
RSS के सर कार्यवाहक दत्तात्रेय होसबाले ने अमेरिका को दिखाया आइना (Image- ANI)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सर कार्यवाहक दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि हिंदुओं ने कभी किसी देश पर आक्रमण नहीं किया और न ही किसी को गुलाम बनाया। इसलिए हिंदुओं को किसी भी बात के लिए माफी मांगने की कोई जरूरत नहीं है। गुरुवार को अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी स्थित 'हडसन इंस्टीट्यूट' में उन्होंने 'न्यू इंडिया कॉन्फ्रेंस' के दौरान यह बातें कहीं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से 'न्यू इंडिया कॉन्फ्रेंस' में दत्तात्रेय होसबाले ने RSS को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि दशकों से एक नियोजित एजेंडे के तहत RSS को हिंदू वर्चस्ववादी, ईसाई-विरोधी, अल्पसंख्यक-विरोधी, विकास-विरोधी और आधुनिकीकरण-विरोधी बताने का नैरेटिव गढ़ा गया है। होसबाले ने स्पष्ट रूप से कहा- RSS लोगों का एक स्वैच्छिक आंदोलन है, जो भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं और सभ्यतागत मूल्यों से प्रेरित है।
हिंदू दर्शन पूरे विश्व को एक परिवार मानता है, इसलिए वर्चस्ववाद की कोई गुंजाइश नहीं है। दत्तात्रेय होसबाले ने अमेरिका के लोगों की भारत को लेकर गलतफहमियों पर भी प्रकाश डाला। RSS के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा- आम धारणा यह है कि भारत अत्यधिक आबादी वाला, झुग्गी-झोपड़ियों, गरीबी, सपेरों और साधु-संतों से भरा हुआ देश है। वास्तविकता यह है कि भारत एक प्रमुख टेक हब है और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
होसबाले ने जोर दिया कि आधुनिकता और सांस्कृतिक मूल्य एक साथ सह-अस्तित्व में रह सकते हैं। RSS के सेवा कार्यों का जिक्र करते हुए सर कार्यवाह ने बताया कि संगठन के स्वयंसेवक आपदा के समय राहत और बचाव कार्यों में सबसे आगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि RSS का मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और राष्ट्र को एकजुट बनाए रखना है।
भारत और उसके पड़ोसी देशों के बीच चल रहे तनाव पर होसबाले ने कहा कि निरंतर और व्यापक बातचीत से गलतफहमियां दूर की जा सकती हैं। अमेरिका दौरे के समापन के बाद दत्तात्रेय होसबाले 26 से 28 अप्रैल तक जर्मनी के दौरे पर जाएंगे, जहां वे विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। यह कार्यक्रम आरएसएस की वैश्विक छवि को सही रूप में प्रस्तुत करने और भारत की सकारात्मक कहानी को दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि दशकों से किसी एजेंडे के तहत यह नैरेटिव गढ़ा गया है कि RSS एक हिंदू वर्चस्ववादी संगठन है। संघ को अक्सर ईसाई-विरोधी, अल्पसंख्यक-विरोधी, विकास-विरोधी और आधुनिकीकरण-विरोधी बताकर पेश किया गया।
Published on:
25 Apr 2026 06:23 am
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
