विशेषज्ञों का कहना है कि यह व्यवस्थागत भेदभाव का हिस्सा है, जिसमें गैर-मुस्लिम महिलाओं और लड़कियों को जबरन इस्लाम अपनाने और मुस्लिम पुरुषों से शादी के लिए मजबूर किया जाता है। UN ने पाकिस्तान सरकार से तत्काल संस्थागत और कानूनी सुधार की मांग की है। इसमें पुलिस सुधार, निष्पक्ष जांच, पीड़ितों को सुरक्षा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई शामिल है। बिना किसी देरी के प्रभावी कदम उठाए जाने की जरूरत है, वरना यह मानवाधिकार उल्लंघन का सिलसिला जारी रहेगा।