राष्ट्रीय

Court News: आदेश की पालना में देरी अवमानना नहीं – सुप्रीम कोर्ट

Court News: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अदालत के आदेश के अनुपालन में देरी मात्र से कोर्ट की अवमानना नहीं मानी जाएगी।

2 min read
  Supreme Court said Delay in following orders is not contempt

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अदालत के आदेश के अनुपालन में देरी मात्र से कोर्ट की अवमानना नहीं मानी जाएगी। जानबूझकर या अवज्ञा की मंशा से अदालती आदेश की पालना नहीं की जाए, तब ही संबंधित लोगाें के खिलाफ अवमानना अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है। जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ एक आइएएस अधिकारी की अपील स्वीकार करते हुए यह टिप्पणी की।

हाई कोर्ट ने लगाया था जुर्माना

हाई कोर्ट ने जानबूझकर अदालत के आदेश की अवमानना का दोषी मानते हुए अधिकारी पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया था। अधिकारी ने आदेश की पालना में देरी की थी लेकिन हाई कोर्ट ने देरी का कारण नहीं बताने पर इसे जानबूझकर अवमानना माना था।अधिकारी की अपील पर फैसले में शीर्ष अदालत ने अवमानना अधिनियम के तहत कार्यवाही को अर्ध-न्यायिक कार्यवाही करार देते हुए कहा कि कोर्ट के आदेश की पालना में जानबूझकर व अवज्ञा की मंशा से देरी नहीं मानी जा सकती।

जजों की तरह वकीलों को भी अकादमी से ट्रेनिंग की जरूरत

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि देश में जजों की न्यायिक अकादमियों की तर्ज पर अधिवक्ताओं को भी प्रैक्टिस शुरू करने से पहले ट्रेनिंग के लिए संस्थाएं स्थापित करने की जरूरत है। जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस पंकज मिथल की बेंच ने कहा कि अन्य देशों में वकीलों के लिए प्रेक्टिस शुरू करने से पहले प्रशिक्षण अकादमियों से प्रमाणपत्र लेने की व्यवस्था है। जस्टिस त्रिवेदी ने कहा कि देश में भी बिना मान्यता प्राप्त अकादमी से प्रमाण पत्र लिए बिना वकीलों को प्रेक्टिस की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के तृणमूल कांग्रेस के विधायक माणिक भट्टाचार्य के बेटे सौविक भट्टाचार्य की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणियां कीं जब उन्होंने ट्रायल कोर्ट के स्तर पर वकीलों की कुछ खामियां देखीं।

निचली अदालत नहीं, ट्रायल कोर्ट कहें

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि छोटी अदालतों को निचली अदालत नहीं बल्कि ट्रायल कोर्ट कहें। शीर्ष अदालत ने अपनी रजिस्ट्री को निर्देश दिए कि निचली अदालत शब्द का प्रयोग बंद कर इन्हें ट्रायल कोर्ट के रूप में संदर्भित करें। ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड को भी लोअर कोर्ट रिकॉर्ड (एलसीआर) नहीं बल्कि ट्रायल कोर्ट रिकॉर्ड (TCR) के रूप में संदर्भित किया जाना चाहिए। जस्टिस अभय एस. ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने यह टिप्पणी करते हुए रजिस्ट्रार (न्यायिक) को इस आदेश पर ध्यान देने का निर्देश दिया।

Published on:
11 Feb 2024 09:12 am
Also Read
View All
NCPI के दफ्तर के बाहर तैनात हुए सेना के जवान, TMC बागी सासंदों के ज्वाइन करने के बाद बढ़ी सुरक्षा

अमेरिका-ईरान समझौते पर कांग्रेस की आई प्रतिक्रिया, भारत की अर्थव्यवस्था और विदेश नीति पर उठाए सवाल

TMC Rebellion: मिथुन चक्रवर्ती के दगा करने के बाद भी ममता बनर्जी ने नहीं लिया सबक, सितारों पर करती रहीं भरोसा, अब उन्हीं ने अंधेरे में डुबोया

‘खूनी खेल खत्म कर शांति से राजनीति करना चाहते है’, NDA को समर्थन देने पर TMC बागी सांसद ने तोड़ी चुप्पी

मोटिवेशनल स्पीकर से लेकर मैथ टीचर तक, कौन हैं NCPI के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष? TMC के 20 सांसदों ने पार्टी में किया विलय