किया जाना चाहिए।"

Published on:
23 Nov 2022 07:13 pm
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